नमस्ते दोस्तों, मेरा नाम राहुल है। मैं दिल्ली में रहता हूँ, एक छोटे से फ्लैट में। आज प्रिया का बर्थडे है, मेरी गर्लफ्रेंड। वो 22 साल की है, गोरी, गोल-गोल स्तन, मोटी गोल गांड और एकदम टाइट चूत वाली लड़की। हम दोनों दो साल से साथ हैं। आज मैंने सोचा कि उसे एक ऐसा बर्थडे गिफ्ट दूं जो वो कभी भूल न सके। सुबह से ही मेरे दिमाग में सिर्फ यही चल रहा था कि आज रात उसे अच्छे से चोदूं, उसकी चूत फाड़ दूं, गांड चाटूं और पूरा रस निकाल लूं।
प्रिया मेरे फ्लैट में रहने आ गई थी क्योंकि उसके घर वाले बाहर गए थे। शाम को मैंने केक लाया, फूल और एक छोटा सा बॉक्स जिसमें लाल रंग की सेक्सी लिंगरी थी। प्रिया ने बॉक्स खोला तो शरमा गई। “राहुल, ये क्या है? इतनी गंदी चीज?” वो बोली। मैंने उसे खींचकर अपनी गोद में बैठा लिया। “ये तेरा बर्थडे गिफ्ट है बेबी, आज रात तू ये पहन के मेरे सामने नाचना।” उसकी सांसें तेज हो गईं। मैंने उसके होंठों पर किस किया, जीभ अंदर डाली और चूसने लगा।
धीरे-धीरे मैंने उसकी टीशर्ट ऊपर की। उसके स्तन ब्रा से बाहर निकल आए, गोल और भारी, निप्पल्स सख्त हो चुके थे। मैंने एक स्तन मुंह में लिया और चूसने लगा, दूसरा हाथ से दबा रहा था। प्रिया सिसकने लगी, “आह्ह… राहुल, धीरे… मम्मी… नहीं, आज तो पूरा माल ले ले।” मैंने उसकी ब्रा उतारी और दोनों स्तनों को जोर से निचोड़ा। दूध जैसा सफेद रंग, नरम मांस। फिर मैंने उसकी जींस खोली। अंदर पैंटी गीली हो चुकी थी। “अरे वाह, चूत पहले से ही बह रही है।” मैंने पैंटी उतारी और उसकी चूत चाटनी शुरू कर दी।
चूत गुलाबी, बाल कटे हुए, लेबिया फूली हुई। मैंने जीभ से क्लिटोरिस चाटा, फिर अंदर जीभ डाली। प्रिया चीखने लगी, “हाँ राहुल, चूत चाट, पूरा रस पी ले।” मैंने दो उंगलियां अंदर डालीं और तेजी से आंदोलन किया। उसका पहला ऑर्गेज्म आ गया, चूत से गर्म रस निकला जो मैंने पी लिया।
अब बारी मेरे लंड की थी। मैंने अपनी पैंट उतारी। लंड खड़ा हो चुका था, 7 इंच लंबा, मोटा, नसें उभरी हुई। प्रिया ने उसे हाथ में लिया, “कितना बड़ा है आज।” उसने मुंह में लिया और चूसने लगी। जीभ से लंड की नोक चाटती, अंडकोष चूसती। “चूस बेबी, पूरा लंड गले तक ले।” मैंने उसके बाल पकड़कर मुंह में ठेला। थूक निकल रहा था, उसकी आंखों से आंसू आ गए लेकिन वो रुक नहीं रही थी।
फिर मैंने उसे बेड पर लिटाया। उसकी टांगें फैलाईं और लंड चूत पर रखा। “राहुल, डाल दे, मुझे चोद।” मैंने एक झटके में आधा लंड अंदर डाल दिया। “आह्ह्ह… दर्द हो रहा है!” प्रिया चिल्लाई। मैंने धीरे-धीरे पूरा लंड अंदर घुसाया। चूत टाइट थी, गर्म, रस से भरी। मैंने जोर-जोर से चोदना शुरू किया। “थप थप” की आवाजें आ रही थीं। उसके स्तन उछल रहे थे। मैं झुककर निप्पल चूसता, फिर उसकी गर्दन काटता।
पहला राउंड 15 मिनट चला। मैंने अंदर ही झड़ गया, गरम वीर्य उसकी चूत में भर दिया। प्रिया का दूसरा ऑर्गेज्म आ गया। “मेरा हो गया राहुल, पूरा भर दिया तूने।”
थोड़ी देर बाद मैंने उसे कुत्ते की तरह करवट दी। गांड ऊपर करके। “अब गांड मारूंगा।” प्रिया ने मना किया, “नहीं, दर्द होगा।” लेकिन मैंने उसकी गांड चाटी, जीभ डाली। फिर लंड पर थूक लगाकर गांड में घुसाने लगा। धीरे-धीरे सिरा अंदर गया। प्रिया रोने लगी, “आह्ह… फट रही है गांड!” लेकिन 10 मिनट बाद वो भी मजा लेने लगी। “चोद मेरी गांड, पूरा लंड डाल।” मैंने जोर से ठोका। गांड लाल हो गई, लंड और चूत का मिश्रण निकल रहा था।
हमने अगले घंटे तक अलग-अलग पोजीशन में चोदा। मिशनरी में, वो ऊपर बैठकर, दीवार से टिकाकर। हर बार मैं उसकी चूत, गांड, मुंह सब इस्तेमाल करता। प्रिया बार-बार चीखती, “और जोर से, मुझे अपनी रखैल बना ले।” आखिर में हम दोनों थक गए। लंड से आखिरी बूंद तक वीर्य निकाल दिया मैंने उसकी चूत में।
प्रिया ने मुझे किस किया, “ये सबसे बेस्ट बर्थडे गिफ्ट था।” हम नंगे सो गए, अगली सुबह फिर शुरू करने का प्लान बनाते हुए।
(कहानी यहीं खत्म नहीं होती, दोस्तों। पूरी रात हमने 5 बार चोदा। हर बार नई पोजीशन, नया मजा। प्रिया की चूत सूज गई थी लेकिन वो और मांग रही थी। दिल्ली की रात, हमारे फ्लैट में सिर्फ चुदाई की आवाजें गूंज रही थीं। ये मेरा सबसे यादगार बर्थडे गिफ्ट रहा।)