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Akshara and Naitik Romance 2009 Hotstar Episode 200 – Garam Chudai Ki Desi Kahani — संपादकीय चयन

Akshara and Naitik Romance 2009 Hotstar Episode 200 – Garam Chudai Ki Desi Kahani — संपादकीय चयन

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नमस्ते दोस्तों, मेरा नाम नितिक है। आज मैं आपको अपनी जिंदगी की एक ऐसी कहानी सुनाने जा रहा हूं जो 2009 की उस हॉटस्टार एपिसोड से जुड़ी है जिसमें अक्षरा और मैं दोनों पहली बार इतने करीब आए कि सब कुछ बदल गया। उस समय दिल्ली में हमारी शादी को कुछ महीने ही हुए थे। जॉइंट फैमिली में रहते हुए अक्सर मौका नहीं मिलता था, लेकिन उस बारिश वाले दिन सब कुछ अलग हो गया।

मैं ऑफिस से घर आया तो देखा अक्षरा किचन में अकेली थी। उसकी साड़ी थोड़ी भीगी हुई थी क्योंकि बाहर मॉनसून की बारिश हो रही थी। उसके बड़े-बड़े स्तन साड़ी के ब्लाउज में बहुत टाइट लग रहे थे। मैंने पीछे से उसे पकड़ लिया और कान में फुसफुसाया, “अक्षरा, आज कोई नहीं है घर में।”

उसने मुड़कर मुझे देखा और मुस्कुराई। उसकी आंखों में वो चमक थी जो बताती थी कि वो भी यही चाहती है। मैंने उसके होंठों पर अपना मुंह रख दिया और जोर से चूमने लगा। उसकी जीभ मेरी जीभ से लिपट गई। मैंने उसके ब्लाउज के बटन खोले और उसके नंगे स्तन बाहर निकाल लिए। उसके स्तन गोल और भरे हुए थे, निप्पल्स सख्त हो चुके थे। मैंने एक निप्पल को मुंह में लिया और चूसने लगा जबकि हाथ से दूसरे को मसल रहा था। अक्षरा सिसकारियां भरने लगी, “नैतिक… आह… धीरे से, मम्मी आ सकती है।”

मैंने उसे किचन की दीवार से टिका दिया और साड़ी ऊपर चढ़ा दी। उसकी चूत पहले से ही गीली हो चुकी थी। मैंने उसकी पैंटी नीचे खिसकाई और उंगली अंदर डाल दी। उसकी चूत गरम और तंग थी। “अक्षरा, तेरी चूत कितनी गीली है आज,” मैंने कहा। वो सांस लेते हुए बोली, “नैतिक, अपनी लंड निकालो ना, मुझे बहुत जरूरत है।”

मैंने अपनी पैंट उतारी और लंड बाहर निकाला। वो खड़ा हो चुका था, नसें फूल गई थीं। अक्षरा ने उसे हाथ में लिया और सहलाने लगी। फिर घुटनों के बल बैठकर मेरे लंड को मुंह में ले लिया। उसकी जीभ मेरे लंड के सिरे पर घूम रही थी, लार टपक रही थी। मैं उसके बाल पकड़कर जोर-जोर से चोदने लगा उसके मुंह को। “हां अक्षरा, ऐसे ही चूस, पूरी लंड गले तक ले ले,” मैं चिल्लाया।

कुछ देर बाद मैंने उसे उठाया और सोफे पर लिटा दिया। उसकी टांगें फैला दीं। उसकी चूत के बाल हल्के-हल्के थे, रस बह रहा था। मैंने अपना लंड उसकी चूत पर रगड़ा और एक झटके में अंदर घुसा दिया। “आह्ह्ह… नैतिक… पूरा लंड डाल दो,” अक्षरा चीख पड़ी। मैं जोर-जोर से चोदने लगा। उसकी चूत की दीवारें मेरे लंड को कस रही थीं। हर धक्के के साथ उसके स्तन उछल रहे थे। मैं झुककर उन्हें चूसता रहा।

हम दोनों पसीने से लथपथ हो गए थे। मैंने पोजीशन बदली, उसे कुत्ते वाली स्टाइल में कर दिया। उसकी गोल-गोल गांड सामने थी। मैंने गांड के छेद पर उंगली फिराई और फिर लंड चूत में डाल दिया। “नैतिक, मेरी गांड भी मारो ना,” वो बोली। मैंने लंड निकाला और थोड़ा सा उसके गांड के छेद में डाला। वो चीखी, “दर्द हो रहा है… लेकिन और डालो।” थोड़ा-थोड़ा करके पूरा लंड गांड में घुसा दिया। अब मैं दोनों छेदों को बारी-बारी चोद रहा था।

बारिश की आवाज के साथ हमारी सांसें और चुदाई की आवाजें मिल रही थीं। “चोदो मुझे नैतिक, मेरी चूत फाड़ दो,” अक्षरा चिल्ला रही थी। मैंने तेजी बढ़ा दी। उसकी चूत से रस निकलकर मेरे लंड पर बह रहा था। आखिरकार मैं झड़ने लगा। “अक्षरा, मैं झड़ने वाला हूं,” मैंने कहा। “अंदर ही छोड़ दो,” वो बोली। मैंने जोर का झटका मारा और गरम-गरम वीर्य उसकी चूत में भर दिया।

उसके बाद हम दोनों थककर गिर पड़े। लेकिन ये खत्म नहीं हुआ था। अगली रात फिर से हमने बाथरूम में चुदाई की। अक्षरा ने मुझे दीवार से टिका कर लंड चूसा और फिर मैंने उसे उठाकर दीवार से चोदा। उसकी टांगें मेरी कमर में लिपटी हुई थीं।

ये कहानी 2009 की उस एपिसोड जैसी ही है लेकिन असली मजा तो हमारी असली चुदाई में था। अक्षरा की चूत अभी भी मेरे लंड की भूखी रहती है। हर बार जब बारिश होती है, याद आ जाती है वो पहली बार।

(कहानी को विस्तार से आगे बढ़ाते हुए: हमने कई पोजीशन्स ट्राई कीं जैसे मिशनरी, काउगर्ल, स्पूनिंग। हर बार अक्षरा के स्तनों को चूसता, उसकी चूत को चाटता, उसकी गांड थपथपाता। उसकी चीखें, मेरी गंदी बातें, पसीने की महक, सब कुछ मिलकर वो रात यादगार बन गई। 2009 की हॉटस्टार एपिसोड में जो रूमांस दिखाया गया था, असल जिंदगी में वो और भी ज्यादा गंदा और मजेदार था। हम दोनों ने एक-दूसरे के शरीर को पूरी तरह एक्सप्लोर किया। अक्षरा के निप्पल्स को काटना, उसकी चूत में उंगली डालकर हिलाना, लंड को गले तक ले जाना – सब कुछ डिटेल में हुआ। आखिर में जब हम झड़े तो दोनों थककर एक-दूसरे की बाहों में सो गए। ये हमारी सबसे हॉट चुदाई थी।)

[कहानी की लंबाई आवश्यकतानुसार विस्तारित की गई है विस्तृत संवेदी विवरण, डायलॉग और दृश्यों के साथ ताकि पूरी इमर्सिव और arousing बने।]

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