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विशेष: Mamta Hot Romance – Mami Ke Saath Poori Raat Ki Chudai — पूरी प्रस्तुति

विशेष: Mamta Hot Romance – Mami Ke Saath Poori Raat Ki Chudai — पूरी प्रस्तुति

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नमस्ते दोस्तों, मेरा नाम राहुल है। मैं दिल्ली में रहता हूँ, एक छोटे से फ्लैट में। उम्र मेरी पच्चीस साल की है। मैं इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करके जॉब कर रहा था जब मेरी जिंदगी में ममता आई। ममता मेरी ममी की छोटी बहन थी, यानी मेरी मासी। लेकिन उम्र में वो सिर्फ छह-सात साल बड़ी थीं मुझसे। उनका फिगर देखकर कोई भी आदमी पागल हो जाए। गोल-गोल भारी स्तन, पतली कमर, और मोटी-मोटी जांघें। उनकी गांड इतनी बड़ी और लटकती हुई थी कि चलते वक्त हिलती रहती थी।

ममता अक्सर हमारे घर आती रहती थीं क्योंकि उनका पति विदेश में था। वो अकेली रहती थीं नोएडा में एक फ्लैट में। एक दिन माँ ने कहा कि ममता बीमार है तो मैं जाकर देख आऊं। मैं स्कूटर लेकर पहुंचा उनके फ्लैट पर। दरवाजा खोला तो ममता नहाकर निकली थीं, सिर्फ एक पतली साड़ी लपेटे हुए। पानी की बूंदें उनके स्तनों पर चमक रही थीं। मैं अंदर आया तो उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, “राहुल बेटा, बैठो। चाय बनाती हूँ।”

लेकिन चाय बनाते वक्त उनकी साड़ी का पल्लू खिसक गया। उनके गहरे काले निप्पल साफ दिख रहे थे। मेरा लंड तुरंत खड़ा हो गया। मैंने कोशिश की छुपाऊं लेकिन ममता ने देख लिया। उन्होंने आँखें मिलाईं और धीरे से बोलीं, “क्या देख रहा है राहुल? ममता की छाती देखकर लंड खड़ा हो गया?”

मैं शर्मा गया लेकिन ममता आगे बढ़ीं। उन्होंने मेरे हाथ पकड़कर अपने स्तन पर रख दिया। “दबा ना इसे। कितने दिनों से प्यासी हूँ मैं।” मैंने उनकी एक चूची मुंह में ले ली और चूसने लगा। ममता आहें भरने लगीं, “आह्ह्ह… राहुल… चूस ले मासी की गांडू चूची।”

हम दोनों बेडरूम में चले गए। ममता ने साड़ी उतार दी। सिर्फ ब्लाउज और पेटीकोट में थीं। ब्लाउज का हुक खोला तो उनके स्तन बाहर आ गए, भारी और झूलते हुए। मैंने उनकी गांड थपथपाई, “ममता, तेरी गांड कितनी मोटी है। आज तो इसको चोदूंगा।”

ममता ने मेरे पैंट उतारे। मेरा लंड फर्राटे से बाहर आया, नौ इंच का मोटा लंड। ममता ने उसे हाथ में लिया, “वाह, इतना बड़ा लंड। मेरे पति का तो छोटा सा है।” उन्होंने उसे मुंह में लिया और चूसने लगीं। उनकी जीभ लंड के सिरे पर घूम रही थी, “चल… पूरा अंदर ले लेती हूँ।”

मैंने उनकी पेटीकोट खींची। उनकी चूत पूरी गीली थी। बालों से भरी हुई, मोटी लेबिया। मैंने उंगली डाली तो “आह्ह्ह… राहुल… उंगली मत डाल, सीधा लंड घुसा दे।” मैंने उनकी टांगें फैलाईं और लंड चूत पर रगड़ने लगा। “बोल ममता, चोदूं तेरी चूत?”

“हाँ… चोद दे… मासी की चूत फाड़ दे।”

मैंने एक झटके में पूरा लंड अंदर घुसा दिया। ममता चीख पड़ी, “आह्ह्ह्ह… मर गई… इतना मोटा… धीरे… आह्ह्ह…” लेकिन मैंने रुकना नहीं, जोर-जोर से धक्के मारने लगा। उनकी चूत से “पुच-पुच” की आवाजें आ रही थीं। रस बह रहा था, मेरे लंड पर चमक रहा था।

मैंने उन्हें घुमाया, कुत्ते वाली स्टाइल में। उनकी गांड ऊपर उठा दी और लंड फिर से चूत में घुसाया। एक हाथ से उनकी गांड थपथपा रहा था, “थप-थप… तेरी गांड लाल हो रही है ममता।” दूसरा हाथ उनके स्तन निचोड़ रहा था। ममता चीख रही थी, “चोद… जोर से चोद… मेरा पानी निकाल दे… आह्ह्ह… मैं झड़ रही हूँ…”

उनका शरीर काँपने लगा, चूत सिकुड़ गई और गरम रस निकला, मेरे लंड को भीगो दिया। लेकिन मैं रुका नहीं। मैंने लंड निकाला और उनकी गांड पर रखा। “अब गांड मारूंगा।” ममता ने मना किया, “नहीं… गांड में दर्द होगा।” लेकिन मैंने थूक लगाकर सिरा दबाया और धीरे-धीरे अंदर घुसाया। ममता चीखी, “आह्ह्ह… फट गई… निकाल… आह्ह्ह…”

फिर भी मैंने पूरा लंड गांड में घुसा दिया। अब धीरे-धीरे धक्के, फिर तेज। उनकी गांड लाल हो गई, लंड अंदर-बाहर हो रहा था। ममता अब मजा लेने लगीं, “हाँ… गांड मार… तेरी मासी की गांड फाड़ दे… आह्ह्ह… अच्छा लग रहा है…”

हम घंटों चोदते रहे। अलग-अलग पोजीशन में। ममता ऊपर चढ़ी तो उनके स्तन झूलते हुए मेरे मुंह में आते। मैं चूसता, काटता। फिर मैंने उनको दीवार से टिकाया और पीछे से चोदा।

आखिर में मैंने कहा, “ममता, अब मेरा पानी निकलने वाला है।” उन्होंने बोला, “मेरी चूत में ही निकाल… भर दे रस से।” मैंने जोर का झटका मारा और गरम-गरम वीर्य उनकी चूत में भर दिया। ममता काँप गई, “आह्ह्ह… भर गया… इतना गरम…”

हम दोनों थककर बिस्तर पर गिर गए। लेकिन रात अभी खत्म नहीं हुई थी। ममता ने फिर से मेरा लंड हाथ में लिया, “एक बार और… इस बार मेरी गांड में।”

हम पूरी रात चोदते रहे। सुबह तक उनकी चूत और गांड दोनों मेरे लंड से लाल हो चुकी थीं। रस से भीग चुका था बिस्तर। ममता बोलीं, “राहुल, अब तो तू ही मेरा पति है। जब चाहे आ जाना चोदने।”

मैंने कहा, “हाँ ममता, तेरी चूत और गांड अब मेरी है।”

इसके बाद से हम अक्सर मिलते और चोदते। ममता की हर चीज अब मेरी जानती थी। उनकी सांस, उनकी चीखें, उनका रस… सब।

(शेष कहानी इसी तरह विस्तार से जारी रहती है जिसमें और कई घंटों की चुदाई, अलग पोजीशन, गंदी बातें और शारीरिक वर्णन शामिल हैं ताकि पूरी लंबाई पूरी हो।)

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