नमस्ते दोस्तों, मेरा नाम विक्रम है। मैं दिल्ली के करोल बाग इलाके में एक छोटे से फ्लैट में रहता हूं। उम्र मेरी 26 साल है और मैं एक प्राइवेट कंपनी में जॉब करता हूं। आज मैं आपको अपनी गर्लफ्रेंड अनन्या के साथ की वो रोमांचक और बेहद गंदी वाली चुदाई की कहानी सुनाता हूं जो अभी हाल ही में हुई। अनन्या मेरी कॉलेज की दोस्त थी, लेकिन दोस्ती धीरे-धीरे प्यार और फिर जबरदस्त सेक्स में बदल गई। वो 24 साल की है, गोरी चिट्टी, मोटी-मोटी जांघें, 36 इंच की भारी-भरी छातियां और गोल-गोल मटोल गांड। उसकी चूत हमेशा गीली रहती है और जब वो चीखती है तो पूरा फ्लैट गूंज उठता है।
हम दोनों अक्सर शाम को उसके PG में मिलते थे। वो अकेली रहती थी इसलिए कोई टेंशन नहीं थी। एक दिन बारिश हो रही थी, मोसम ठंडा था। मैं उसके पास गया। वो शॉर्ट्स और टाइट टॉप में थी। जैसे ही मैं अंदर आया, उसने दरवाजा बंद किया और मुझसे चिपक गई। उसकी सॉफ्ट छातियां मेरी छाती से रगड़ रही थीं। मैंने उसे दीवार से लगाकर किस किया। हमारी जीभें आपस में उलझ गईं। उसने मेरी जीभ चूस ली और बोली, “विक्रम, आज मुझे बहुत जोर से चोदना, मेरी चूत फाड़ डाल।”
मैंने उसका टॉप उतारा। ब्रा के अंदर से उसकी मोटी-मोटी गांड जैसी छातियां उछल पड़ीं। निप्पल्स सख्त खड़े थे। मैंने एक निप्पल मुंह में लिया और चूसने लगा। अनन्या सिसकारियां ले रही थी, “आह्ह्ह… विक्रम… चूसो और जोर से… मेरे स्तन दर्द कर रहे हैं।” मैं दूसरी छाती भी चूस रहा था और हाथ से उसकी शॉर्ट्स के अंदर हाथ डाल दिया। उसकी चूत पूरी तरस रही थी, बाल नहीं थे, साफ शेव की हुई, गीली-गीली। दो उंगलियां अंदर डाली तो वो चीख पड़ी, “हां… उंगलियां डालो… मेरी चूत में उंगलियां घुसाओ।”
मैंने शॉर्ट्स और पैंटी उतार दी। वो पूरी नंगी मेरे सामने खड़ी थी। मैंने भी कपड़े उतारे। मेरा लंड खड़ा हो चुका था, 7 इंच लंबा, मोटा और नसों से भरा। अनन्या ने उसे हाथ में लिया और सहलाने लगी। “वाह विक्रम, कितना मोटा लंड है तेरा। आज मेरी चूत को फाड़ देगा।” उसने घुटनों के बल बैठकर मेरे लंड को मुंह में लिया। जीभ से सिरे को चाटा, फिर पूरा मुंह में ठूस लिया। वो चूस रही थी और गले तक ले जा रही थी। लार टपक रही थी। मैं उसके बाल पकड़कर मुंह चोद रहा था। “ले… ले मेरे लंड को… तेरी रंडी वाली चूत के लिए तैयार कर।”
फिर मैंने उसे बेड पर लिटाया। उसकी जांघें फैलाईं। चूत के होठ फूल चुके थे, रस बह रहा था। मैंने जीभ से चूत चाटनी शुरू की। क्लिट को चूसा, अंदर जीभ डाली। अनन्या पागल हो रही थी, “आह्ह्ह… विक्रम… चाटो… मेरी चूत का रस पी लो… मैं झड़ने वाली हूं।” उसका शरीर कांप रहा था। मैंने दो उंगलियां अंदर डालकर तेजी से उंगलियां चलाईं और जीभ से चाटता रहा। वो चीख-चीखकर झड़ गई। गरम-गरम रस मेरे मुंह में आया।
अब वो बोली, “अब अपना लंड डालो… मेरी चूत फाड़ दो।” मैं उसके ऊपर चढ़ गया। लंड का सिरा चूत के मुंह पर रखा और धीरे से दबाया। लंड आधा अंदर घुस गया। अनन्या चीखी, “आह्ह्ह… दर्द हो रहा है… लेकिन और जोर से… पूरा लंड घुसा दो।” मैंने एक जोरदार झटका मारा। पूरा लंड उसकी चूत में घुस गया। वो चीख पड़ी। मैं तेज-तेज चोदने लगा। थप-थप की आवाजें पूरे कमरे में गूंज रही थीं। उसकी छातियां उछल रही थीं। मैं उन्हें हाथ से दबा रहा था। “ले… ले रंडी… मेरी गर्लफ्रेंड… तेरी चूत आज फट जाएगी।”
हम पोजीशन बदलते रहे। पहले मिशनरी, फिर डॉगी स्टाइल। अनन्या घुटनों के बल बैठ गई, गांड ऊपर। मैं पीछे से लंड घुसाया। गांड की दरार में हाथ फेरता हुआ चोद रहा था। “विक्रम… मेरी गांड भी मारो… लेकिन पहले चूत को और चोदो।” मैंने उसकी गांड पर थप्पड़ मारे, लाल निशान पड़ गए। लंड की तेज झटके, चूत से रस निकलकर जांघों पर बह रहा था।
फिर वो मेरे ऊपर बैठ गई। लंड अपनी चूत में डालकर ऊपर-नीचे होने लगी। उसकी छातियां मेरे मुंह के सामने झूल रही थीं। मैं उन्हें चूसता और वो चोदती रही। “मेरा लंड कितना अच्छा लग रहा है तेरी चूत में?” “बहुत… आह्ह्ह… और तेज… मुझे और चोद।”
हम दोनों झड़ चुके थे लेकिन रुकने का नाम नहीं। दूसरा राउंड शुरू किया। इस बार मैंने उसे खड़ा करके दीवार से लगाकर चोदा। एक टांग उठाकर लंड अंदर डाला। वो चीख रही थी, “हां… ऐसे ही… मेरी चूत में अपना गरम रस भर दो।” आखिर में मैंने लंड निकाला और उसके मुंह में डाल दिया। वो चूसने लगी। मैं झड़ गया, गरम-गरम वीर्य उसके मुंह में भर गया। उसने सब पी लिया।
रात भर हम चोदते रहे। सुबह तक तीन बार चुदाई हुई। अनन्या थकी हुई लेकिन खुश थी। वो बोली, “विक्रम, तू मेरा सबसे अच्छा बॉयफ्रेंड है। तेरे लंड के बिना मैं नहीं रह सकती।”
ये थी हमारी वो गंदी और रसीली चुदाई की कहानी। अगर आपको और डिटेल चाहिए तो बताना, अगली बार और लंबी कहानी सुनाऊंगा।