नमस्ते दोस्तों, मेरा नाम प्रिया है। मैं दिल्ली की रहने वाली एक २२ साल की सुंदर लड़की हूं। मेरा फिगर ३६-२८-३८ है, गोरी चमड़ी, लंबे काले बाल और बड़ी-बड़ी आंखें। आज मैं आपको अपनी असली कहानी सुनाने जा रही हूं कि कैसे मैं अपने बॉयफ्रेंड रोहन के साथ रोमांस करना चाहती थी और वो रोमांस कैसे एक गंदी, गर्म चुदाई में बदल गया। ये सब मेरे फ्लैट में हुआ जब मेरे मम्मी-पापा बाहर गए थे।
रोहन मेरा कॉलेज का बॉयफ्रेंड है। वो लंबा, मस्कुलर और उसका लंड बहुत मोटा है। कई महीनों से हम सिर्फ किसिंग और उंगली डालने तक ही रुक जाते थे क्योंकि हमें डर लगता था। लेकिन उस दिन कुछ अलग हुआ। मैंने सोचा था कि सिर्फ रोमांस करेंगे, लेकिन मेरी चूत इतनी गीली हो गई कि मैंने खुद उसे लंड चूसने को कहा।
शाम को रोहन आया। मैंने लाल रंग की टाइट टॉप और शॉर्ट्स पहनी थी। मेरे स्तन टॉप से बाहर निकलने को बेताब थे। जैसे ही उसने दरवाजा बंद किया, मैंने उसे गले लगाया। उसकी छाती मेरी कोमल छातियों से सट गई। मैंने कान में फुसफुसाया, “रोहन, आज मुझे रोमांस करना है, लेकिन धीरे-धीरे… मेरी चूत पहले से ही गीली हो रही है।”
वो मुस्कुराया और मेरे होंठों पर अपना मुंह लगा दिया। हम दोनों गहरी फ्रेंच किस करने लगे। उसकी जीभ मेरे मुंह में घुसकर मेरी जीभ चूसने लगी। मैं भी उसके मुंह में थूक मिलाकर चूम रही थी। मेरे हाथ उसके लंड पर चले गए जो जींस में फंसा हुआ था। मैंने जींस के ऊपर से ही उसे मसलना शुरू कर दिया। रोहन ने मेरी टॉप ऊपर खींची और मेरे ब्रा को एक तरफ किया। मेरी गोरी, मोटी छातियां बाहर आ गईं। निप्पल्स पहले से ही खड़े हो चुके थे।
“प्रिया, तेरी मम्मे कितनी सुंदर हैं,” वो बोला और एक निप्पल को मुंह में लेकर चूसने लगा। मैं जोर से चीख पड़ी, “आह्ह्ह… रोहन, चूस ले, और जोर से काट… मेरी चूत में आग लग रही है।” वो एक छाती चूसता, दूसरी को हाथ से दबाता। फिर उसने मेरी शॉर्ट्स उतारी। मेरी चूत पर सिर्फ पतली पैंटी थी जो पूरी तरफ गीली हो चुकी थी। उसने पैंटी को साइड किया और दो उंगलियां सीधे मेरी गीली चूत में डाल दीं।
“हां… उंगली डाल, मेरी चूत को फाड़ दे,” मैं चीखी। उसकी उंगलियां अंदर-बाहर हो रही थीं। मेरी चूत से चिपचिपा रस निकलकर उसके हाथ पर लग रहा था। मैंने भी उसकी जींस खोली और उसका मोटा, काला लंड बाहर निकाला। लंड पर नसें फूल रही थीं, सिरा लाल हो रहा था और आगे से प्री-कम निकल रहा था। मैं घुटनों के बल बैठ गई और लंड को दोनों हाथों से पकड़कर मसलने लगी।
“प्रिया, चूस मेरे लंड को,” रोहन ने कहा। मैंने लंड के सिरे को मुंह में लिया और चूसने लगी। जीभ से लंड के नीचे की नस को चाटा। पूरा लंड गले तक ले लिया। वो मेरे बाल पकड़कर मेरे मुंह में लंड घुसा रहा था। “गले तक ले, रांड… तेरी चूत आज फाड़ दूंगा,” वो गंदी बातें कर रहा था। मैं भी “हम्म्म… लंड चूस रही हूं, और गहरा डाल,” बोलकर जवाब दे रही थी। लंड से निकलने वाला स्वाद मुझे पागल कर रहा था।
