नमस्ते दोस्तों, मेरा नाम राहुल है। मैं मुंबई में रहता हूँ, एक छोटे से फ्लैट में। उम्र 26 साल है और नौकरी एक प्राइवेट कंपनी में करता हूँ। आज मैं आपको अपनी असली कहानी सुनाने जा रहा हूँ, जो मेरी जवान गर्लफ्रेंड प्रिया के साथ हुई। प्रिया मेरी कॉलेज की दोस्त थी, लेकिन दो साल पहले हमारी दोस्ती प्यार में बदल गई। वो 22 साल की है, गोरी चमड़ी, गोल-गोल बड़े स्तन, पतली कमर और गोल-गोल गोलियां जैसी गांड। उसकी ऊंचाई पांच फीट पांच इंच है और जब वो चलती है तो उसकी गांड हिलती हुई लगती है जैसे कोई आमंत्रण दे रही हो।
हम दोनों मुंबई के एक हॉस्टल एरिया के पास मिले थे और फिर धीरे-धीरे रोमांस शुरू हुआ। पहले हम सिर्फ चूमते थे, हाथ फिराते थे, लेकिन एक बार जब उसके माता-पिता बाहर गए तो सब कुछ बदल गया। वो मेरे फ्लैट में आई थी बारिश के मौसम में। बाहर मॉनसून की बारिश जोरों से पड़ रही थी, और अंदर हम दोनों ही गरम हो चुके थे। प्रिया ने लाल रंग की टाइट टी-शर्ट पहनी थी जिससे उसके स्तन साफ दिख रहे थे, और जींस इतनी टाइट कि उसकी जांघें और गांड का शेप बिल्कुल साफ था।
जैसे ही वो अंदर आई, मैंने दरवाजा बंद किया और उसे दीवार से लगा लिया। “प्रिया, आज मैं तुझे रोक नहीं पाऊंगा,” मैंने कान में फुसफुसाया। वो मुस्कुराई और बोली, “राहुल, आज मुझे अपनी पूरी चूत चोद डालो, मैं तैयार हूँ।” हम दोनों ने एक-दूसरे को जोर से चूमना शुरू किया। मेरी जीभ उसकी जीभ से लिपट गई, लार आपस में मिल रही थी। मैंने उसकी टी-शर्ट ऊपर खींची और उसके ब्रा के हुक खोले। उसके स्तन बाहर निकल आए, गोल, बड़े, निप्पल सख्त और गुलाबी। मैंने एक स्तन मुंह में लिया और चूसने लगा, जीभ से निप्पल को घुमाया। प्रिया सिसकने लगी, “आह्ह… राहुल, और जोर से चूस, मेरा दूध निकाल ले।”
मैंने दूसरा स्तन भी चूसा, फिर नीचे उतरकर उसकी जींस खोली। अंदर पिंक कलर की पैंटी थी, जो पहले से ही गीली हो चुकी थी। मैंने पैंटी उतारी और उसकी चूत देखी – बिल्कुल गंजी, गुलाबी, और रस से चमक रही थी। मैंने अपनी उंगली उसकी चूत के फटक पर रखी और रगड़ने लगा। प्रिया की सांस तेज हो गई, “राहुल, उंगली अंदर डालो ना, मेरी चूत फड़फड़ा रही है।” मैंने एक उंगली अंदर डाली, फिर दो। उसकी चूत गर्म और तंग थी, रस निकल रहा था। मैंने उंगलियों से अंदर-बाहर करना शुरू किया, और साथ में उसके क्लिट को अंगूठे से दबाता रहा।
प्रिया चीखने लगी, “हाँ… हाँ… और तेज, मेरी चूत को फाड़ डालो!” थोड़ी देर बाद वो झड़ गई, उसका रस मेरी उंगलियों पर बह गया। मैंने वो रस चाट लिया, स्वाद खारा-मीठा था। अब बारी मेरी थी। मैंने अपनी पैंट उतारी, मेरा लंड खड़ा हो चुका था, सात इंच लंबा, मोटा, और लाल सिरा। प्रिया ने उसे हाथ में लिया, “वाह, कितना बड़ा लंड है तेरा! आज मेरी चूत फट जाएगी।” उसने मुंह में लिया, जीभ से लंड के सिरे को चाटा, फिर पूरा अंदर ले लिया। वो चूस रही थी, गले तक ले जा रही थी, लार टपक रही थी। मैं उसके बाल पकड़कर आगे-पीछे कर रहा था, “चूस प्रिया, मेरे लंड का रस पी ले।”
फिर मैंने उसे बिस्तर पर लिटाया, उसकी टांगें फैलाईं और अपना लंड उसकी चूत पर रखा। पहले सिरा घुमाया, फिर धीरे-धीरे अंदर घुसाया। प्रिया चीख पड़ी, “आह्ह… दर्द हो रहा है, लेकिन और अंदर डाल!” मैंने जोर लगाया, आधा लंड अंदर चला गया। उसकी चूत तंग थी, गर्म रस से लिपटी हुई। मैंने धीरे-धीरे पूरे लंड को अंदर घुसा दिया और धक्के मारने शुरू किए। हर धक्के पर प्रिया की गांड हिल रही थी, स्तन उछल रहे थे। “चोद मुझे, राहुल! मेरी चूत को फाड़ डाल!” वो चिल्ला रही थी।
हम पोजीशन बदलते रहे। पहले मिशनरी में चोदा, फिर डॉगी स्टाइल में। मैंने उसकी गांड पकड़ी, लंड पीछे से अंदर मारा। गांड के छेद को उंगली से दबाता रहा। प्रिया का रोना निकल रहा था, “हाँ, गांड भी चोद ले, लेकिन पहले चूत भर दे!” मैंने जोर-जोर से धक्के मारे, लंड की आवाज “छप-छप” हो रही थी। रस दोनों तरफ बह रहा था। आखिर में मैंने उसकी चूत में झड़ दिया, गरम-गरम वीर्य अंदर भर दिया। प्रिया भी झड़ गई, उसका शरीर काँप रहा था।
हम थककर गिर गए, लेकिन कुछ देर बाद फिर शुरू किया। इस बार वो मेरे ऊपर चढ़ी, लंड अपनी चूत में लिया और ऊपर-नीचे होने लगी। उसके स्तन मेरे मुंह के सामने थे, मैं चूसता रहा। पूरी रात हम चोदते रहे, हर पोजीशन में – 69, साइड में, खड़े होकर। उसकी चूत, गांड, मुंह सब कुछ इस्तेमाल किया। सुबह तक हम दोनों थक चुके थे, लेकिन संतुष्ट। प्रिया बोली, “राहुल, तू मेरा सबसे अच्छा बॉयफ्रेंड है, तेरे लंड से मैं रोज चुदना चाहती हूँ।”
ये कहानी जारी है, लेकिन आज के लिए इतना ही। हमारी रोमांस और सेक्स अभी भी चल रहा है, हर बार नया मजा।