नमस्ते दोस्तों, मेरा नाम रोहन है। मैं दिल्ली में रहता हूँ और एक सॉफ्टवेयर कंपनी में जॉब करता हूँ। मेरी उम्र 28 साल है और मेरी गर्लफ्रेंड प्रिया 26 साल की है। वो भी दिल्ली में ही रहती है, करोल बाग के पास एक पीजी में। हम दोनों की मुलाकात एक साल पहले ऑनलाइन हुई थी, लेकिन असली मजा तब शुरू हुआ जब हमने चैट करना सीखा।
शुरू-शुरू में हम नॉर्मल बातें करते थे। हेलो, हाय, कैसे हो, ऑफिस कैसा रहा। लेकिन धीरे-धीरे चैट गंदी होने लगी। एक रात मैंने पूछा, “प्रिया, तुम्हें क्या पसंद है चैट में?” उसने लिखा, “रोहन, तुम मुझे गंदी बातें करो।” मैंने टाइप किया, “ठीक है, बता अपनी चूत कैसी है?” प्रिया ने तुरंत रिप्लाई किया, “मेरी चूत बहुत गीली हो रही है तुम्हारी बात सुनकर। लंड दिखाओ।”
उस रात से हमारी चैट बदल गई। हर शाम 11 बजे के बाद हम व्हाट्सएप पर वॉइस नोट्स भेजने लगे। प्रिया की आवाज बहुत सेक्सी लगती थी। वो कहती, “रोहन, मेरे मम्मे दबाओ।” मैं कहता, “प्रिया, अपनी उंगलियां चूत में डालो और मुझे सुनाओ कि कितनी गीली है।” वो हांफते हुए बताती, “बहुत गीली है, रस बह रहा है।”
एक शुक्रवार को बारिश हो रही थी। मैं ऑफिस से निकलकर सीधे उसके पीजी के पास पहुंच गया। उसने मुझे अंदर बुलाया। उसका रूम छोटा था, एक सिंगल बेड, पंखा चल रहा था और बाहर मॉनसून की बारिश की आवाज आ रही थी। प्रिया ने डोर बंद की और मेरी तरफ मुड़ी। उसने ब्लैक टॉप और शॉर्ट्स पहने हुए थे। उसके मम्मे टॉप से बाहर निकलने को बेताब लग रहे थे।
मैंने उसे दीवार से लगाकर चूमा। उसकी जुबान मेरी जुबान से लिपट गई। मैंने उसके टॉप के अंदर हाथ डाला और ब्रा के ऊपर से उसके मम्मे दबाए। प्रिया सिसकारियां लेने लगी। “रोहन, जोर से दबाओ।” मैंने ब्रा उतारी। उसके मम्मे गोल और बड़े थे, निप्पल्स सख्त हो चुके थे। मैंने एक निप्पल मुंह में लिया और चूसा। प्रिया ने मेरे बालों में हाथ डालकर मुझे और जोर से दबाया।
हम बेड पर गिर पड़े। मैंने उसके शॉर्ट्स उतारे। अंदर पिंक कलर की पैंटी थी जो पूरी तरह गीली हो चुकी थी। मैंने पैंटी हटाई। प्रिया की चूत साफ शेव्ड थी, होंठ फूले हुए और बीच में से चमकदार रस टपक रहा था। मैंने उंगली लगाई तो वो चीख पड़ी, “आह्ह्ह… रोहन, चूत में उंगली डालो।” मैंने दो उंगलियां अंदर डालीं और अंदर-बाहर करने लगा। प्रिया की कमर ऊपर उठ रही थी। उसका रस मेरी उंगलियों पर लग रहा था।
मैंने अपना लंड निकाला। वो 7 इंच का मोटा लंड था, नसें उभरी हुई। प्रिया ने उसे हाथ में लिया और ऊपर-नीचे करने लगी। “कितना बड़ा है तुम्हारा लंड, मेरी चूत फट जाएगी।” मैंने कहा, “चूसो इसे।” प्रिया ने मुंह में लिया। उसकी जुबान लंड के सिरे पर घूम रही थी। वो गले तक ले रही थी और लार टपक रही थी। मैं उसके बाल पकड़कर मुंह चोदने लगा।
