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चुनिंदा: Romantic Indian GF Sex – Barsaat Mein Ananya Ke Saath

चुनिंदा: Romantic Indian GF Sex – Barsaat Mein Ananya Ke Saath

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नमस्ते दोस्तों, मेरा नाम राहुल है। मैं मुंबई के अंधेरी इलाके में एक छोटे से फ्लैट में रहता हूं। उम्र मेरी पच्चीस साल है और नौकरी प्राइवेट कंपनी में करता हूं। आज मैं आपको अपनी गर्लफ्रेंड अनन्या के साथ की उस रात की कहानी सुनाता हूं जो मेरे लिए सबसे रोमांटिक और गंदी वाली थी। अनन्या मेरी कॉलेज की दोस्त थी, लेकिन दो साल पहले हमने रिलेशनशिप शुरू की। वो बहुत सुंदर है, गोरी चमड़ी, बड़ी-बड़ी आंखें, मोटे होंठ और शरीर में हर जगह सही जगह पर मांस। उसके स्तन इतने बड़े और गोल हैं कि छूने पर हाथ भर जाते हैं। उसकी गांड भी गोल और भारी है, जिसे देखकर लंड खुद खड़ा हो जाता है।

वो शाम को मेरे फ्लैट आई थी। बाहर मॉनसून की बारिश जोरों से हो रही थी। अनन्या ने नीला सूट पहना हुआ था, जिसके नीचे से उसके ब्रा का स्ट्रैप साफ दिख रहा था। हम दोनों सोफे पर बैठे चाय पी रहे थे। बातें करते-करते हमारी आंखें मिलीं और अचानक हम चूमने लगे। उसके होंठ नरम और गर्म थे। मैंने उसकी जीभ को चूस लिया और वो भी मेरी जीभ को चूसने लगी। चुम्बन गहरा हो गया। मेरे हाथ उसके स्तनों पर चले गए। सूट के ऊपर से ही मैंने उन्हें दबाना शुरू किया। अनन्या ने सांस ली और बोली, “राहुल, आज बहुत मस्त लग रहा है। बारिश की आवाज में चोदना मुझे।”

मैंने उसका सूट ऊपर खींचा और ब्रा के हुक खोले। उसके स्तन बाहर निकल आए, बड़े, गोल और निप्पल सख्त हो चुके थे। मैंने एक निप्पल मुंह में लिया और चूसने लगा। दूसरा हाथ से मसल रहा था। अनन्या की सांसें तेज हो गईं। वो बोली, “अरे हां, ऐसे ही चूस, मेरी चूचियां तेरे मुंह में फिट हो गईं।” मैंने उन्हें और जोर से चूसा, दांतों से हल्का काटा। उसकी चूत पहले से ही गीली हो चुकी थी, सूट की पैंट पर हल्का सा धब्बा दिख रहा था।

मैंने उसे उठाकर बेडरूम में ले गया। बिस्तर पर लिटाया और उसके सूट और पैंट दोनों उतार दिए। वो सिर्फ पैंटी में थी, जो पहले से ही उसके रस से भीग चुकी थी। मैंने पैंटी को एक तरफ खींचा और उसकी चूत देखी। गुलाबी, फूली हुई और बाल बिल्कुल साफ। ऊपर से क्लिट उभरी हुई थी। मैंने उंगली लगाई तो चिकना रस निकला। अनन्या ने आंखें बंद कर लीं और बोली, “राहुल, मेरी चूत चाटो, जल्दी।” मैं उसके पैर फैलाकर बीच में बैठ गया और जीभ से उसकी चूत चाटने लगा। ऊपर से नीचे तक, क्लिट को चूसते हुए। उसका स्वाद नमकीन और मीठा था। वो चीखने लगी, “आह्ह्ह, हां, चाटो मेरी गंदी चूत को, और गहराई से जीभ डालो।” मैंने जीभ अंदर डाली और अंदर-बाहर करने लगा। उसके कूल्हे उछल रहे थे।

