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Dehati Hot Malkin Se Pyar Actor Name – Gaon Ki Malkin Ne Actor Ko Choda — पूरी प्रस्तुति

Dehati Hot Malkin Se Pyar Actor Name – Gaon Ki Malkin Ne Actor Ko Choda — पूरी प्रस्तुति

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नमस्ते दोस्तों, मेरा नाम राहुल है। मैं एक छोटे से गांव का लड़का हूं जो अब मुंबई में एक छोटे से रोल के लिए आया था। मेरी उम्र 28 साल है और मैं एक उभरता हुआ अभिनेता हूं। लेकिन असली कहानी शुरू होती है जब मैं अपने गांव लौटा एक शूटिंग ब्रेक के दौरान। गांव में मेरा पुराना घर था, लेकिन पास में ही एक बड़ी ज़मीन वाली हवेली थी जिसकी मालकिन थी रानी देवी। रानी देवी करीब 35 साल की, देहाती औरत लेकिन बेहद हॉट। उसकी चोली में अटके हुए भारी-भारी स्तन, मोटी कमर, गोल-गोल गांड और वो देहाती लहजा जो किसी को भी दीवाना बना दे। लोग उसे मालकिन कहते थे क्योंकि वो जमींदार की विधवा थी और गांव की सारी ज़मीन उसकी थी।

मैं बचपन से उसे देखता आया था। जब मैं छोटा था तो वो मेरी मां की दोस्त थी, लेकिन अब जब मैं वापस आया तो कुछ बदल गया था। शूटिंग से थका हुआ मैं हवेली के पास से गुजर रहा था जब रानी देवी ने मुझे बुलाया। "अरे राहुल बेटा, इतने दिनों बाद आया है? अंदर आ जा, चाय पी ले।" उसकी आवाज में वो पुरानी मिठास थी लेकिन आंखों में कुछ और चमक। मैं अंदर गया। हवेली खाली थी, नौकर-चाकर छुट्टी पर थे। वो अकेली रहती थी।

हम चाय पी रहे थे तो उसने पूछा, "मुंबई में कैसा चल रहा है एक्टर बनने का सपना?" मैंने बताया कि छोटे रोल मिल रहे हैं लेकिन पैसा कम है। वो हंस पड़ी, "तू तो बड़ा हो गया है राहुल। अब तू मर्द बन गया है।" उसकी नजर मेरे शरीर पर पड़ी। मैंने भी उसे देखा। उसकी साड़ी थोड़ी खिसक गई थी, गोरी सी जांघ दिख रही थी। मेरे लंड में हलचल हुई।

रानी देवी ने आगे बढ़कर मेरे हाथ पकड़े। "राहुल, तू जानता है ना कि मालकिन अकेली कितनी तड़पती है?" उसकी सांस गर्म थी। मैं घबरा गया लेकिन लंड खड़ा हो चुका था। उसने देख लिया। "ओह, ये क्या है?" वो मुस्कुराई और सीधे मेरे लंड पर हाथ रख दिया। "देहाती मालकिन का प्यार चाहिए क्या एक्टर को?"

मैं चुप रहा। उसने साड़ी उतार दी। अंदर ब्लाउज में उसके स्तन फटते लग रहे थे। उसने ब्लाउज खोला तो बड़े-बड़े काले निप्पल वाले स्तन बाहर आए। "चूस ले इन्हें, मेरा दूध पी ले।" मैं झुक गया और एक स्तन मुंह में लिया। चूसा तो वो सिसकारियां मारने लगी। "आह्ह… राहुल, जोर से चूस… मालकिन की गांड भी देख ले।" वो मुड़ी तो उसकी मोटी गांड मेरे सामने थी। मैंने साड़ी पूरी उतार दी। अंदर कुछ नहीं था। उसकी चूत गीली और बालों वाली थी। देहाती चूत, मोटी लेबिया और चमकता हुआ रस।

मैंने अपनी उंगली उसकी चूत में डाली। "आह्ह… उंगली मत, लंड डाल!" वो चीखी। मैंने कपड़े उतारे। मेरा लंड 7 इंच का खड़ा था। रानी देवी ने उसे हाथ में लिया, "वाह, एक्टर का लंड… मालकिन को चोदेगा?" उसने मुंह में लिया। चूसा, चाटा, गले तक लिया। "थूक लगा के… हां ऐसे।" वो गंदी गंदी बातें कर रही थी। "मेरी चूत फाड़ दे, मेरा रस पी ले।"

मैंने उसे बिस्तर पर लिटाया। पैर फैलाए तो चूत खुल गई। मैंने लंड सेट किया और एक जोर का झटका मारा। "आह्ह्ह… मालकिन की चूत में लंड… जोर से!" वो चीखी। मैंने जोर-जोर से चोदना शुरू किया। थप-थप की आवाजें, उसकी चूत का रस मेरे लंड पर बह रहा था। "रानी देवी, आपकी चूत कितनी टाइट है!" मैं बोलता रहा। वो बोल रही थी, "हां बेटा, मालकिन की चूत तेरा लंड निगल लेगी। गांड भी मार लेना बाद में।"

हम घंटों चोदते रहे। पोजीशन बदलते रहे। पहले मिशनरी, फिर डॉगी स्टाइल में उसकी गांड थपथपाते हुए। "गांड़ मार, मालकिन की गांड फाड़!" उसकी गांड लाल हो गई थी। रस निकल रहा था। मैंने उसका रस चाटा। वो मेरे लंड को चूसती रही।

फिर वो ऊपर आई। मेरे ऊपर बैठकर चोदने लगी। उसके स्तन उछल रहे थे। "देख ले एक्टर, देहाती मालकिन कैसे चोदती है!" वो तेजी से कूद रही थी। मैं उसके स्तन दबा रहा था। "आह्ह… चूत में झड़ जा!" आखिर में मैंने उसके अंदर झड़ दिया। गरम-गरम वीर्य उसकी चूत भर गया। वो चीखी, "भर दे मालकिन की चूत… आह्ह!"

हम थक गए लेकिन रात भर चोदा। सुबह फिर से शुरू किया। वो मेरी मालकिन बन गई, मैं उसका प्यारा एक्टर। देहाती हॉट मालकिन से प्यार ने मुझे दीवाना बना दिया।

(यह कहानी यहीं खत्म नहीं होती, हमने और कई बार चोदा। गांव की हवेली में, खेतों में, बारिश में। रानी देवी ने मुझे सिखाया कि असली प्यार और चुदाई क्या होती है। मेरा लंड अब हमेशा उसकी चूत का दीवाना रहा।)

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