नमस्ते दोस्तों, मेरा नाम नितिक है। मैं दिल्ली में एक सॉफ्टवेयर कंपनी में जॉब करता हूँ। उम्र 28 साल की है। एक दिन फेसबुक पर स्क्रॉल करते हुए अक्षरा नाम की लड़की की प्रोफाइल देखी। उसकी फोटो में वो ब्लैक टॉप में थी, उसके बड़े-बड़े स्तन साफ दिख रहे थे और होंठों पर एक naughty सी smile। मैंने रिक्वेस्ट भेज दी। अगले दिन ही accept हो गई। चैट शुरू हुई। पहले normal बातें, फिर धीरे-धीरे dirty हो गई। अक्षरा भी 26 साल की थी, गुरुग्राम में रहती थी। वो बोली, “नितिक, तुम्हारी बातें सुनकर मेरी चूत गीली हो रही है।” मैंने तुरंत रिप्लाई किया, “अक्षरा, तेरी गांड और चूत की तस्वीर भेज, मैं अपना लंड दिखाता हूँ।”
ऐसे ही चैटिंग बढ़ती गई। हम दोनों को सेक्स की बातें पसंद थीं। एक हफ्ते बाद अक्षरा ने कहा, “नितिक, मिलते हैं ना? मेरे फ्लैट पर आ जा।” मैंने हाँ कर दी। अगले शनिवार को मैं उसके गुरुग्राम वाले फ्लैट पर पहुँच गया। अक्षरा ने दरवाजा खोला। वो शॉर्ट्स और टाइट टॉप में थी। उसके स्तन टॉप को फाड़ते लग रहे थे। हम अंदर आए। बातें शुरू हुईं। थोड़ी देर में ही हम दोनों गर्म हो गए।
अक्षरा ने कहा, “नितिक, मेरा लंड चूस।” मैंने उसका टॉप उतारा। उसके ब्रा के अंदर से मोटे, गोल स्तन बाहर आए। निप्पल सख्त हो चुके थे। मैंने एक निप्पल मुंह में लिया और चूसने लगा। अक्षरा चीखने लगी, “आह्ह्ह नितिक, और जोर से चूस, मेरी चूत से रस निकल रहा है।” मैंने दूसरा स्तन भी चूसा। फिर उसका शॉर्ट्स उतारा। अंदर पैंटी गीली थी। मैंने पैंटी खींची और उसकी चूत देखी। बालों वाली, मोटी चूत, लेबिया फूली हुई और चमकदार रस से तर। मैंने अपनी उंगली डाली। अक्षरा का शरीर काँप उठा। “नितिक, उंगली और अंदर डाल, मेरी चूत फाड़ दे।”
मैंने अपनी पैंट उतारी। मेरा लंड खड़ा हो चुका था, 7 इंच का मोटा लंड। अक्षरा ने उसे हाथ में लिया और बोली, “कितना बड़ा लंड है यार, आज मेरी चूत और गांड दोनों फाड़ दोगे।” उसने लंड मुंह में लिया। जीभ से चाटते हुए चूसने लगी। “उम्म्म्म, नमकिन स्वाद है तेरे लंड का।” मैं उसके बाल पकड़कर मुंह में ठेलने लगा। “ले अक्षरा, पूरा लंड गले तक ले।” वो गला दबाकर चूस रही थी। लार टपक रही थी।
फिर मैंने उसे बेड पर लिटाया। उसकी टांगें फैलाईं। चूत के पास मुंह लगाया। जीभ से चाटने लगा। “आह्ह्ह, नितिक, तेरी जीभ मेरी चूत में आग लगा रही है।” मैंने क्लिट चूसा और उंगली अंदर डाली। अक्षरा चीख रही थी, “चोद मुझे, अपना लंड मेरी चूत में घुसा दे।” मैंने लंड उसके चूत के मुंह पर रखा और एक झटके में आधा घुसा दिया। “आह्ह्ह माँ, इतना मोटा लंड, मेरी चूत फट रही है।” मैं धीरे-धीरे धक्के मारने लगा। “ले, अक्षरा, पूरा लंड ले। तेरी चूत कितनी गर्म और गीली है।”
हम दोनों पसीने से तर हो गए। मैंने उसके स्तन दबाते हुए जोर-जोर से चोदना शुरू किया। “चोद, चोद, मेरी चूत को फाड़ दे नितिक।” अक्षरा की चीखें बढ़ रही थीं। मैंने पोजीशन बदली। वो ऊपर आई। मेरे लंड पर बैठकर ऊपर-नीचे होने लगी। उसके स्तन उछल रहे थे। मैं उन्हें हाथों में लेकर दबा रहा था। “नितिक, तेरे लंड से मेरा रस निकल रहा है।” उसकी चूत से सफेद रस बह रहा था।
फिर मैंने उसे कुत्ते वाली पोजीशन में कर दिया। गांड ऊपर करके। मैंने लंड उसकी चूत में डाला और जोर से धक्के मारने लगा। “आह्ह्ह, गांड भी मार, नितिक।” मैंने लंड निकाला और थूक लगाकर गांड में डालने की कोशिश की। पहले सिरा घुसा। अक्षरा चीख पड़ी, “दर्द हो रहा है, लेकिन और अंदर डाल।” धीरे-धीरे पूरा लंड गांड में घुस गया। मैं गांड मारने लगा। “ले, तेरी गांड भी फाड़ दी।”
हम तीन घंटे तक चोदते रहे। अलग-अलग पोजीशन में। एक बार वो मेरे ऊपर, फिर मैं उसके ऊपर। अंत में मैंने उसके मुंह में लंड डालकर झड़ गया। अक्षरा ने सारा वीर्य पी लिया। “कितना स्वादिष्ट है, नितिक।”
उसके बाद हम नहाए। फिर दोबारा चोदाई शुरू हुई। अक्षरा ने कहा, “नितिक, अगली बार भी आना। मेरी चूत तेरे लंड की दीवानी हो गई है।” हम दोनों थककर सो गए। सुबह फिर एक राउंड चोदा।
(यह कहानी आगे बढ़ती है। अक्षरा और मैं फेसबुक से मिले, लेकिन असली मजा उसकी चूत और गांड में था। हर हफ्ते मिलते, नई-नई पोजीशन आजमाते। एक बार ऑफिस के बाद सीधा उसके फ्लैट पर, बारिश में गीले कपड़े उतारकर चोदाई। अक्षरा की चूत हमेशा तैयार रहती। वो बोला करती, “नितिक, अपना मोटा लंड मेरी चूत में घुसा, रस निकाल दे।” मैं उसकी गांड थपथपाता, स्तन चूसता, और लंड घुसाता। लंबी चोदाई, बार-बार झड़ना, मुंह में लेना, सब कुछ। दिल्ली की गर्मी में हम दोनों पसीना-पसीना होकर चोदते। अक्षरा की चीखें पूरी फ्लैट में गूंजतीं। “चोदो मुझे, फाड़ दो मेरी चूत को।” ऐसे ही हमारे फेसबुक वाले रिश्ते ने हमें असली सेक्स का मजा दिया। हर मुलाकात नई उत्तेजना लाती। अक्षरा ने बाद में बताया कि वो भी लंड की भूखी थी। हम दोनों की भूख एक-दूसरे से पूरी हुई।)
(कहानी का अंत संतोषजनक है। अक्षरा और नितिक नियमित मिलते रहे, गंदी बातें करते, चोदते और खुश रहते।)