नमस्ते दोस्तों, मेरा नाम राहुल है। मैं हैदराबाद में एक आईटी कंपनी में जॉब करता हूं। उम्र 28 साल, सिंगल, और अक्सर अकेला महसूस करता था। फ्लैट में रहता हूं, पास ही एक तेलुगु फैमिली भी रहती थी। उनकी बेटी शादी करके चली गई थी और अकेली रहती थी उनकी 42 साल की मां, लक्ष्मी अंटी। वो तेलुगु औरत थी, लेकिन हिंदी भी अच्छी बोल लेती थी। गोरी नहीं, बल्कि wheatish skin, भारी भरे बदन, 36-34-40 का फिगर, मोटी मोटी जांघें, और जब चलती तो उनकी गोल गोल गांड हिलती हुई लगती।
एक दिन मॉनसून की बारिश में उनकी छत से पानी टपक रहा था। उन्होंने मदद मांगी। मैं गया तो वो अकेली थीं। साड़ी पहनी हुई थी, ब्लाउज थोड़ा टाइट, उनके बड़े बड़े स्तन साफ दिख रहे थे। बारिश में भीगने से कपड़े चिपक गए थे। मैंने छत ठीक की, फिर वो चाय बनाने लगीं। बातों में पता चला कि उनके पति विदेश में हैं। धीरे धीरे हम दोस्त बन गए। रोज शाम को उनके फ्लैट में चाय पीने जाता।
एक शाम वो थोड़ी ज्यादा खुलकर बात करने लगीं। बोलीं, "राहुल, तुम्हारी उम्र के लड़के मुझे अच्छे लगते हो।" मैंने हिम्मत करके पूछा, "अंटी, क्या आप अकेलेपन से परेशान हो?" उनकी आंखों में चमक आई। उन्होंने कहा, "हां बेटा, बहुत दिनों से कोई छुआ नहीं।" मैंने उनका हाथ पकड़ा। वो सांस रोककर बैठ गईं। फिर मैंने उनकी कमर पकड़कर खींचा और होंठों पर किस किया।
उनके होंठ नरम थे, जीभ से चूसने लगे। मैंने उनकी साड़ी का पल्लू खींचा। ब्लाउज के बटन खोले। अंदर काला ब्रा था, जिसमें उनके भारी स्तन दबे हुए थे। ब्रा उतारी तो बड़े बड़े काले निप्पल बाहर आए। मैंने एक को मुंह में लिया, चूसा, काटा। लक्ष्मी अंटी सिसकारियां भरने लगीं, "आह्ह… राहुल… चूसो और जोर से… मेरी चूचियां फट रही हैं।"
मैंने उनकी साड़ी और पेटीकोट उतारे। अंदर पैंटी गीली हो चुकी थी। मैंने उंगली डाली तो उनकी चूत गर्म और गीली निकली। बाल थे, लेकिन कटे हुए। मैंने मुंह लगाया, जीभ से चाटने लगा। उनकी चूत का रस मीठा सा था। वो चीखने लगीं, "ओह्ह्ह… मेरी चूत चाटो… तेलुगु अंटी की गंदी चूत चूस लो… आह्ह… और अंदर जीभ डालो!"
फिर उन्होंने मेरी पैंट खोली। मेरा लंड 7 इंच का खड़ा हो चुका था। उन्होंने लंड पकड़ा, "कितना मोटा है बेटा… मेरी चूत फाड़ देगा।" मुंह में लिया, चूसा, जीभ से लपेटा। थूक लगाकर गहरा चूसा। मैंने उनके सिर को पकड़कर धक्के मारे। "अंटी, लंड चूसो… मेरे लंड का रस पियो।"
उन्होंने मुझे बेड पर लिटाया। मैंने उनकी गांड पर थप्पड़ मारे, "तेरी मोटी गांड लाल कर दूंगा।" फिर उनकी टांगें फैलाईं और लंड उनकी चूत पर रखा। धीरे से घुसाया। चूत बहुत टाइट थी, जैसे 20 साल की लड़की की। "आह्ह… दर्द हो रहा… लेकिन और अंदर डालो राहुल… मेरी चूत फाड़ दो!"