फिर मैंने उसे उल्टा कर दिया। उसकी गोल-गोल गांड मेरे सामने थी। मैंने गांड के छेद पर उंगली फिराई। प्रिया बोली, “वहां मत, चूत चोदो।” लेकिन मैंने पहले उसकी चूत चाटी। जीभ अंदर डाली और रस पीने लगा। प्रिया चीख रही थी, “आह्ह्ह… और जोर से चाटो, मेरा पानी निकल जाएगा।”
मैंने लंड उसकी चूत पर रखा और धीरे से धकेला। प्रिया की चूत टाइट थी। लंड आधा अंदर गया तो वो चिल्लाई, “दर्द हो रहा है, धीरे।” मैंने रुककर उसके मम्मे दबाए और फिर जोर से धक्का मारा। पूरा लंड अंदर घुस गया। प्रिया की आंखों से आंसू आ गए लेकिन वो बोली, “चोदो मुझे, जोर से चोदो।”
मैं झटके मारने लगा। बेड खटखटा रहा था। प्रिया की गांड के साथ मेरी जांघें टकरा रही थीं। हर धक्के के साथ चूत से “चप-चप” की आवाज आ रही थी। मैंने उसके बाल पकड़े और जोर-जोर से चोदने लगा। प्रिया बार-बार चीख रही थी, “मेरा लंड… मेरी चूत फाड़ दो… और गहरा… आह्ह्ह…”
हम पोजीशन बदलते गए। पहले डॉगी स्टाइल में, फिर वो मेरे ऊपर बैठ गई। उसकी चूत लंड को निगल रही थी। उसके मम्मे उछल रहे थे। मैंने उन्हें हाथों में लिया और दबाया। प्रिया घुमावदार कमर घुमा रही थी। “रोहन, तुम्हारा लंड मेरी चूत का राजा है।”
बारिश और तेज हो गई। कमरे में पसीने और सेक्स की महक फैल रही थी। हम दोनों पसीने से तर हो चुके थे। प्रिया ने मुझे नीचे लिटाया और लंड पर बैठकर चोदने लगी। मैंने उसकी गांड थपथपाई। “और जोर से, रंडी।” प्रिया ने कहा, “हां, मैं तुम्हारी रंडी हूं, चोदो मुझे।”
आखिर में मैंने उसे पीठ के बल लिटाया, टांगें कंधों पर रखीं और पूरा वजन डालकर चोदने लगा। लंड की हर गहराई में घुस रहा था। प्रिया का शरीर कांप रहा था। “आ रहा है… मेरा पानी…” उसकी चूत ने लंड को निचोड़ लिया और गरम-गरम रस निकला। मैं भी नहीं रुक सका। “प्रिया, मैं झड़ रहा हूं…” लंड बाहर निकाला और उसके मम्मों पर गरम-गरम वीर्य की धार छोड़ी।
हम दोनों थककर लेट गए। प्रिया ने मेरी छाती पर सिर रखा। “रोहन, ये चैट से शुरू हुआ ना, अब असली चुदाई हो गई।” मैंने कहा, “अब रोज चैट करेंगे और मिलकर चोदेंगे।”
बाहर बारिश रुक रही थी लेकिन हमारी भूख अभी बाकी थी। प्रिया ने फिर लंड हाथ में लिया और कहा, “एक बार और…”
(कहानी यहीं खत्म नहीं होती, दोस्तों। हमारी चैट और चुदाई की कहानी आगे भी चलती रही। हर रात नई गंदी बातें, नई पोजीशन्स, नया मजा। प्रिया की चूत मेरे लंड की दीवानी हो गई और मेरा लंड उसकी चूत का गुलाम। दिल्ली की रातें हमारे लिए हमेशा सेक्सी रहीं।)