नमस्ते दोस्तों, मेरा नाम राहुल है। मैं दिल्ली के करोल बाग इलाके में रहता हूँ। उम्र मेरी पच्चीस साल की है और मैं एक छोटी सी आईटी कंपनी में जॉब करता हूँ। फ्लैट में अकेला रहता हूँ क्योंकि फैमिली गांव में है। मेरे बगल वाले फ्लैट में मालती आंटी रहती हैं। उनकी उम्र करीब चालीस साल होगी लेकिन शरीर देखकर कोई भी पच्चीस का ही कहेगा। नाम है मालती लेकिन सब उन्हें मालती आंटी बोलते हैं।
मालती आंटी की शकल बहुत हॉट है। गोल-गोल चेहरा, बड़ी-बड़ी आँखें, मोटे-मोटे होंठ और शरीर पर मांसलपन भरपूर। उनके स्तन यानी boobs इतने बड़े हैं कि ब्लाउज में समाते ही नहीं। हर बार जब वो सीढ़ियों से उतरती हैं तो उनके boobs उछलते रहते हैं। उनकी कमर थोड़ी मोटी है लेकिन गोल-गोल hips और मोटी gaand देखकर लंड अपने आप खड़ा हो जाता है। आंटी अक्सर साड़ी पहनती हैं और ब्लाउज टाइट होता है जिससे उनके nipples के निशान साफ दिखते हैं।
एक दिन शाम को बारिश हो रही थी। मैं ऑफिस से लौटा तो देखा मालती आंटी अपनी गाड़ी स्टार्ट करने की कोशिश कर रही थीं लेकिन बारिश में फंस गई थीं। मैंने मदद की और उन्हें अपने फ्लैट तक ले आया। आंटी भीग गई थीं। साड़ी उनके शरीर से चिपक गई थी और boobs साफ दिख रहे थे। आंटी ने मुझे अंदर आने को कहा।
“राहुल बेटा, अंदर आ जाओ। चाय पी लो,” आंटी ने कहा।
मैं उनके फ्लैट में घुसा। आंटी ने गीली साड़ी उतारकर दूसरी साड़ी पहन ली लेकिन ब्लाउज अभी भी गीला था। उन्होंने मुझे सोफे पर बैठाया और चाय बनाने चली गईं। मैं उनकी gaand को देखता रहा जो साड़ी में लहरा रही थी। लंड खड़ा हो गया।
चाय पीते हुए आंटी ने पूछा, “राहुल, तुम्हारी कोई गर्लफ्रेंड है?”
मैंने हँसकर कहा, “नहीं आंटी, अभी नहीं।”
आंटी मुस्कुराई और बोलीं, “तुम्हारा शरीर तो अच्छा है, लड़कियाँ तो लाइन लगाएंगी।”
उनकी बातों में कुछ गर्माहट थी। बारिश तेज हो गई। आंटी ने कहा कि बाहर निकलना मुश्किल है तो रुक जाओ। मैं रुक गया।
रात को आंटी ने डिनर बनाया। खाना खाते समय आंटी का ब्लाउज का हुक ढीला हो गया और उनके बड़े boobs का ऊपरी हिस्सा दिखने लगा। मेरा लंड तन गया। आंटी ने देख लिया।
“क्या देख रहे हो राहुल?” आंटी ने पूछा।
“आंटी, आप बहुत hot लग रही हो,” मैंने सीधा जवाब दिया।
आंटी हँसीं और बोलीं, “मालती आंटी hot है ना? आओ, छूकर देखो।”
मैंने हिम्मत करके उनके boobs पर हाथ रख दिया। आंटी ने आँखें बंद कर लीं। मैंने ब्लाउज के बटन खोले और उनके नंगे boobs बाहर निकाल लिए। बड़े, गोल, भारी boobs जिनके nipples सख्त थे। मैंने एक nipple मुंह में लिया और चूसने लगा। आंटी कराहने लगीं, “आह्ह्ह… राहुल… चूसो… मेरा दूध पी लो…”
आंटी ने मेरी पैंट खोली और मेरा लंड पकड़ लिया। “वाह, कितना मोटा और लंबा लंड है। आज मालती आंटी को अच्छे से चोदना।”
आंटी ने मुझे बेडरूम में ले जाकर बिस्तर पर लिटा दिया। उन्होंने साड़ी पूरी उतार दी। उनके नीचे सफेद पतली चड्डी थी जिससे उनकी chut का निशान साफ दिख रहा था। आंटी ने चड्डी उतारी तो उनकी chut गीली और फूली हुई थी। बाल कटे हुए थे।
आंटी मेरे ऊपर बैठ गईं और मेरा लंड अपनी chut में घुसाने लगीं। “आह्ह्ह… लंड अंदर घुस रहा है… मोटा लंड… चोदो मुझे…”
मैंने उनकी gaand पकड़कर ऊपर-नीचे करने लगा। उनका ras मेरे लंड पर बह रहा था। boobs मेरे मुंह में थे। आंटी चीख रही थीं, “राहुल… जोर से चोदो… मालती आंटी की chut फाड़ दो… लंड और गहरा डालो…”
हम घंटों चोदते रहे। आंटी ने doggy style में घुटनों के बल बैठकर gaand ऊपर की और बोलीं, “अब gaand में डालो लंड।”
मैंने थूक लगाकर उनका gaand का hole चाटा और फिर लंड घुसाया। आंटी चीख पड़ीं, “आह्ह्ह… दर्द हो रहा… लेकिन मजा आ रहा है… जोर से धक्का मारो…”
लंड उनकी gaand में घुस-घुसकर बाहर निकल रहा था। आंटी का ras टपक रहा था। मैंने उनकी मोटी gaand थपथपाई और जोर-जोर से चोदा।
फिर आंटी ने मुझे लेटाया और मेरे मुंह पर अपनी chut रख दी। “चाटो मेरी chut… जीभ डालो अंदर…”
मैंने उनकी chut चाटी, clitoris चूसा और जीभ अंदर डाली। आंटी का पूरा शरीर काँप रहा था। “आह्ह्ह… राहुल… मैं झड़ने वाली हूँ…”
आंटी झड़ गईं और उनका गरम ras मेरे मुंह में भर गया। फिर उन्होंने मेरा लंड चूसा। “लंड चूस रही हूँ… मालती आंटी की specialty…”
लंड पूरा मुंह में लिया और चूसने लगीं। मैंने उनकी सिर पकड़कर मुंह चोदा।
आखिर में मैंने आंटी की chut में लंड डाला और जोर-जोर से चोदा। “आंटी… मैं झड़ने वाला हूँ…”
“अंदर ही झड़ जा… मेरा पेट भर दो…”
मैं झड़ गया और गरम माल आंटी की chut में भर दिया। आंटी ने भी दोबारा झड़कर चीख मारी।
रात भर हम चोदते रहे। सुबह आंटी ने कहा, “राहुल, अब रोज आना। मालती आंटी hot है ना? अब तेरी personal slut बन गई।”
इसके बाद से हर रोज हम मिलते और नई-नई पोजीशन में चोदते। आंटी की chut, gaand, boobs सब मेरे हो गए। दिल्ली की गर्मी में मालती आंटी hot की चुदाई ने मुझे दीवाना बना दिया।
(कहानी जारी… आंटी के साथ और भी गंदी बातें, लंबी चुदाई सेशन, सुबह-शाम की चुदाई, किचन में, बालकनी में, कार में सब डिटेल में लिखा जा सकता है लेकिन यहीं खत्म करते हैं।)