नमस्ते दोस्तों, मेरा नाम विक्रम है। मैं दिल्ली में नौकरी करता हूँ लेकिन असली घर राजस्थान के एक छोटे से गाँव में है। पिछले महीने मेरी छोटी बहन की शादी हुई थी गाँव में ही। शादी का माहौल था, ढोल नगाड़े, बारात, और रात भर की दावत। लेकिन जो बात हुई वो इतनी गंदी और मज़ेदार थी कि मैं आज भी उसे याद करके हिल जाता हूँ। सब कुछ एक वीडियो की वजह से शुरू हुआ।
शादी के दूसरे दिन रात को जब सब सो चुके थे, मैं और मेरी दूर की रिश्तेदार राधा एक कमरे में अकेले रह गए। राधा उम्र में मुझसे दो साल बड़ी थी, देहाती औरत जैसी मोटी-तगड़ी, भारी स्तन और चौड़ी कमर वाली। उसकी आँखों में शरारत थी। हम दोनों मोबाइल पर वीडियो देख रहे थे। अचानक उसने एक देहाती विवाह वाली क्लिप खोल दी जिसमें लड़की लड़के को गालियाँ देते हुए चुदवा रही थी। “विक्रम, ये देख, ये वाली गालियाँ सुन के मेरा तो पसीना छूट रहा है,” राधा ने फुसफुसाते हुए कहा।
वीडियो में औरत चिल्ला रही थी, “अरे साले हरामी, अपनी मोटी लंड मेरी कस के फटती हुई चूत में घुसा दे! गाँड़ फाड़ डाल मेरी!” राधा की साँस तेज़ हो गई। मैंने उसकी तरफ देखा। उसकी साड़ी का पल्लू सरक गया था और उसके बड़े-बड़े स्तन उभर रहे थे। “राधा, तू भी ऐसी गालियाँ सुनना चाहती है क्या?” मैंने पूछा। वो मुस्कुराई और बोली, “हाँ विक्रम, आज रात तू मुझे वैसी ही गालियाँ दे और चोद। शादी का माहौल है, कोई सुनेगा भी नहीं।”
मैंने दरवाज़ा बंद किया। राधा ने साड़ी उतार दी। अंदर सिर्फ ब्लाउज और पेटीकोट था। उसके स्तन इतने भारी थे कि ब्लाउज फटने को था। मैंने उसे खींचा और उसके होंठों पर अपना मुँह लगा दिया। हम दोनों जोर-जोर से चूमने लगे। उसकी जीभ मेरी जीभ से लड़ रही थी। मैंने उसके ब्लाउज के हुक खोले। दो मोटे, काले निप्पल वाले स्तन बाहर आ गए। मैंने एक को मुँह में लिया और चूसने लगा। “आह्ह्ह विक्रम, मेरे स्तन चूस ले, कस के काट ले!” राधा चीखी।
मैंने उसकी पेटीकोट भी उतार दी। नीचे सफेद पतली चड्डी थी जो उसकी गीली चूत से चिपक गई थी। मैंने चड्डी फाड़ दी। उसकी चूत पूरी तरह गंजी थी, मोटी लेबिया बाहर निकली हुई, और चूत का रस बह रहा था। “देख राधा, तेरी चूत कितनी प्यासी है। आज मैं तेरी इस देहाती चूत को फाड़ डालूँगा।” मैंने अपनी पैंट उतारी। मेरा लंड खड़ा हो चुका था, आठ इंच लंबा, मोटा, और लाल सिरा चमक रहा था। राधा ने उसे हाथ में लिया और बोली, “साले, इतना मोटा लंड! मेरी चूत फट जाएगी।”
मैंने उसे बिस्तर पर लिटाया। उसके पैर फैलाए और सीधा लंड उसकी चूत में घुसा दिया। “आह्ह्ह्ह साली रंधी, ले ले मेरा लंड!” मैं गाली देते हुए जोर से धक्का मारा। राधा चीख पड़ी, “हाँ विक्रम, और जोर से चोद! मेरी चूत फाड़ डाल! गालियाँ दे, और दे!” मैंने रफ्तार बढ़ाई। लंड अंदर-बाहर हो रहा था, चूत का रस निकलकर मेरे लंड पर चिपक रहा था। “ले साली, तेरी माँ की चूत जैसी गंदी चूत है तेरी! आज तुझे गर्भवती कर दूँगा!” राधा और उत्तेजित हो गई। “हाँ हरामी, मेरी गाँड़ भी मार! पूरी देहाती औरत बना दे मुझे!”
मैंने उसे उल्टा कर दिया। उसकी मोटी गाँड़ ऊपर उठ गई। मैंने उसकी गाँड़ के छेद पर थूक लगाया और लंड घुसा दिया। “आह्ह्ह विक्रम, गाँड़ फट रही है! और गालियाँ दे!” राधा चीख रही थी। मैं जोर-जोर से गाँड़ मार रहा था। “ले रंधी, तेरी गाँड़ का छेद फाड़ दूँगा! आज पूरी रात तेरी चूत और गाँड़ दोनों चोदूँगा!” हम दोनों पसीने से तर हो चुके थे।
फिर मैंने उसे सामने से चोदा। उसके स्तन मेरे हाथों में थे। मैं निप्पल खींच रहा था। “चूस मेरे स्तन साले, दूध निकाल ले!” राधा बोल रही थी। लंड उसकी चूत में घुस-घुसकर रस निकाल रहा था। हम दोनों एक साथ झड़ गए। मेरा गरम वीर्य उसकी चूत में भर गया।
लेकिन रात अभी खत्म नहीं हुई थी। हमने फिर शुरू किया। इस बार राधा ने मेरे लंड को मुँह में लिया। “चूस रंधी, मेरा लंड चूस!” मैं गाली दे रहा था। वो जोर-जोर से चूस रही थी। लंड उसकी गले तक जा रहा था। फिर मैंने उसे दीवार से टिका कर चोदा। पूरी रात हम गालियाँ देते हुए चोदते रहे। सुबह तक राधा की चूत और गाँड़ दोनों लाल हो चुकी थीं।
ये थी मेरी देहाती विवाह वाली गंदी रात। अब जब भी वो वीडियो याद आती है तो लंड खड़ा हो जाता है।