फिर मैंने अपनी पैंट उतारी। मेरा लंड पहले से ही सख्त और सात इंच लंबा खड़ा था। उसकी नसें फूल रही थीं और सिरे पर पानी निकल रहा था। अनन्या ने उसे हाथ में लिया और बोली, “वाह, कितना मोटा लंड है तेरा। आज मेरी चूत फाड़ देगा।” उसने मुंह में लिया और चूसने लगी। उसकी जीभ लंड के नीचे घुम रही थी। वो गले तक ले जा रही थी और लार टपक रही थी। मैं उसके बाल पकड़कर उसके मुंह में चोदने लगा। “ले, मेरी रांड, और गहराई से चूस।” वो गले से आवाज निकालते हुए चूस रही थी।

थोड़ी देर बाद मैंने उसे पीठ के बल लिटाया। उसके पैर कंधों पर रखे और लंड उसकी चूत के मुंह पर रखा। धीरे से दबाया तो सिरा अंदर घुस गया। अनन्या चीख पड़ी, “आह्ह्ह, मोटा लग रहा है। धीरे से घुसा।” मैंने एक जोरदार झटका मारा और पूरा लंड अंदर चला गया। उसकी चूत गर्म, गीली और कसी हुई थी। मैं अंदर-बाहर करने लगा। हर झटके के साथ उसकी चूत से चप-चप की आवाज आ रही थी। “चोदो मुझे, राहुल, मेरी चूत फाड़ दो।” मैं तेजी से चोद रहा था। उसके स्तन उछल रहे थे। मैंने उन्हें हाथ में लेकर दबाया और निप्पलों को उंगलियों से मरोड़ा।

हम पोजीशन बदलते गए। पहले वो ऊपर आई। उसने मेरा लंड पकड़कर अपनी चूत में उतारा और ऊपर-नीचे होने लगी। उसकी गांड मेरे हाथों में थी। मैं उसकी गांड के गालों को चीरते हुए नीचे से ऊपर धक्का लगा रहा था। “अनन्या, तेरी गांड कितनी नरम है।” वो बोली, “हां, अब मेरी गांड भी मारना।” लेकिन पहले हमने चूत पर फोकस किया। वो तेजी से कूद रही थी, उसकी चूत से रस निकलकर मेरे लंड पर बह रहा था।

फिर मैंने उसे कुत्ते वाली पोजीशन में कर दिया। पीछे से लंड घुसाया। अब और गहराई तक जा रहा था। एक हाथ से उसके बाल पकड़े, दूसरा हाथ उसकी गांड पर मार रहा था। थप्पड़ की आवाज और उसकी चीखें, “मारो, और जोर से मारो, मेरी चूत तेरे लंड की गुलाम है।” मैंने रफ चोदना शुरू किया। हर धक्के से उसकी गांड हिल रही थी। पसीना दोनों के शरीर पर चमक रहा था। बारिश की आवाज बाहर और अंदर हमारी सांसें और चूत-लंड की टकराहट।

हमने दो घंटे तक चोदा। मैंने उसकी चूत में झाड़ दिया। गरम-गरम वीर्य अंदर भर दिया। अनन्या कांप रही थी ऑर्गेज्म से। फिर थोड़ी देर आराम करके हमने फिर शुरू किया। इस बार उसने मुझे मुंह में लिया और सारा वीर्य पी लिया। उसके बाद हमने शावर में सेक्स किया, जहां पानी गिरते हुए मैंने उसे दीवार से टिका कर चोदा। उसकी चूत फिर से रस से भर गई।

आखिर में हम थककर बिस्तर पर गिर पड़े। अनन्या मेरी बाहों में थी, दोनों नंगे। उसने कहा, “राहुल, ये रात कभी भूल नहीं पाऊंगी। तेरे लंड ने मेरी चूत को पूरी तरह संतुष्ट कर दिया।” मैंने उसे चूमा और बोला, “अगली बार तेरी गांड भी मारूंगा।” वो मुस्कुराई। बाहर बारिश रुक गई थी लेकिन हमारे शरीर अभी भी गर्म थे। ये थी हमारी वो रोमांटिक लेकिन बेहद गंदी वाली रात।

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