नमस्ते दोस्तों, मेरा नाम नटिक है। साल 2011 की बात है जब स्टार परिवार अवॉर्ड्स हो रहे थे। मैं और मेरी बीवी अक्षरा दोनों ही शो की वजह से वहाँ पहुँचे थे। अक्षरा उस वक्त बेहद खूबसूरत लग रही थी, उसकी साड़ी उसके शरीर पर चिपकी हुई थी और उसकी बड़ी-बड़ी गांड हिल रही थी। मैं खुद कंट्रोल नहीं कर पा रहा था। अवॉर्ड्स खत्म होने के बाद हम होटल के कमरे में लौटे। दरवाजा बंद करते ही मैंने अक्षरा को दीवार से लगाकर चूम लिया।
“नटिक, धीरे… कोई देख लेगा,” अक्षरा ने फुसफुसाया लेकिन उसकी आँखों में चमक थी। मैंने उसकी साड़ी का पल्लू खींचा और उसकी भारी छातियों को हाथों में भर लिया। अक्षरा की चूचियाँ इतनी नरम और भरी हुई थीं कि दबाने से उँगलियाँ डूब जाती थीं। मैंने उसका ब्लाउज फाड़ते हुए कहा, “आज तो तेरी चूत फाड़ दूंगा अक्षरा, स्टार परिवार में इतनी हॉट लग रही थी कि लंड खड़ा हो गया था।”
अक्षरा हँसी और मेरी पैंट का जिप खोलकर मेरा मोटा लंड बाहर निकाल लिया। “वाह नटिक, इतना सख्त! चूसूँ क्या?” उसने घुटनों के बल बैठकर मेरा लंड मुँह में ले लिया। उसकी गर्म साँस और गीली जीभ ने मेरा लंड चाटते हुए ऊपर-नीचे किया। मैं उसके बाल पकड़कर धक्के मारने लगा, “हाँ चूस ले मेरी रंडी, पूरा गला भर ले।” अक्षरा का मुँह लार से भर गया और लंड की नसें फूल रही थीं।
कुछ देर बाद मैंने उसे बिस्तर पर लिटाया। साड़ी पूरी उतार दी, अब वो सिर्फ पेटीकोट और ब्लाउज में थी। मैंने पेटीकोट का नाड़ा खोला और उसकी चिकनी जांघों को चूमते हुए ऊपर बढ़ा। अक्षरा की चूत पहले से ही गीली टपक रही थी। मैंने उँगली डाली तो “आह्ह… नटिक, अंदर डाल ना” की आवाज निकली। उसकी चूत के बाल हल्के थे और गुलाबी होंठ फूल चुके थे। मैंने जीभ से चाटना शुरू किया, चूत का रस पीते हुए। अक्षरा चीख रही थी, “ओह्ह माँ, तेरी जीभ से मेरा पानी निकल रहा है!”
फिर मैं ऊपर आया और उसकी चूत पर लंड रगड़ने लगा। “बोल, चोदूँ तुझे?” अक्षरा ने कमर उठाकर कहा, “हाँ नटिक, अपनी बीवी की चूत में लंड घुसा दे, फाड़ दे इसे!” मैंने एक जोरदार झटका मारा और लंड आधा अंदर चला गया। अक्षरा की चूत बहुत टाइट थी, जैसे कस के पकड़ रही हो। मैं धीरे-धीरे पूरा लंड अंदर घुसा दिया और जोर-जोर से चोदने लगा। “थप थप” की आवाजें कमरे में गूँज रही थीं। अक्षरा के स्तन उछल रहे थे, मैं उनको मसलता और चूसता रहा।
हम पोजीशन बदलते गए। पहले मिशनरी, फिर अक्षरा ऊपर आई और मेरे लंड पर चढ़कर घोड़ी बन गई। उसकी गांड मेरे सामने हिल रही थी, मैंने उसकी गांड के दोनों हिस्से पकड़कर और जोर से नीचे खींचा। “अक्षरा तेरी गांड भी मारूँ क्या?” उसने सिर हिलाया, “पहले चूत भर ले, बाद में गांड फाड़ना।” हम घंटों चोदते रहे। अक्षरा कई बार झड़ चुकी थी, उसकी चूत का रस मेरे लंड और बिस्तर पर फैल चुका था।
अंत में मैंने उसे कुत्ते वाली स्टाइल में करवाया। गांड ऊपर करके, मैं पीछे से लंड डालकर जोर-जोर से धक्के मार रहा था। अक्षरा की चीखें “आह्ह नटिक, और जोर से, मेरी चूत फट रही है!” से भर गईं। मैंने उसकी कमर पकड़कर अंतिम झटके मारे और गरम-गरम वीर्य उसकी चूत के अंदर छोड़ दिया। अक्षरा भी एक साथ झड़ गई, उसका शरीर काँप रहा था।
हम दोनों पसीने से तर होकर गिर पड़े। लेकिन रात अभी खत्म नहीं हुई थी। थोड़ी देर बाद अक्षरा ने फिर मेरा लंड हाथ में लिया और कहा, “एक बार गांड भी मार ले नटिक, स्टार परिवार के बाद ये मौका बार-बार नहीं मिलेगा।” मैं तैयार हो गया। थूक लगाकर उसकी गांड में लंड डाला। अक्षरा दर्द से चीखी लेकिन फिर मजे लेने लगी। “हाँ, गांड फाड़ दे, मैं तेरी पूरी रंडी हूँ!” हम पूरी रात चोदते रहे, अलग-अलग पोजीशन में, चूत, गांड, मुँह सब इस्तेमाल करते हुए। सुबह तक अक्षरा की चूत और गांड दोनों लाल हो चुकी थीं और मेरे लंड पर सूखा वीर्य लगा था।
ये थी हमारी स्टार परिवार 2011 की याद, जो आज भी मुझे हॉट कर देती है।