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एक नज़र: नैतिक यह रिश्ता: साली की गीली चूत और मेरा लंड — देखने योग्य

एक नज़र: नैतिक यह रिश्ता: साली की गीली चूत और मेरा लंड — देखने योग्य

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नमस्ते दोस्तों, मेरा नाम राहुल है। मैं मुंबई के अंधेरी में एक छोटे से फ्लैट में रहता हूं। उम्र 32 साल, शादीशुदा, दो बच्चे। पत्नी का नाम पूजा है। वो बहुत अच्छी औरत है, लेकिन जिंदगी में कुछ रिश्ते ऐसे हो जाते हैं जिनमें नैतिकता की लाइन पार करनी पड़ती है। आज मैं आपको अपनी साली अनन्या के साथ हुए उस गंदे, गर्म और बेहद गंदे चुदाई वाले किस्से के बारे में बता रहा हूं। ये रिश्ता नैतिक यह रिश्ता था, लेकिन जब एक बार लंड और चूत मिल गए तो नैतिकता भूल गई।

अनन्या मेरी पत्नी की छोटी बहन है। उम्र 26 साल, शादी नहीं हुई। गोरी, मोटी-ताजा गांड, बड़े-बड़े स्तन और पतली कमर। जब वो पहली बार हमारे फ्लैट में रहने आई तो मुझे लगा कि ये लड़की मेरे लिए मुसीबत बनने वाली है। पूजा ऑफिस जाती थी, बच्चे स्कूल, और मैं घर पर फ्रीलांस काम करता था। अनन्या भी जॉब ढूंढ रही थी, इसलिए दिन भर घर में ही रहती।

पहले-पहले तो सब नॉर्मल था। वो मुझे “जीजा जी” बोलती, मैं चाय बनाकर देता। लेकिन धीरे-धीरे उसकी नजरें बदलने लगीं। एक दिन बारिश में वो भीगकर आई। उसकी साड़ी शरीर से चिपक गई थी। उसके बड़े स्तन साफ दिख रहे थे, निप्पल्स खड़े। मैंने देख लिया और लंड खड़ा हो गया। वो भी मेरी तरफ देखकर मुस्कुराई।

उस रात पूजा रिश्तेदारों के घर गई हुई थी। बच्चे भी साथ थे। घर में सिर्फ मैं और अनन्या थे। रात को खाना खाने के बाद हम टीवी देख रहे थे। अचानक बिजली चली गई। अंधेरा हो गया। अनन्या डर गई और मेरे पास आकर बैठ गई। उसकी सांसें तेज थीं। मैंने कहा, “डर मत, मैं हूं ना।”

उसने कहा, “जीजा जी, आप बहुत अच्छे हो।” फिर उसका हाथ मेरे हाथ पर पड़ गया। मैंने हिम्मत करके उसकी जांघ पर हाथ रख दिया। वो हट नहीं रही थी। मैंने पूछा, “अनन्या, ये क्या हो रहा है?” उसने सर झुकाकर कहा, “नैतिक यह रिश्ता है जीजा जी, लेकिन मैं रोक नहीं पा रही।”

उसके मुंह से ये सुनकर मेरा लंड फटने लगा। मैंने उसे खींचकर अपने ऊपर बैठा लिया। उसके होंठों पर अपना मुंह मार दिया। हम दोनों जोर-जोर से चूमने लगे। उसकी जीभ मेरी जीभ से लड़ रही थी। मैंने उसकी साड़ी खोल दी। अंदर ब्लाउज था। मैंने ब्लाउज फाड़कर उसके स्तन बाहर निकाल लिए। बड़े-बड़े, गोरे, निप्पल्स गुलाबी। मैंने एक निप्पल मुंह में लिया और चूसने लगा। वो चीखने लगी, “आह्ह्ह जीजा जी… चूसो… मेरे स्तन चूस लो…”

मैंने दूसरा स्तन भी चूसा। फिर नीचे उतरकर उसकी पेटी खोली। अंदर पैंटी थी, जो पूरी गीली हो चुकी थी। मैंने पैंटी उतारी। उसकी चूत साफ, गुलाबी, बाल कटे हुए। चूत के होठ फूल चुके थे और रस बह रहा था। मैंने उंगली डाली। अंदर गर्म और गीला। वो सिसक रही थी, “जीजा जी… उंगली मत डालो… सीधा अपना मोटा लंड डाल दो… मेरी चूत फाड़ दो…”

मैंने अपना 7 इंच का मोटा लंड निकाला। सिरा लाल हो चुका था, नसें उभरी हुईं। अनन्या ने खुद ही लंड पकड़कर चूत पर रगड़ना शुरू कर दिया। फिर धीरे से ऊपर बैठ गई। लंड उसकी चूत में घुसने लगा। “आह्ह्ह… जीजा जी… मोटा है… धीरे… मेरी चूत फट जाएगी…” वो चिल्ला रही थी। मैंने जोर लगाया। पूरा लंड अंदर घुस गया। उसकी चूत गर्म, टाइट और रस से भरी थी।

हम दोनों झटके मारने लगे। वो ऊपर-नीचे हो रही थी। उसके स्तन उछल रहे थे। मैंने उसके स्तन पकड़कर निचोड़े। “ले ले साली… ले ले मेरा लंड… तेरी चूत आज फाड़ दूंगा…” वो भी गंदी बातें बोल रही थी, “हां जीजा जी… चोदो मुझे… अपनी साली को चोदो… नैतिक यह रिश्ता भूल जाओ… मेरी चूत में अपना गरम रस भर दो…”

हम घंटे भर चोदते रहे। अलग-अलग पोजीशन में। पहले वो ऊपर, फिर मैंने उसे कुत्ते वाली पोजीशन में डाला। उसकी गांड के छेद को देखकर मेरा मन हुआ। मैंने लंड निकालकर गांड में डालने की कोशिश की। वो बोली, “नहीं जीजा जी… गांड में मत डालो… दर्द होगा…” लेकिन मैंने थूक लगाकर धीरे से घुसाया। वो चीख पड़ी, “आह्ह्ह… फट गई… जीजा जी… धीरे…”

गांड़ में लंड घुसते ही वो जोर-जोर से चीखने लगी। मैंने उसकी गांड के दोनों तरफ हाथ मारते हुए चोदा। फिर वापस चूत में डाला। हम दोनों पसीने से तर हो चुके थे। आखिर में मैंने लंड निकालकर उसके मुंह में डाल दिया। वो चूसने लगी। “चूस… अपनी साली… ले… मेरा रस पी ले…” मैं झड़ गया। गरम-गरम रस उसके मुंह में भर गया। वो सब पी गई।

इसके बाद से ये सिलसिला चलता रहा। जब भी मौका मिलता, हम चोदते। रसोई में, बाथरूम में, सोफे पर। एक बार मॉनसून की रात को छत पर भी चोदा। उसकी चूत का रस, मेरे लंड की गर्माहट, उसके स्तनों का वजन, सब कुछ याद है। नैतिक यह रिश्ता था, लेकिन चुदाई ने सब कुछ भुला दिया।

अब अनन्या शादी करके चली गई, लेकिन जब भी मिलती है, हम चोदते हैं। ये गंदा, गर्म और हमेशा याद रहने वाला किस्सा है। दोस्तों, अगर आपको ये कहानी पसंद आई तो कमेंट में बताना।

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