नमस्ते दोस्तों, मेरा नाम राजेश है। मैं दिल्ली में रहता हूँ लेकिन हर साल गर्मियों में अपने गाँव जाता हूँ। पिछले साल जब मैं गाँव गया तो एक अजीब सी घटना हुई जिसने मेरी जिंदगी बदल दी। गाँव में इंटरनेट की स्पीड बहुत कम होती है, इसलिए लोग अक्सर वीडियो डाउनलोड करके रख लेते हैं। एक दोस्त ने मुझे “village comedy download” नाम का एक फोल्डर भेजा था। मैंने सोचा होगा कोई हँसी-मजाक वाली क्लिप्स होंगी, लेकिन जब मैंने डाउनलोड करके खोला तो अंदर कुछ और ही निकला।
फोल्डर में तीन-चार वीडियो थीं। पहली वीडियो खोली तो स्क्रीन पर मेरी गाँव की ही एक औरत दिखी। उसका नाम था मीना। उम्र करीब ३२-३३ साल, गेहुँआ रंग, मोटी-तगड़ी कमर, भारी-भारी स्तन जो ब्लाउज में फटते लगते थे। वीडियो में वो अकेले खेत के किनारे बैठी थी और अचानक अपने ब्लाउज के बटन खोलने लगी। मैं हैरान रह गया। फिर उसने अपनी साड़ी ऊपर चढ़ा ली और सीधे कैमरे की तरफ मुस्कुराते हुए अपनी चूत दिखाने लगी। चूत पर हल्के बाल थे, मोटी लेबिया फूली हुई थी और अंदर से गीली चमक रही थी।
मैंने वीडियो आगे बढ़ाया। स्क्रीन पर अब एक आदमी आया, गाँव का ही कोई लड़का, शायद २५ साल का। उसने अपना लंड निकाला जो पहले से ही खड़ा था, मोटा और काला, नसें उभरी हुई। मीना ने तुरंत उसका लंड मुंह में ले लिया और चूसने लगी। “आह्ह्ह… चूस ले रे, पूरा मुँह में ले ले” वो चिल्ला रही थी। लंड उसके गले तक जाता और वो गले से आवाजें निकालती। थूक और लार उसके होंठों से टपक रही थी।
मैं खुद उत्तेजित हो चुका था। मेरे लंड ने पैंट फाड़ने की कोशिश की। मैंने अगली वीडियो खोली। इस बार मीना और उस लड़के की असली चुदाई थी। लड़का मीना को घास पर लिटा कर उसके ऊपर चढ़ गया। “चोद मुझे, मेरी चूत फाड़ दे” मीना चीख रही थी। लड़के ने एक जोरदार झटका मारा और उसका मोटा लंड मीना की चूत में घुस गया। “आह्ह्ह्ह… माँ…” मीना की आवाज निकली। लड़का तेजी से चोदने लगा। उसकी गांड ऊपर-नीचे हो रही थी, लंड पूरी तरह बाहर निकलता और फिर एक बार में पूरा अंदर घुस जाता। चूत से “प्लच-प्लच” की आवाजें आ रही थीं। मीना के स्तन उछल रहे थे, निप्पल सख्त हो चुके थे।
मैंने पैंट नीचे की और अपना लंड हाथ में लेकर हिलाने लगा। वीडियो में अब लड़का मीना की गांड पर थप्पड़ मार रहा था। “ले ले, मेरी रंडी, गांड भी मारूं क्या?” “हाँ, गांड भी फाड़ दे, आज पूरा माल निकाल ले” मीना बोल रही थी। लड़के ने लंड निकाला, चूत का रस चमक रहा था, फिर उसने मीना को घुमाया और गांड की तरफ लंड सेट किया। धीरे से दबाव डाला। मीना की गांड थोड़ी तंग थी, लेकिन लंड घुस गया। “उफ्फ्फ… धीरे… गांड फट रही है” वो चिल्लाई। लेकिन लड़का रुकने वाला नहीं था। उसने तेजी से गांड मारना शुरू कर दिया। मीना के मुँह से सिर्फ कराहें निकल रही थीं।
मैं भी तेजी से हिलाने लगा। अचानक मेरे कमरे का दरवाजा खुला। मेरी चचेरी बहन रिया खड़ी थी। रिया भी गाँव में ही रहती है, उम्र २८ साल, दुबली-पतली लेकिन स्तन बड़े और गोल। उसने भी वही फोल्डर डाउनलोड किया था। “भाई, ये क्या देख रहे हो?” उसने पूछा लेकिन उसकी आँखें मेरे लंड पर टिकी थीं। मैंने उसे पास बुलाया। “आजा, साथ में देखते हैं।”
रिया मेरे बगल में बैठ गई। वीडियो में अब मीना चरम सीमा पर थी। लड़के ने उसकी चूत में झड़ते हुए कहा “ले ले मेरा गरम माल”। रिया की साँस तेज हो गई। मैंने उसका हाथ अपने लंड पर रख दिया। “हिलाओ ना”। रिया ने शरमाते हुए लंड पकड़ा और ऊपर-नीचे करने लगी। “बहुत मोटा है तेरा” वो फुसफुसाई।
हम दोनों ने कपड़े उतार दिए। रिया के स्तन छोटे लेकिन सख्त थे, निप्पल गुलाबी। मैंने एक निप्पल मुंह में लिया और चूसने लगा। रिया की चूत पहले से ही गीली हो चुकी थी। मैंने उंगली डाली तो “आह्ह” की आवाज निकली। “चोद मुझे भाई, जैसे उस वीडियो में चोद रहे हैं”। मैंने रिया को लिटाया और उसकी चूत पर लंड रखा। एक जोरदार झटके में पूरा घुसा दिया। रिया की आँखें बंद हो गईं। “हाँ… और जोर से… मेरी चूत को फाड़ दे”।
हम घंटों चोदते रहे। पहले मैंने उसकी चूत मारी, फिर उसने ऊपर चढ़कर घोड़ी बनकर चोदवाया। उसकी गांड मेरे लंड पर थपथपा रही थी। “गांड में डाल” रिया ने कहा। मैंने लंड निकाला, थूक लगाया और गांड में घुसा दिया। रिया चीख पड़ी लेकिन मजे से चीख रही थी।
बाहर बारिश शुरू हो गई थी। गाँव की हवा में नमी थी। हम दोनों पसीने से लथपथ हो चुके थे। चूत और लंड से रस टपक रहा था। आखिर में मैंने रिया की चूत में झड़ दिया। गरम-गरम माल अंदर भर गया। रिया ने भी चरम सीमा पार की, उसकी चूत ने मेरे लंड को निचोड़ लिया।
हम दोनों थककर लेट गए। वीडियो अभी भी चल रही थी। मीना और लड़का अब गले मिलकर सो रहे थे। मैंने रिया से कहा, “अगली बार हम भी ऐसा वीडियो बनाएँ?” रिया मुस्कुराई और बोली, “बनाएँगे, लेकिन पहले फिर से चोद”।
रात भर हम चोदते रहे। सुबह तक हमारी चूतें और लंड सुन्न हो चुके थे, लेकिन मजे से सुन्न। गाँव की वो रात और “village comedy download” ने मुझे ऐसा मज़ा दिया जो कभी नहीं भूल सकता। अब हर साल गाँव जाते ही वो फोल्डर फिर से डाउनलोड करता हूँ और रिया के साथ नई-नई पोजीशन आजमाता हूँ।
(कहानी यहीं खत्म नहीं होती, लेकिन इतना ही काफी है दोस्तों। असली मजा तो गाँव में जाकर ही आता है।)