नमस्ते दोस्तों, मेरा नाम राहुल है। मैं दिल्ली में एक छोटी सी जॉब करता हूँ, लेकिन असली कहानी शुरू होती है जब मैं अपनी छोटी सी छुट्टियों में अपने गाँव गया। गाँव का नाम था बुलंदशहर के पास एक छोटा सा कस्बा, जहाँ हर तरफ खेत और पुरानी हवेलियाँ थीं। वहाँ मेरी माँ के रिश्तेदार रहते थे। एक शाम मैं बाजार गया तो मेरी नजर एक लड़की पर पड़ी। उसका नाम था प्रिया। वो छोटे कस्बे की लड़की थी, लेकिन उसके चेहरे पर रोमांस मूवीज वाली चमक थी। वो अक्सर पुरानी बॉलीवुड रोमांस फिल्में देखती रहती थी, जैसे DDLJ या KKHH। मैंने सुना कि वो अक्सर वीडियो हॉल में अकेले बैठकर रोमांटिक सीन देखती थी।
मैंने उससे बात शुरू की। वो शर्मा गई लेकिन धीरे धीरे खुल गई। प्रिया की उम्र करीब 22 साल थी, छोटा कद, गोल-गोल चेहरा, भरे हुए स्तन जो उसकी सलवार सूट में फिट होकर उभर रहे थे। उसकी कमर पतली थी और गांड थोड़ी भारी, जैसे कोई गांव की ताजा फसल। हमने दोस्ती शुरू की। एक दिन उसने कहा, “राहुल, मुझे रोमांस मूवीज बहुत पसंद हैं, लेकिन असली वाला रोमांस कभी नहीं मिला।” मैंने मुस्कुराते हुए कहा, “आज शाम मेरे कमरे में आ, हम साथ में फिल्म देखेंगे।” वो मान गई।
शाम को वो आई। मेरे कमरे में सिर्फ एक पंखा चल रहा था, बाहर बारिश की फुहारें पड़ रही थीं। हमने एक पुरानी रोमांस मूवी लगाई। स्क्रीन पर हीरोइन को हीरो छू रहा था, प्रिया पास बैठी थी। उसकी सांसें तेज हो रही थीं। मैंने धीरे से उसका हाथ पकड़ा। वो मुड़ी और मेरी आँखों में देखा। “राहुल, ये मूवी देखते देखते मुझे कुछ और ही महसूस हो रहा है।” मैंने कहा, “क्या महसूस हो रहा है प्रिया?” वो शरमा कर बोली, “मेरी चूत में गर्मी हो रही है।”
मैंने बिना समय गंवाए उसे अपनी तरफ खींच लिया। उसके होंठों पर अपना मुंह रखा और जोर से चूमने लगा। उसकी जीभ मेरी जीभ से लिपट गई। मैंने उसके स्तनों को हाथ में लिया। वो इतने नरम और भरे हुए थे कि दोनों हाथों में समा नहीं रहे थे। मैंने उसकी सूट ऊपर खींची और ब्रा के ऊपर से ही उसके निप्पल चूसने लगा। प्रिया सिसकारियाँ लेने लगी, “आह्ह्ह राहुल, चूसो जोर से, मेरे स्तन दर्द कर रहे हैं।” मैंने ब्रा खोली। उसके गुलाबी निप्पल खड़े हो चुके थे। मैं एक को मुंह में लेकर चूसता, दूसरे को उंगलियों से मसलता। प्रिया की सांसें भारी हो गईं।
फिर मैंने उसकी पैंट नीचे उतारी। उसकी चूत पर हल्का सा बाल थे, और वो पहले से ही गीली हो चुकी थी। मैंने उंगली डाली तो वो चीख पड़ी, “हाय रे, तेरी उंगली मेरी चूत में आग लगा रही है!” मैंने दो उंगलियां अंदर डालकर धीरे धीरे घुमाना शुरू किया। प्रिया की चूत से रस बहने लगा, वो फर्श पर फैल रहा था। मैंने झुककर उसकी चूत चाटनी शुरू की। जीभ से उसके क्लिट को रगड़ते हुए अंदर तक चाटता रहा। प्रिया चीख रही थी, “चाटो राहुल, मेरी चूत का सारा रस पी लो! मैं मर जाऊंगी इस मजे से!”
