नमस्ते दोस्तों, मेरा नाम राहुल है। मैं दिल्ली में रहता हूँ और एक छोटी सी IT कंपनी में जॉब करता हूँ। उम्र 28 साल है। आज मैं आपको अपनी एक सच्ची और बेहद गंदी वाली कहानी सुनाने जा रहा हूँ जो मेरी जिंदगी का सबसे हॉट एक्सपीरियंस था। सब कुछ शुरू हुआ जब मेरी दोस्त अक्षरा ने मुझे हॉटस्टार पर एक रोमांटिक एपिसोड देखने को कहा। अक्षरा मेरी कॉलेज की दोस्त थी, शादीशुदा, 30 साल की, बहुत ही सेक्सी फिगर वाली औरत। उसका पति नितिक अक्सर बाहर रहता था बिजनेस के सिलसिले में। अक्षरा की कद 5'5", गोरी चमड़ी, 36D साइज के भारी-भरे स्तन, पतली कमर और गोल-गोल मोटी गांड थी जो देखते ही मेरा लंड खड़ा हो जाता था।
एक शाम अक्षरा ने मुझे व्हाट्सएप पर मैसेज किया। "राहुल, आ जा मेरे घर, हॉटस्टार पर नया एपिसोड आया है, अकेले देखने में मजा नहीं आएगा। नितिक दो हफ्ते से बाहर है।" मैं तुरंत तैयार हो गया। उसके घर पहुंचा तो अक्षरा ने डोर खोली। वो हल्के नीले कलर की स्लीवलेस नाइटि पहने थी जिसमें उसकी चोचियां साफ दिख रही थीं। निप्पल्स हल्के से उभरे हुए थे। मैं अंदर गया, सोफे पर बैठे। एयर कंडीशनर चल रहा था, कमरा ठंडा था लेकिन अक्षरा की बदन से गर्माहट निकल रही थी।
हम दोनों हॉटस्टार पर "अक्षरा नितिक रोमांस एपिसोड" सर्च करके देखने लगे। स्क्रीन पर एक जोड़ा रोमांटिक सीन कर रहा था, लेकिन असली मूड तो हमारे बीच बन रहा था। अक्षरा मेरे पास बैठी थी, उसकी जांघ मेरी जांघ से टकरा रही थी। धीरे-धीरे उसने अपना सर मेरे कंधे पर टिका दिया। मैंने हिम्मत करके उसकी कमर पर हाथ रखा। "अक्षरा, तू आज बहुत हॉट लग रही है," मैंने फुसफुसाया। वो मुस्कुराई और बोली, "राहुल, नितिक के जाने के बाद मैं बहुत अकेली महसूस करती हूँ। तू तो जानता है मेरी चूत को कितना मसालेदार लंड चाहिए।"
ये सुनकर मेरा लंड तुरंत खड़ा हो गया। मैंने उसे घुमाकर अपने सामने किया और उसके होंठों पर अपना मुंह लगा दिया। हम दोनों जोर से चूमने लगे। उसकी जीभ मेरे मुंह में घुस रही थी, लार का आदान-प्रदान हो रहा था। मैंने उसकी नाइटि ऊपर उठाई और उसके नंगे स्तनों को हाथ में लिया। दूधिया रंग के, भारी स्तन, गुलाबी निप्पल्स। मैंने एक निप्पल को मुंह में लेकर चूसना शुरू किया, दूसरा हाथ से दबा रहा था। अक्षरा आहें भरने लगी, "आह्ह्ह राहुल… चूस ले मेरे स्तनों को… तेरी चूसने से मेरी चूत गीली हो रही है।"
