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नया: Telugu Mamatha Aunty Hot – Hyderabad Ki Garmi Bhari Chudai

नया: Telugu Mamatha Aunty Hot – Hyderabad Ki Garmi Bhari Chudai

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नमस्ते दोस्तों, मेरा नाम रोहन है। मैं हैदराबाद में रहता हूँ, एक छोटे से फ्लैट में। उम्र मेरी २८ साल है और मैं एक प्राइवेट कंपनी में जॉब करता हूँ। ये कहानी मेरी असली जिंदगी की है, जब मेरी तेलुगु ममता आंटी मेरे घर आईं और सब कुछ बदल गया। ममता आंटी मेरी माँ की दूर की रिश्तेदार हैं, तेलुगु फैमिली से। उम्र उनकी करीब ४२ साल, लेकिन शरीर ऐसा कि कोई भी ३० साल की लगे। गोरी-चिट्टी त्वचा, मोटी-मोटी जांघें, भारी-भारी स्तन जो ब्लाउज में फटते लगते, और गोल-गोल मोटी गांड जो चलते समय लहराती थी। उनके बाल काले और लंबे, होंठ मोटे और लाल, और आँखों में वो भूख जो देखते ही समझ आ जाती।

ममता आंटी को लोग “हॉट” कहते थे। उनका नाम ही “telugu mamatha aunty hot” जैसा लगता। वो अक्सर साड़ी पहनतीं, लेकिन ब्लाउज टाइट और पीछे से खुला। जब वो झुकतीं तो उनके स्तनों की गहरी दरार दिख जाती। मैं अक्सर उनकी गांड को देखकर मस्त हो जाता। एक दिन उनकी बेटी की शादी के लिए वो हैदराबाद आईं और मेरे फ्लैट में रुक गईं क्योंकि होटल महंगा था। पहली रात ही मॉनसून की बारिश शुरू हो गई। फ्लैट छोटा था, एक ही बेडरूम। मैं सोफे पर सोने लगा लेकिन आंटी ने कहा, “रोहन बेटा, बेड पर ही सो लो, बारिश में ठंड लग जाएगी।”

रात को आंटी ने नहाकर साड़ी बदली। वो हल्की सी वेट साड़ी पहनकर आईं। कपड़ा शरीर से चिपका हुआ था। उनके स्तन साफ दिख रहे थे, निप्पल्स के निशान तक। मैं हार्ड हो गया। लंड खड़ा होकर पैंट में दर्द करने लगा। आंटी बेड पर लेटीं और बोलीं, “रोहन, तू भी आ जा।” मैं डरते-डरते उनके पास लेटा। उनकी सांसों की गर्माहट महसूस हुई। थोड़ी देर बाद आंटी ने मेरा हाथ पकड़ा और अपनी छाती पर रख दिया। “बेटा, मुझे बहुत दिनों से कोई छुआ नहीं। तू मुझे छू ले।”

मैंने हिम्मत करके उनके स्तन दबाए। वो नरम और भारी थे। आंटी सिसकने लगीं, “हाँ रोहन, और जोर से दबा। मेरी चूत गीली हो रही है।” मैंने उनका ब्लाउज खोला। दो बड़े-बड़े गोरे स्तन बाहर निकले, निप्पल्स सख्त और भूरे। मैंने एक निप्पल मुंह में लिया और चूसने लगा। आंटी चीख पड़ीं, “आह्ह्ह… चूस ले बेटा, मेरे दूध पी ले।” मैंने दूसरा स्तन भी चूसा, काटा और चाटा। आंटी का हाथ मेरे लंड पर गया। उन्होंने पैंट खोली और मेरा मोटा लंड बाहर निकाला। “अरे वाह, कितना बड़ा और मोटा है तेरा लंड! मेरी चूत फाड़ देगा ये।”

