नमस्ते दोस्तों, मेरा नाम अक्षत है। मैं दिल्ली में रहता हूँ और एक छोटी सी IT कंपनी में जॉब करता हूँ। उम्र मेरी २८ साल है। मेरी पत्नी गुद्दन से मेरी शादी को अब दो साल हो चुके हैं। गुद्दन २५ साल की है, बहुत सुंदर, गोरी, मोटी-तगड़ी औरत है। उसके स्तन बड़े-बड़े और भरे-भरे हैं, कमर पतली और गांड बहुत भारी और लटकती हुई। जब वो चलती है तो उसकी गांड हिलती है तो मेरा लंड तुरंत खड़ा हो जाता है।
हमारी शादी के बाद पहले कुछ महीने तो नॉर्मल ही रहे, लेकिन फिर गुद्दन ने मुझे बताना शुरू किया कि वो Wattpad पर रोमांटिक और सेक्सी स्टोरी पढ़ती है। खासकर वो स्टोरी जिसमें पति पत्नी की चुदाई होती है। एक दिन वो मेरे पास आई और बोली, “अक्षत, आज रात मुझे अपनी तरह चोदना। जैसे उन कहानियों में लिखा होता है।” मैंने पूछा, “कैसी कहानी?” तो उसने मुस्कुराते हुए कहा, “गुद्दन और अक्षत वाली। जहां पति अपनी बीवी की चूत को चाटता है, गांड मारता है और बीवी चिल्लाती है।”
उस रात से हमारी जिंदगी बदल गई। गुद्दन रोज शाम को नहाने के बाद सिर्फ पेटीकोट और ब्लाउज में ही घूमने लगी। उसके ब्लाउज के अंदर से उसके काले-काले निप्पल साफ दिखते। एक शाम मैं ऑफिस से थका हुआ आया तो गुद्दन ने दरवाजा खोला। वो सिर्फ पतले से ब्लाउज और नीचे कुछ नहीं पहने थी। उसकी चूत के बाल हल्के-हल्के दिख रहे थे। मैंने तुरंत उसे दीवार से लगाकर चूम लिया। उसकी जीभ मेरी जीभ से लड़ रही थी। मैंने उसके ब्लाउज के बटन खोले और उसके भारी स्तन बाहर निकाल लिए। स्तन इतने बड़े थे कि दोनों हाथों में भी नहीं समा रहे थे। मैंने एक निप्पल मुंह में लिया और जोर-जोर से चूसने लगा। गुद्दन चीख रही थी, “अक्षत… अह्ह्ह… चूस ले मेरे मम्मे… चूत गीली हो रही है…”
मैंने उसे बेड पर लिटाया। उसके पेटीकोट को ऊपर खींचा। उसकी चूत पूरी तरह गीली थी। बाल हल्के-हल्के थे और चूत के होठ फूले हुए। मैंने अपनी उंगली उसकी चूत में डाली। अंदर से गरम और चिपचिपा। गुद्दन ने कमर उठाकर बोली, “अक्षत, अपनी उंगली और अंदर डाल… चोद मुझे उंगली से…” मैंने दो उंगलियां अंदर डालकर तेजी से आंदोलन शुरू कर दिया। गुद्दन की चूत से “चप-चप” की आवाज आ रही थी। उसका रस मेरी उंगलियों पर बह रहा था।
फिर मैंने अपना लंड निकाला। मेरा लंड ७ इंच का मोटा और नसों से भरा हुआ है। गुद्दन ने उसे हाथ में लिया और बोली, “कितना मोटा है तेरा लंड… आज मेरी चूत फाड़ दे…” उसने अपने मुंह में लिया और चूसने लगी। उसकी जीभ मेरे लंड के नीचे घूम रही थी। लार टपक रही थी। मैंने उसके बाल पकड़कर उसके मुंह में तेजी से लंड घुसाना शुरू कर दिया। गुद्दन का मुंह भर गया था। वो “ग्लक-ग्लक” की आवाज निकाल रही थी।
उसके बाद मैंने उसे घुटनों के बल बिठाया। उसकी भारी गांड मेरे सामने थी। मैंने उसके गांड के छेद पर थूक लगाया और अपनी उंगली डाली। गुद्दन चीख पड़ी, “अरे नहीं… गांड मत मार… चूत मार…” लेकिन मैंने नहीं माना। धीरे-धीरे लंड उसकी गांड में घुसाया। अंदर बहुत टाइट था। गुद्दन का रोना निकल रहा था, “अक्षत… दर्द हो रहा है… धीरे… अह्ह्ह…” लेकिन मैंने पूरा लंड अंदर डाल दिया। फिर तेजी से चोदने लगा। उसकी गांड लाल हो गई थी।
गुद्दन ने पीछे हाथ बढ़ाकर मेरी गांड पकड़ ली और बोली, “और जोर से चोद… मेरी गांड फाड़ दे…” मैंने और तेजी से धक्के मारे। पसीना दोनों के शरीर से बह रहा था। कमरे में सिर्फ “छप-छप” और गुद्दन की चीखें गूंज रही थीं।
फिर मैंने उसे पीठ के बल लिटाया। उसके दोनों पैर अपने कंधों पर रखे और लंड उसकी चूत में घुसा दिया। चूत इतनी गीली थी कि लंड आसानी से अंदर चला गया। मैंने उसके स्तनों को हाथ में लेकर जोर-जोर से दबाते हुए चोदना शुरू किया। गुद्दन का रस हर धक्के के साथ बाहर निकल रहा था। वो बार-बार चीख रही थी, “अक्षत… मैं झड़ने वाली हूँ… चोद… चोद मुझे…”
हम दोनों एक साथ झड़ गए। मेरा गरम-गरम वीर्य उसकी चूत में भर गया। गुद्दन का पूरा शरीर कांप रहा था।
उस रात हम तीन बार चोदे। सुबह तक गुद्दन की चूत और गांड दोनों लाल हो चुकी थीं। अगले दिन से गुद्दन रोज नई-नई पोजीशन मांगने लगी। कभी वो ऊपर चढ़कर चोदती, कभी मैं पीछे से। कभी वो मेरे लंड को अपनी चूत में घुसाकर घुमाती।
एक बार हम छत पर गए थे। रात का समय था। गुद्दन ने स्कर्ट पहनी हुई थी। मैंने उसे दीवार से लगाकर स्कर्ट ऊपर उठाया और सीधे चूत में लंड डाल दिया। नीचे से लोग आते-जाते दिख रहे थे लेकिन हम रुके नहीं। गुद्दन की चीखें हवा में गूंज रही थीं।
गुद्दन अब मेरे साथ पूरी तरह खुल गई है। वो बोलती है, “अक्षत, तू मेरा लंड है… मेरी चूत तेरा घर है… रोज चोद मुझे…” मैं भी उसे गंदी-गंदी गालियां देकर चोदता हूँ। “रंडी… तेरी चूत फाड़ दूंगा…”
हमारी जिंदगी अब सिर्फ चुदाई से भरी हुई है। सुबह उठते ही, नहाते वक्त, खाना खाते वक्त, सोते वक्त – हर जगह हम एक-दूसरे को चोदते रहते हैं। गुद्दन की चूत का रस, उसके स्तनों का दूध जैसा स्वाद, उसकी गांड की गर्माहट – ये सब मेरी जिंदगी का हिस्सा बन चुका है।
(कहानी यहीं खत्म नहीं होती। गुद्दन और अक्षत की चुदाई की कहानी रोज नई होती रहती है।)