पूरा लंड अंदर घुसा तो वो चीख पड़ीं। मैंने जोर जोर से चोदना शुरू किया। उनकी चूत से चप चप की आवाज आ रही थी। स्तन उछल रहे थे। मैंने एक हाथ से उनके निप्पल निचोड़े, दूसरा हाथ गांड पर। "लक्ष्मी अंटी, तेरी चूत कितनी गर्म है… रोज चोदूंगा।" वो बोल रही थीं, "हां बेटा… तू मेरा मालिक है… मेरी चूत तेरा लंड चाहती है… और जोर से चोद… मेरी गांड भी मार लेना!"
हम पोजीशन बदलते गए। डॉगी स्टाइल में उनकी गांड हवा में, मैं पीछे से चोद रहा था। लंड अंदर बाहर हो रहा था, चूत का रस लंड पर चिपक रहा था। मैंने उनकी गांड की दरार में उंगली डाली। "अंटी, गांड भी दोगी?" "हां… आज सब कुछ तेरा है।"
मैंने थूक लगाकर गांड में लंड डाला। टाइट थी, लेकिन धीरे धीरे घुस गया। "आह्ह… गांड फट रही… लेकिन मजा आ रहा है… चोद मेरी गांड!" दोनों छेदों में बारी बारी से चोदता रहा। पसीना पसीना हो गए थे। उनकी चूत और गांड दोनों लाल हो चुकी थीं।
मैंने उन्हें उल्टा लिटाया, मुंह नीचे, गांड ऊपर। फिर से चोदा। आखिर में उन्होंने कहा, "मेरे मुंह में डाल… अपना रस पिला दे।" मैंने लंड उनके मुंह में डाला और झड़ गया। गरम गरम रस उनके गले में उतरा। उन्होंने सब पी लिया, फिर लंड चाटकर साफ किया।
हम रात भर चोदते रहे। सुबह तक तीन बार और चोदा। उनकी चूत, गांड, मुंह सब इस्तेमाल किए। वो बार बार चीख रही थीं, "तेलुगु अंटी तेरी गुलाम बन गई… रोज आना चोदने।"
उसके बाद से रोज शाम को उनके फ्लैट में चुदाई होती। कभी किचन में, कभी बालकनी में, कभी बाथरूम में। वो मुझे अपनी चूत दिखाकर बुलातीं, "राहुल, आ जा… अंटी की चूत तरस रही है तेरे लंड के लिए।" मैं उनकी मोटी जांघों के बीच घुस जाता, लंड घुसाता और जोर जोर से धक्के मारता। उनका बदन कांपता, स्तन उछलते, चूत से रस बहता।
एक बार बारिश में बालकनी पर नंगी होकर चोदा। पानी गिर रहा था, हम चुदाई कर रहे थे। उनकी साड़ी गीली, शरीर चमक रहा था। मैंने उनकी गांड पकड़ी, लंड अंदर डाला और बारिश में ही झड़ गया।
लक्ष्मी अंटी अब मेरी पर्सनल तेलुगु हॉट अंटी बन चुकी हैं। उनकी चूत, गांड, स्तन सब मेरे हैं। रोज नई नई पोजीशन ट्राई करते हैं। वो कहती हैं, "तू आया तो मेरी जिंदगी बदल गई… अब तू ही मेरा पति है।" मैं उन्हें चोदता हूं, वो मुझे अपना रस पिलाती हैं।
ये मेरी असली कहानी है दोस्तों। अगर और डिटेल चाहिए तो बताना। लेकिन याद रखना, तेलुगु हॉट अंटीज की चूत सच में बहुत मस्त होती है।