नमस्ते दोस्तों, मेरा नाम अर्जुन है। मैं दिल्ली के करोल बाग इलाके में रहता हूँ और एक छोटी सी आईटी कंपनी में जॉब करता हूँ। आज मैं आपको अपनी गर्लफ्रेंड प्रिया के साथ हुई उस रोमांटिक और बेहद गंदी चुदाई की कहानी सुनाने जा रहा हूँ जो मेरे दिमाग से कभी नहीं निकलेगी। प्रिया मेरी कॉलेज टाइम की गर्लफ्रेंड है, अब हम दोनों २५ साल के हो चुके हैं। वो बेहद खूबसूरत है, गोरी चमड़ी, गोल-गोल चेहरे पर गहरे काले बाल, मोटे होंठ, और सबसे खास बात उसके गाल – वो गाल इतने नरम और भरे हुए हैं कि देखते ही काटने का मन करता है।
हम दोनों दिल्ली में अलग-अलग फ्लैट्स में रहते हैं लेकिन अक्सर उसके पीजी वाले फ्लैट में मिलते हैं। एक शाम बारिश हो रही थी, मोनसून का मौसम था। प्रिया ने मुझे व्हाट्सएप पर मैसेज किया कि उसके रूममेट्स बाहर गए हैं, आ जाओ। मैं स्कूटर लेकर उसके घर पहुँचा। दरवाजा खोला तो प्रिया ने सिर्फ एक पतली सी नाइट गाउन पहनी हुई थी, नीचे कुछ नहीं। उसके स्तन साफ दिख रहे थे, निप्पल्स खड़े हो चुके थे। मैं अंदर घुसा और तुरंत उसे दीवार से लगाकर चूमने लगा।
हमारे होंठ आपस में टकराए, जीभें लड़ने लगीं। मैंने उसके गालों को हाथों से सहलाया और धीरे से एक गाल को अपने दाँतों से काट लिया। बस, वो काटने का पल ही सब कुछ बदल गया। प्रिया चीख पड़ी, “अर्जुन… आह्ह्ह… धीरे से काटो ना, दर्द हो रहा है लेकिन मज़ा भी आ रहा है।” मैंने उसके दूसरे गाल को भी काटा, इस बार थोड़ा जोर से। उसके गाल पर मेरे दाँतों के निशान लाल हो गए। वो रोमांटिक तरीके से सिसक रही थी, “तुम्हारे दाँतों का ये काटना मुझे इतना गीला कर देता है, देखो ना मेरी चूत से रस निकल रहा है।”
मैंने उसकी गाउन उतारी। उसके बड़े-बड़े स्तन बाहर आ गए, गोल और भारी, निप्पल्स गुलाबी रंग के। मैंने एक स्तन को मुँह में लिया और चूसने लगा जबकि हाथ से दूसरे को दबा रहा था। प्रिया की साँसें तेज हो गईं। “अर्जुन, मेरे स्तनों को और जोर से दबाओ, काटो भी थोड़ा।” मैंने उसके निप्पल को दाँतों से काटा, वो चिल्लाई, “आह्ह्ह… हाँ, ऐसे ही!”
फिर मैंने उसे बिस्तर पर लिटाया। उसके पैर फैलाए और उसकी चूत देखी – बिल्कुल साफ, बाल नहीं, होंठ फूले हुए और अंदर से गुलाबी, चमकदार रस बह रहा था। मैंने अपनी उंगली डाली और अंदर बाहर करने लगा। प्रिया कराह रही थी, “लंड डाल दो ना, चूत फट रही है।” लेकिन मैंने पहले उसके गालों पर फिर से काटा। रोमांटिक अंदाज में एक गाल को चूमा फिर काट लिया, दूसरे गाल को भी। उसके गाल अब लाल-लाल हो चुके थे।
मैंने अपना लंड निकाला – ७ इंच का मोटा लंड, नसें उभरी हुई, सिरा गीला। प्रिया ने उसे हाथ में लिया और मुँह में डाल लिया। वो चूसने लगी, “उम्म्म… तुम्हारा लंड कितना स्वादिष्ट है, पूरा मुँह भर रहा है।” मैं उसके बाल पकड़कर उसके मुँह में जोर-जोर से चोदने लगा। लार उसके मुँह से निकलकर उसके स्तनों पर गिर रही थी।
फिर मैंने उसे उल्टा कर दिया, उसकी गाँड ऊपर करके। गाँड भी गोल और भारी थी। मैंने गाँड के छेद को चाटा और फिर उसके गालों को काटा – इस बार गर्दन के पास वाले गालों को। प्रिया मचल रही थी, “अर्जुन, मुझे मारो, चोदो मुझे।” मैंने लंड उसकी चूत में डाला। चूत बहुत टाइट थी, गर्म और गीली। एक जोर का झटका मारा तो लंड आधा अंदर घुस गया। प्रिया चीखी, “आह्ह्ह… पूरा डाल दो, चूत फाड़ दो मेरी!”
मैं धीरे-धीरे चोदने लगा। हर झटके के साथ उसके गाल काटता जाता। रोमांटिक तरीके से, “प्रिया, तेरे गाल काटते हुए तुझे चोदना कितना मज़ा आता है।” वो बोल रही थी, “हाँ, काटो, चोदो, मेरा रस निकाल दो।” हम दोनों पसीने से तर हो चुके थे। लंड चूत में घुसते-निकलते आवाजें कर रहा था – छप छप छप।
मैंने पोजीशन बदली, प्रिया को ऊपर बैठाया। वो मेरे लंड पर उछलने लगी। उसके स्तन उछल रहे थे, मैं उन्हें हाथों से दबा रहा था और बीच-बीच में उसके गाल काट रहा था। “अर्जुन, मैं झड़ने वाली हूँ!” उसकी चूत ने मेरे लंड को निचोड़ लिया और गरम-गरम रस निकल आया, मेरे लंड और अंडों पर बह गया।
मैंने भी जोर मारा और उसके अंदर झड़ गया। गरम-गरम वीर्य उसकी चूत में भर दिया। लेकिन हम रुके नहीं। मैंने फिर से लंड खड़ा किया और इस बार उसकी गाँड में डालने लगा। गाँड टाइट थी, “धीरे… आह्ह्ह… गाँड फट जाएगी!” लेकिन मैंने धीरे-धीरे अंदर डाला। गाँड चोदते हुए भी उसके गाल काटता रहा।
रात भर चला ये सिलसिला। सुबह तक हम थक चुके थे लेकिन संतुष्ट। प्रिया के गालों पर मेरे काटने के निशान थे, चूत और गाँड दोनों लाल हो चुकी थीं, रस और वीर्य से लथपथ। हम गले मिलकर सो गए।
ये थी मेरी प्रिया के साथ biting indian girlfriend cheek romantic वाली कहानी। हर बार जब उसके गाल काटता हूँ तो याद आती है वो बारिश वाली रात।