नमस्ते दोस्तों, मेरा नाम राहुल है। मैं दिल्ली में रहता हूँ, एक छोटे से फ्लैट में। उम्र मेरी २८ साल है और मैं एक प्राइवेट कंपनी में जॉब करता हूँ। ये कहानी मेरी गर्लफ्रेंड अनन्या के साथ की है। अनन्या मेरी कॉलेज की दोस्त थी, लेकिन अब वो हैदराबाद में जॉब करती है। हम दोनों रोज रात को चैट करते हैं। शुरू में नॉर्मल बातें होती थीं, लेकिन धीरे धीरे बातें सेक्सुअल हो गईं।
एक रात मैं अकेला अपने बेड पर लेटा था। फोन में अनन्या का मैसेज आया। “क्या कर रहे हो?” मैंने लिखा, “तुम्हारे बारे में सोच रहा हूँ।” वो ऑनलाइन थी। “क्या सोच रहे हो?” उसने पूछा। मैंने सीधा लिख दिया, “तुम्हारी गोल गोल चुचियाँ और वो गीली चूत।” अनन्या ने तुरंत रिप्लाई किया, “शरारती लड़का! मेरी चूत पहले से ही गीली हो रही है तेरे लंड की बात सुनकर।”
हमारी चैटिंग गर्म हो गई। मैंने लिखा, “अनन्या, तेरी चूत कितनी टाइट है? कल्पना कर रहा हूँ कि मैं अपनी उंगलियाँ उसमें डालकर घुमा रहा हूँ।” वो बोली, “राहुल, मेरा लंड चूसने का मन कर रहा है। तेरे मोटे लंड को मुंह में लेकर चूसूंगी, पूरा गला भरकर।” हम दोनों वीडियो कॉल पर आ गए। अनन्या ने अपना कैमरा ऑन किया। वो अपने रूम में थी, नाइट सूट पहने। उसने टॉप उतारा। उसकी ब्रेस्ट्स झूल रहे थे, निप्पल्स खड़े हो चुके थे। मैंने भी अपना लंड निकाला। वो बोली, “वाह, कितना मोटा है तेरा लंड! चैट करते करते मेरी चूत से रस टपक रहा है।”
मैंने उसे कहा, “अपनी चूत दिखा।” अनन्या ने पैंटी उतारी। कैमरे में उसकी गुलाबी चूत साफ दिख रही थी, बाल कटे हुए, और रस चमक रहा था। वो उंगली डालकर हिलाने लगी। “राहुल, तू भी हिला अपना लंड।” हम दोनों एक साथ मस्तurbation कर रहे थे। मैंने कहा, “तेरी चूत चाटना चाहता हूँ, उसका स्वाद लेना चाहता हूँ।” वो सिसक रही थी, “हाँ, मेरी चूत तेरे मुंह में।”
ये चैटिंग कई रातों तक चली। एक दिन अनन्या ने बताया कि वो दिल्ली आ रही है। मैंने कहा, “मेरे फ्लैट आ जाना।” वो मुस्कुराई।
अनन्या दिल्ली पहुंची। मैं स्टेशन पर लेने गया। वो ट्रेन से उतरी, टाइट जींस और टॉप पहने। हम दोनों स्कूटर पर फ्लैट आए। फ्लैट में अकेले थे। दरवाजा बंद करते ही हम एक दूसरे पर टूट पड़े। अनन्या ने मेरा मुंह चूमा, जीभ डाली। मैंने उसकी जींस उतारी। उसकी गोल गांड हाथ में आई। मैंने उसकी चूत पर हाथ फेरा, वो पहले से गीली थी।
“राहुल, चैट में जो बोला था ना, वो सब कर।” मैंने उसे बेड पर लिटाया। उसकी ब्रेस्ट्स चूसने लगा। निप्पल्स कड़े थे। मैं नीचे गया, उसकी चूत चाटने लगा। जीभ से क्लिटोरिस को चूमता, उंगली अंदर डालता। अनन्या चीख रही थी, “हाँ, मेरी चूत चाट, और गहराई से!” उसका रस मेरे मुंह में आ रहा था।
फिर वो मेरे लंड पर आई। मुंह में लिया, पूरा गला भरकर चूसने लगी। “तेरा लंड स्वादिष्ट है।” मैंने उसके बाल पकड़कर मुंह में ठेला। वो गले तक ले रही थी।
मैंने उसे घुमाया, डॉगी स्टाइल में। उसकी गांड ऊपर, चूत पीछे। मैंने लंड डाला। “आह, राहुल, पूरा डाल!” वो चीखी। मैं जोर जोर से चोदने लगा। थप थप की आवाजें। उसकी चूत का रस मेरे लंड पर लग रहा था। मैंने उसकी गांड पर थप्पड़ मारे। “ले, मेरी रंडी, तेरी चूत फाड़ दूंगा।”
हमने कई पोजीशन में चोदा। मिशनरी में, वो ऊपर बैठकर। अनन्या चिल्ला रही थी, “मेरा पानी निकाल, तेरे लंड पर।” हम दोनों झड़ गए। उसकी चूत में मेरा वीर्य भर गया।
रात भर हम चोदते रहे। सुबह फिर चैटिंग की बातें करते हुए नंगी लेटे थे। अनन्या बोली, “अब रोज चैट करेंगे, लेकिन असली मजा तो मिलने पर है।”
ये हमारी कहानी है। चैटिंग से शुरू हुई और असली चुदाई तक पहुंची। अब भी जब चैट करते हैं तो याद आती है वो दिल्ली वाली रात।