नमस्ते दोस्तों, मेरा नाम राहुल है। मैं दिल्ली में रहता हूँ, एक छोटे से फ्लैट में। उम्र 28 साल है और नौकरी एक प्राइवेट कंपनी में करता हूँ। मेरी गर्लफ्रेंड का नाम प्रिया है। वो 26 साल की है, बहुत ही हॉट और सेक्सी लड़की। उसकी बॉडी देखकर कोई भी दीवाना हो जाए। उसके बड़े-बड़े स्तन, पतली कमर, गोल-गोल गोलियाँ जैसी गांड और चिकनी गोरी जांघें… बस याद करके ही लंड खड़ा हो जाता है। हम दोनों तीन साल से साथ हैं। शुरू में तो सब नॉर्मल था, लेकिन फिर मेरे मन में एक फैंटसी आने लगी – अपनी गर्लफ्रेंड को किसी और के साथ शेयर करने की।
एक दिन मैंने प्रिया को ये बात बताई। पहले वो शर्माई, लेकिन धीरे-धीरे वो भी तैयार हो गई। उसने कहा, “राहुल, अगर तू सच में चाहता है तो मैं ट्राई कर सकती हूँ, लेकिन सिर्फ तेरे दोस्त विक्रम के साथ। वो भी अच्छा है और हम दोनों को जानता है।” विक्रम मेरा कॉलेज फ्रेंड है, दिल्ली में ही रहता है। उसकी लंड की साइज भी बड़ी है, ये बात प्रिया को पहले से पता थी क्योंकि एक बार हम तीनों नशे में बातें कर रहे थे।
फिर एक शाम हम तीनों मेरे फ्लैट में मिले। बारिश हो रही थी, बाहर ठंडी हवा चल रही थी। प्रिया ने टाइट जींस और छोटी सी टॉप पहनी हुई थी। उसके स्तन टॉप से बाहर निकलने को बेताब लग रहे थे। विक्रम आते ही प्रिया को देखकर मुस्कुराया। मैंने दोनों को बैठाया और बोला, “आज से सब कुछ खुला है। प्रिया, तू विक्रम को अपना सब कुछ दिखा दे।”
प्रिया शरमा गई लेकिन फिर उठकर विक्रम के पास गई। उसने अपना टॉप उतारा। अंदर लाल ब्रा थी। विक्रम ने तुरंत ब्रा खोल दी और उसके गोरे-गोरे, बड़े स्तनों को दोनों हाथों से दबाना शुरू कर दिया। प्रिया की साँस तेज हो गई। “आह… विक्रम, धीरे से दबाओ ना… ये तेरे लिए ही हैं आज।” विक्रम ने उसके एक स्तन को मुँह में लिया और चूसने लगा। उसकी जीभ से प्रिया के निप्पल गीले हो गए। मैं कुर्सी पर बैठकर देख रहा था, मेरा लंड पहले से ही खड़ा हो चुका था।
प्रिया ने विक्रम की पैंट खोली। अंदर से उसका मोटा, लंबा लंड निकला। कम से कम 8 इंच का था, मोटाई भी मेरे से ज्यादा। प्रिया की आँखें चौड़ी हो गईं। “वाह विक्रम, तेरा लंड तो राहुल से भी बड़ा है। आज मेरी चूत फाड़ देगा ये।” उसने घुटनों के बल बैठकर विक्रम का लंड मुँह में लिया। चूसने लगी, जोर-जोर से। लार टपक रही थी। विक्रम ने प्रिया के बाल पकड़कर उसका सिर आगे-पीछे करने लगा। “चूस प्रिया, पूरी तरह अंदर ले… तेरी रस भरी जुबान से मेरा लंड गीला हो रहा है।”