आंटी ने लंड चूसना शुरू किया। उनकी मोटी जीभ लंड के सिरे पर घुम रही थी। “चलो, मेरा मुँह चोद।” मैंने उनके बाल पकड़कर मुंह में लंड ठोंका। वो गले तक ले रही थीं। लार टपक रही थी। फिर आंटी ने साड़ी ऊपर उठाई। उनकी चूत साफ शेव की हुई, मोटी और गुलाबी। रस बह रहा था। मैंने उंगलियां डालीं। “आह्ह… उंगली और डाल, मेरी चूत फाड़।” दो उंगलियां अंदर-बाहर करने लगा। आंटी कांप रही थीं।

फिर मैंने लंड चूत पर रखा और एक जोरदार झटका मारा। लंड आधा अंदर घुस गया। आंटी चीखी, “मादरचोद, धीरे… पूरा लंड डाल!” मैंने पूरा लंड ठोक दिया। चूत गर्म और टाइट थी। मैं जोर-जोर से चोदने लगा। “तेरी चूत कितनी टाइट है आंटी, लंड फंस रहा है।” “हाँ रोहन, मेरी चूत तेरे लंड की गुलाम है। और जोर से चोद, मेरी गांड भी मार।” हम पोजीशन बदलते गए। पहले मिशनरी, फिर डॉगी स्टाइल। आंटी की मोटी गांड थपथपा रही थी। मैंने गांड पर थप्पड़ मारे, “ले, तेरी गांड लाल कर दूं।”

बारिश जोरों से पड़ रही थी। हम दोनों पसीने से तर। आंटी बोलीं, “अब मेरी गांड में डाल लंड।” मैंने थूक लगाकर गांड में लंड घुसाया। वो चीखी लेकिन मजे से, “हाँ, गांड फाड़ दे।” मैं गांड मारते-मारते उनकी चूत भी उंगलियों से फाड़ रहा था। आंटी का पहला झड़ना हुआ, चूत से रस फूटा और मेरे लंड पर बह गया। “रोहन, मैं झड़ गई… अब तू भी निकाल।” लेकिन मैंने नहीं निकाला।

हम घंटों चोदते रहे। आंटी ने ऊपर चढ़कर लंड पर बैठकर चुदाई की। उनके स्तन लहरा रहे थे। मैं उन्हें दबाता और चूसता। “मेरी रानी, तेरी चूत का रस पी लूं।” आंटी ने लंड बाहर निकाला और मेरे मुंह पर बैठ गई। मैं उनकी चूत चाटने लगा। रस मीठा और नमकीन था। “चाट ले, मेरी चूत का पानी पी ले।” फिर वापस लंड अंदर। आखिर में मैंने आंटी की चूत में झड़ दिया। गरम-गरम वीर्य भर दिया। आंटी बोलीं, “अब और मत निकाल, अंदर ही रहने दे।”

पूरी रात हम चोदते रहे। सुबह फिर नहाने के बहाने बाथरूम में एक और राउंड। आंटी ने दीवार से टेक लगाकर गांड ऊपर उठाई और बोलीं, “अब सुबह की चुदाई।” लंड फिर अंदर। पानी गिर रहा था, शरीर फिसल रहा था। हम दोनों थक गए लेकिन मस्ती पूरी नहीं हुई।

ये कहानी जारी रही कई दिनों तक। ममता आंटी हर रात मेरे लंड पर बैठतीं और चुदाई करवातीं। वो कहतीं, “तेलुगु आंटी की चूत अब तेरी है।” मैं उनकी मोटी गांड थपथपाता, स्तनों को निचोड़ता और लंड से चूत फाड़ता। कभी ऑफिस से जल्दी आकर दोपहर में चोदता। कभी रसोई में खड़े-खड़े। आंटी की चूत हमेशा गीली रहती।

एक बार उन्होंने अपनी सहेली को भी बुलाया लेकिन वो कहानी अलग है। इस telugu mamatha aunty hot ने मुझे असली मर्द बना दिया। अब जब भी बारिश होती है, याद आती है वो गर्म रातें, उनकी चूत का रस, लंड का स्वाद और गांड की थपकी।

(कहानी पूरी हुई, लेकिन यादें हमेशा ताजा।)

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