उसने मेरी पैंट खोली। मेरा लंड बाहर निकला, सख्त और मोटा। प्रिया ने उसे हाथ में लिया, “वाह, इतना बड़ा लंड! मेरी छोटी सी चूत कैसे लेगी?” वो उसे चूसने लगी। उसकी जीभ लंड के सिरे पर घूम रही थी, लार टपक रही थी। मैंने उसके बाल पकड़कर मुंह में और गहराई तक ठेला। “चूस प्रिया, मेरे लंड का रस पी ले!” वो जोर जोर से चूस रही थी।
फिर मैंने उसे बिस्तर पर लिटाया। उसके पैर फैलाए और अपना लंड उसकी चूत पर रखा। धीरे से दबाया तो सिरा अंदर घुस गया। प्रिया चीखी, “आह्ह्ह धीरे! मेरी चूत फट जाएगी!” लेकिन मैंने जोर लगाया और आधा लंड अंदर कर दिया। उसकी चूत गर्म और तंग थी, जैसे कोई कच्चा आम। मैं धीरे धीरे आगे पीछे करने लगा। हर धक्के पर प्रिया की गांड उछल रही थी। “चोदो मुझे राहुल, पूरी तरह चोदो! मेरी चूत को फाड़ दो!” मैंने रफ्तार बढ़ाई। लंड अंदर बाहर हो रहा था, चूत का रस मेरे लंड पर चिपक रहा था।
हमने पोजीशन बदली। प्रिया ऊपर आई, मेरे लंड पर बैठ गई। वो ऊपर नीचे होने लगी, उसके स्तन उछल रहे थे। मैंने उन्हें हाथों में लिया और निचोड़ता रहा। “तेरी चूत कितनी गर्म है प्रिया!” वो जोर जोर से चीख रही थी, “मेरा हो गया राहुल, मैं झड़ रही हूं!” उसकी चूत ने मेरे लंड को निचोड़ लिया, गरम रस बह निकला। लेकिन मैं रुका नहीं। मैंने उसे घुमाया, पीछे से पकड़ा और गांड पर हाथ मारते हुए चोदने लगा। “ले प्रिया, ये है असली रोमांस मूवी का सीन!” उसकी गांड के चप्पड़ की आवाज कमरे में गूंज रही थी।
हम घंटों चोदते रहे। एक बार मैंने उसे दीवार से टिका कर खड़ा किया, लंड पीछे से घुसाया। प्रिया की चूत से रस टपक रहा था। दूसरी बार वो मेरे ऊपर लेट गई, हम 69 पोजीशन में एक दूसरे को चाटते रहे। उसकी चूत का स्वाद नमकीन और मीठा था। मैंने उसकी गांड में उंगली डाली तो वो और जोर से चीखी। “गांड मत छेड़, लेकिन चूत को और चोद!”
आखिर में मैंने उसकी चूत में ही झड़ने का फैसला किया। जोर जोर से धक्के मारे, लंड फड़फड़ा रहा था। प्रिया बोली, “अंदर ही छोड़ दो, मेरी चूत भर दो!” मैंने गरम गरम वीर्य उसकी चूत में छोड़ा। वो भर गई, रस बाहर निकलने लगा। हम दोनों थककर गिर पड़े।
लेकिन रात अभी खत्म नहीं हुई थी। हमने फिर शुरू किया। इस बार प्रिया ने मुझे कहा, “मुझे ऊपर से चोदो, जैसे मूवी में हीरो करता है।” मैंने उसके पैर कंधों पर रखे और गहराई से चोदा। उसकी चूत पूरी तरह खुल गई थी। हर धक्के पर वो “आह्ह्ह छोड़ो मत” बोल रही थी। हमने पूरी रात चोदा, अलग अलग पोजीशन में। सुबह होते होते प्रिया की चूत सूज गई थी, लेकिन वो खुश थी।
उसके बाद हम कई बार मिले। हर बार रोमांस मूवी लगाते और असली चुदाई करते। प्रिया अब और खुल गई, वो खुद कहती, “राहुल, मेरी चूत तेरे लंड की भूखी है।” छोटे कस्बे की वो लड़की मेरे लिए सबसे बड़ी रोमांस मूवी बन गई।
(कहानी यहीं खत्म नहीं होती, लेकिन दोस्तों, इतनी लंबी चुदाई के बाद हम दोनों थक गए। प्रिया अब भी मूवी देखते देखते मेरे लंड को हाथ में लेकर खेलती है, और मैं उसकी चूत चाटता हूं। ये हमारी छोटी सी रोमांस मूवी वाली जिंदगी है।)