मैंने उसकी नाइटि पूरी उतार दी। वो सिर्फ पैंटी में थी, काली लेस वाली, जिससे उसकी फूली हुई चूत के बाल साफ दिख रहे थे। मैंने घुटनों के बल बैठकर उसकी पैंटी साइड में की और उसकी गीली चूत को देखा। लाल-लाल लेबिया, चमकदार रस टपक रहा था। मैंने अपनी जीभ निकालकर उसकी चूत चाटनी शुरू की। अक्षरा चीखने लगी, "हाँ राहुल… मेरी चूत चाट… गहरी चाट… तेरी जीभ डाल अंदर… आह्ह्ह!" मैंने उसकी चूत के होठों को चूसते हुए उसकी गांड को भी उंगलियों से सहलाया। उसका शरीर कांप रहा था।
फिर अक्षरा ने मुझे खड़ा किया और मेरी पैंट उतार दी। मेरा 8 इंच का मोटा लंड बाहर आया, नसों से भरा, सिरा लाल और चमकदार। अक्षरा ने उसे हाथ में लिया और बोली, "वाah, इतना बड़ा लंड… नितिक का तो छोटा है। आज मेरी चूत फाड़ दे इस लंड से।" उसने मेरे लंड को मुंह में लिया और चूसने लगी। गहरे तक ले जा रही थी, गला रुक रहा था लेकिन वो रुक नहीं रही थी। लार से मेरा लंड चमक रहा था। मैं उसके बाल पकड़कर उसका मुंह चोदने लगा। "ले ले साली… मेरे लंड को गले तक… तेरी रंडी जैसी चूत के लिए ये लंड बना है।"
कुछ देर बाद मैंने उसे सोफे पर लिटाया। उसकी टांगें फैलाईं और अपना लंड उसकी चूत पर रगड़ने लगा। "डाल दे राहुल… अब और मत तड़पा… मेरी चूत प्यासी है तेरे लंड की।" मैंने जोर से धक्का मारा। मेरा पूरा लंड उसकी चूत में घुस गया। अक्षरा चीख पड़ी, "आह्ह्ह माँ… इतना मोटा… मेरी चूत फट गई!" लेकिन वो और जोर से चिल्लाने लगी, "चोद मुझे… जोर से चोद… मेरी गांड भी मार…"
हम घंटों चोदते रहे। पहले मिशनरी पोजीशन में, फिर डॉगी स्टाइल में। मैं उसकी गांड को थप्पड़ मारता, "ले रंडी… तेरी गांड लाल हो गई… अब तेरी चूत में अपना रस भर दूंगा।" अक्षरा चीख-चीखकर चुद रही थी, "हाँ… भर दे… मेरी चूत में अपना गरम रस… मैं तेरी रंडी बन गई हूँ!" उसकी चूत से रस निकलकर मेरे लंड पर बह रहा था, फर्श पर गिर रहा था।
हमने सोफे से उठकर बेडरूम में जाकर और लंबा सेशन किया। अक्षरा ने मेरे ऊपर चढ़कर लंड पर उछल-उछलकर चुदाई की। उसके स्तन उछल रहे थे, मैं उन्हें दोनों हाथों से दबा रहा था। "राहुल… मैं झड़ने वाली हूँ… तेरे लंड पर मेरी चूत झड़ रही है!" वो जोर से कांपी और उसकी चूत ने मेरे लंड को निचोड़ लिया। मैं भी रुक नहीं सका। "ले… ले मेरा रस!" मैंने अंदर ही झड़ दिया, गरम-गरम वीर्य उसकी चूत भर गया।
रात भर हम चुदते रहे। सुबह तक अक्षरा की चूत लाल हो चुकी थी, मेरे लंड पर उसके रस और मेरे वीर्य का मिश्रण लगा था। हम थककर गिर गए। अक्षरा बोली, "राहुल, ये हमारा सीक्रेट रहेगा। नितिक को कभी पता नहीं चलेगा।"
इसके बाद से जब भी नितिक बाहर जाता, अक्षरा मुझे बुलाती और हम हॉटस्टार का एपिसोड बहाना बनाकर पूरी रात चुदाई करते। उसकी चूत, मेरे लंड, उसकी गांड, सब कुछ अब मेरा हो चुका था। ये कहानी आज भी मुझे याद आती है और लंड खड़ा हो जाता है।
(कहानी समाप्त)