फिर रोहन ने मुझे उठाया और बेड पर लिटा दिया। मेरी टांगें फैलाईं और मेरी चूत पर मुंह लगा दिया। उसकी जीभ मेरी चूत के होठों को चाट रही थी। क्लिट को चूस रहा था। “आह्ह्ह… चाट मेरी चूत, रस पी ले,” मैं चीख रही थी। उसने जीभ अंदर डाली और चूत के अंदर घुमाने लगा। मेरी चूत से रस बह रहा था। वो रस पी रहा था। मैं उसके सिर को दबा रही थी अपनी चूत पर।
कुछ देर बाद उसने लंड मेरी चूत पर रखा। “डाल दे, रोहन… अब और नहीं सहा जाता,” मैं बोली। उसने एक झटका मारा। आधा लंड अंदर चला गया। “उफ्फ… मोटा है तेरा लंड, फाड़ देगी मेरी चूत,” मैं चिल्लाई। वो धीरे-धीरे अंदर-बाहर करने लगा। हर झटके में लंड गहरा जाता। मेरी चूत की दीवारें लंड को कस रही थीं।
हम दोनों पसीने से तर हो चुके थे। रोहन ने मेरी टांगें कंधों पर रखीं और जोर-जोर से चोदने लगा। “चोद… चोद मुझे… मेरी चूत तेरा लंड चाहती है,” मैं गंदी-गंदी बातें बोल रही थी। लंड की हर धक्के से मेरी छातियां उछल रही थीं। वो एक हाथ से मेरी छाती दबा रहा था।
फिर उसने मुझे कुत्ते वाली पोजीशन में कर दिया। मेरी गोल-गोल गांड ऊपर उठा दी। उसने पीछे से लंड डाला। “आह्ह… गांड भी मार ले,” मैं बोली। वो मेरी गांड के गालों को चीरता हुआ लंड अंदर घुसा रहा था। एक हाथ से मेरी चूत रगड़ रहा था। हम दोनों जोर-जोर से सांस ले रहे थे।
मैंने उसे लिटाया और खुद ऊपर चढ़ गई। लंड को चूत में डालकर ऊपर-नीचे होने लगी। मेरी चूत लंड को निगल रही थी। रोहन मेरी कमर पकड़कर ऊपर उठा रहा था। “प्रिया, तेरी चूत कितनी टाइट है… आज तो पूरा रस निकाल दूंगा,” वो बोला। मैं झुककर उसके मुंह में अपनी छाती देने लगी। वो चूसता रहा।
हमने कई पोजीशन ट्राई कीं। मिशनरी में वो मेरे ऊपर चढ़कर चोद रहा था। साइड में लेटकर भी लंड अंदर डाल रहा था। हर बार मेरी चूत से “पचक-पचक” की आवाज आ रही थी। रस बहकर बेड शीट गीली हो गई थी।
आखिर में रोहन ने कहा, “प्रिया, अब निकालता हूं… कहां डालूं?” मैं बोली, “मेरी चूत में ही निकाल, पूरा रस भर दे।” वो और तेजी से चोदने लगा। फिर जोर से चीखा और गरम-गरम वीर्य मेरी चूत में भर दिया। मैं भी झड़ गई। मेरी चूत ने लंड को कस लिया और मैं भी चीख पड़ी।
हम दोनों थककर एक-दूसरे से लिपट गए। लंड अभी भी मेरी चूत में था। वीर्य और मेरी चूत का रस मिलकर बाहर निकल रहा था। रोहन ने कहा, “अगली बार तेरी गांड भी मारूंगा।” मैं मुस्कुराई और बोली, “हां, लेकिन पहले फिर से चोद… मेरी चूत अभी भी भूखी है।”
ये थी मेरी पहली पूरी चुदाई की कहानी। उसके बाद हम अक्सर मिलते और हर बार नई-नई गंदी बातें करके चोदते। मेरी चूत अब रोहन के लंड की दीवानी हो गई है।