कुछ देर बाद विक्रम ने प्रिया को उठाया और बेड पर लिटा दिया। उसकी जींस और पैंटी उतार दी। प्रिया की चूत पूरी तरह गीली थी। बाल कटे हुए थे, गुलाबी रंग की और रस टपक रहा था। विक्रम ने उसकी जांघें फैलाईं और चूत चाटने लगा। प्रिया चीखने लगी, “आह्ह्ह… विक्रम, तेरी जीभ मेरी चूत के अंदर… और गहराई तक… चाट, चाट ले सारा रस।” विक्रम ने उसकी चूत के होठों को चूमा, क्लिट को चूसा और दो उंगलियाँ अंदर डाल दीं। प्रिया का शरीर काँप रहा था।
फिर विक्रम ने अपना लंड प्रिया की चूत पर रखा और एक जोरदार झटके से अंदर घुसा दिया। “उफ्फ्फ… विक्रम, धीरे… तेरा लंड बहुत मोटा है… मेरी चूत फट जाएगी।” लेकिन विक्रम रुकने वाला नहीं था। वो जोर-जोर से चोदने लगा। प्रिया के स्तन उछल रहे थे। हर झटके के साथ “प्लच-प्लच” की आवाज आ रही थी। प्रिया चिल्ला रही थी, “हाँ… और जोर से चोद… मेरी चूत तेरे लंड की गुलाम है आज… राहुल देख रहा है ना, कैसे तेरा दोस्त मुझे चोद रहा है।”
मैं भी उठकर पास गया। प्रिया ने मेरा लंड भी हाथ में लिया और चूसने लगी। अब हम दोनों के लंड उसकी मुँह और चूत में थे। विक्रम ने प्रिया को कुत्ते वाली पोज में कर दिया। उसकी गांड ऊपर उठी हुई थी। विक्रम ने प्रिया की गांड के छेद में उंगली डाली और साथ ही चूत में लंड घुसा दिया। प्रिया की दोनों सुराख भर गए। वो जोर-जोर से चीख रही थी। “आह्ह्ह… दोनों छेद भर दो… मैं आज पूरी रंडी बन गई हूँ… चोदो मुझे… गांड और चूत दोनों फाड़ दो।”
विक्रम ने प्रिया की गांड भी चाटी, फिर लंड से दबाव डाला। प्रिया की गांड टाइट थी लेकिन धीरे-धीरे लंड अंदर घुस गया। अब विक्रम प्रिया की गांड चोद रहा था जबकि मैं उसकी चूत में लंड डाल रहा था। प्रिया के शरीर से पसीना निकल रहा था। उसके स्तनों से दूध जैसा रस नहीं, लेकिन पसीने की बूंदें टपक रही थीं। हम तीनों की साँसें तेज थीं। कमरे में सिर्फ चुदाई की आवाजें गूंज रही थीं – “थप-थप”, “आह-आह”, “चोद-चोद”।
घंटे भर तक ये सिलसिला चला। प्रिया को तीन बार झड़ चुका था। उसकी चूत और गांड से सफेद रस बह रहा था। विक्रम ने आखिर में प्रिया के स्तनों पर झड़ दिया। गरम-गरम वीर्य प्रिया के गोरे स्तनों पर फैल गया। प्रिया ने उसे उंगलियों से उठाकर चाट लिया। “स्वादिष्ट है विक्रम का रस।” फिर मैंने भी प्रिया की चूत में झड़ दिया।
रात भर हम तीनों सोए नहीं। प्रिया ने विक्रम का लंड फिर चूसा, मैंने उसकी गांड चाटी। सुबह तक प्रिया थक चुकी थी लेकिन खुश भी। उसने कहा, “राहुल, ये Indian GF share का मजा सच में अलग है। अब कभी-कभी विक्रम को बुलाते रहना।”
दोस्तों, ये मेरी असली कहानी है। प्रिया अब हफ्ते में एक बार विक्रम से चुदवाती है और मैं देखता हूँ। अगर तुम्हें भी अपनी गर्लफ्रेंड शेयर करनी है तो सोच समझकर करना, लेकिन मजा जरूर आएगा। प्रिया की चूत और गांड अब दोनों के लंड से भरती है। बस इतना ही… अब तुम भी अपनी कहानी शेयर करना।