नमस्ते दोस्तों, मेरा नाम अर्जुन है। मैं मुंबई के अंधेरी इलाके में एक बड़े अपार्टमेंट कॉम्प्लेक्स में रहता हूं। उम्र मेरी 32 साल है और जॉब एक प्राइवेट कंपनी में मैनेजर की है। पिछले साल की बात है जब हमारे कॉम्प्लेक्स में नया स्विमिंग पूल बना था। रोज शाम को मैं तैरने जाता था। एक दिन अचानक मेरी नजर एक औरत पर पड़ी। उसका नाम ममता था। उम्र करीब 29 साल, शादीशुदा लेकिन पति अक्सर विदेश रहता था। ममता की बॉडी देखकर मेरा लंड तुरंत खड़ा हो जाता था। उसकी मोटी-मोटी जांघें, गोल-गोल गांड, और बड़े-बड़े स्तन स्विमसूट में ऐसे दबे हुए थे जैसे फट जाएं।
उस दिन पूल में सिर्फ हम दो ही थे। ममता ने ब्लैक कलर का टाइट वन-पीस स्विमसूट पहना हुआ था। पानी में उतरते ही उसका सूट शरीर से चिपक गया। उसके निप्पल साफ दिख रहे थे। मैंने पूल के किनारे बैठकर उसे तैरते देखा। उसकी गांड पानी में लहरा रही थी। मेरा लंड सूजकर 7 इंच का हो चुका था। ममता ने मुझे देखा और मुस्कुराई। वो मेरे पास आई और बोली, “अर्जुन भाई, पानी बहुत ठंडा है ना?” मैंने कहा, “हां ममता, लेकिन तुम्हारा शरीर देखकर तो गर्मी बढ़ रही है।” वो हंस पड़ी और बोली, “शरारती हो गए।”
फिर वो मेरे पास बैठ गई। हम बातें करने लगे। ममता ने बताया कि पति महीनों बाहर रहता है। धीरे-धीरे बातें गंदी होने लगीं। मैंने कहा, “ममता, तुम्हारी ये मोटी चूत पूल में कितनी गीली लग रही है।” वो शरमा गई लेकिन बोली, “अर्जुन, तुम्हारा लंड तैरते-तैरते खड़ा हो गया है क्या?” मैंने उसका हाथ पकड़कर अपने लंड पर रख दिया। वो सांस रोककर बोली, “वाह, कितना मोटा और गरम है।”
मैंने ममता को खींचकर पूल के किनारे ले गया जहां पानी कम था। उसका स्विमसूट उतार दिया। उसके स्तन बाहर निकल आए। बड़े, गोल, और काले निप्पल। मैंने एक स्तन मुंह में लिया और चूसने लगा। ममता चीख पड़ी, “आह्ह्ह अर्जुन, चूसो और जोर से, मेरी चूत में आग लग रही है।” मैंने दूसरे स्तन को हाथ से दबाया। उसके निप्पल से दूध जैसा रस निकल रहा था। ममता ने मेरे लंड को हाथ में लिया और ऊपर-नीचे करने लगी। “तुम्हारा लंड देखकर मेरी चूत पानी छोड़ रही है,” वो बोली।
मैंने ममता को पूल के किनारे लिटा दिया। उसकी टांगें खोलीं। उसकी चूत साफ शेव की हुई थी, मोटी और गुलाबी। पानी और उसके रस से पूरी गीली। मैंने अपनी जीभ उसकी चूत पर फेर दी। ममता चीखी, “हां अर्जुन, मेरी चूत चाटो, जिह्वा अंदर डालो!” मैंने उसकी चूत के होठों को चूमा, फिर अंदर जीभ घुसाई। उसका क्लिट फूल गया था। मैं चूसता रहा और उंगलियां अंदर डालकर हिलाने लगा। ममता का शरीर कांप रहा था। “ओह्ह्ह, मैं झड़ने वाली हूं,” वो चीखी और उसके चूत से गर्म-गर्म रस निकला। मैंने सब पी लिया।
अब ममता ने मेरे लंड को मुंह में लिया। वो चूसने लगी जैसे आइसक्रीम चूस रही हो। “तेरा लंड बहुत स्वादिष्ट है,” वो बोली और गले तक ले गई। थूक से लंड चमक रहा था। मैंने उसके बाल पकड़कर मुंह चोदने लगा। “ले ममता, मेरा लंड चूस, तेरी गर्म चूत के लिए तैयार कर,” मैं बोलता रहा।
फिर मैंने ममता को कुत्ते वाली पोज में कर दिया। पूल के किनारे उसकी गांड ऊपर। मैंने लंड उसकी चूत पर रगड़ा। “डालो अंदर, मुझे चोदो,” ममता चिल्लाई। मैंने एक जोरदार झटका मारा। मेरा लंड उसकी गीली चूत में घुस गया। “आह्ह्ह, कितना मोटा है, फाड़ देगी मेरी चूत,” वो चीखी। मैं जोर-जोर से चोदने लगा। थप-थप की आवाज पूल में गूंज रही थी। ममता की गांड लाल हो रही थी। मैंने उसकी गांड पर थप्पड़ मारे। “ले रंडी, मेरी चूत की मालकिन,” मैं बोलता रहा।
हमने पोज बदल ली। ममता मेरे ऊपर बैठ गई। उसकी चूत में लंड डालकर वो ऊपर-नीचे होने लगी। उसके स्तन उछल रहे थे। मैंने उन्हें दबाया और चूसा। ममता चीख रही थी, “अर्जुन, मेरी चूत फट रही है, और जोर से चोद!” हम दोनों पसीने से तर हो गए थे। पानी और पसीने का मिश्रण।
मैंने ममता को उठाकर दीवार से टिका दिया। उसके पैर मेरी कमर में लपेटे। लंड फिर से चूत में घुसा। मैं जोर-जोर से धक्के मार रहा था। ममता का चेहरा लाल, आंखें बंद। “मैं झड़ रही हूं,” वो चीखी और उसकी चूत ने मेरे लंड को निचोड़ लिया। मैं भी रुक नहीं सका। “ले ममता, मेरा गरम रस तेरी चूत में भरता हूं,” मैंने जोर से झटका मारा और लंड के अंदर से गाढ़ा-गाढ़ा वीर्य निकलकर उसकी चूत भर गया।
हम दोनों थककर पूल के किनारे लेट गए। ममता ने कहा, “अर्जुन, ये स्विमिंग सीन अब रोज का हो जाएगा।” हमने अगले हफ्ते फिर मिलकर और भी गंदी चुदाई की, लेकिन वो कहानी अगली बार।