नमस्ते दोस्तों, मेरा नाम राहुल है। मैं उत्तर प्रदेश के एक छोटे से गांव में रहता हूं जहां जिंदगी बहुत सादी है लेकिन कुछ मौके ऐसे आते हैं कि वो सादगी पूरी तरह भूल जाती है। पिछले साल की बात है जब हमारे गांव में एक नई फिल्म दिखाई गई थी। वो फिल्म चीनी थी जिसका नाम कुछ ऐसा था जैसे “a woman in the village chinese movie”। गांव के लोग उसे देखने के लिए मंदिर के पास बने छोटे से हॉल में जमा हो गए थे। मैं भी गया था क्योंकि दोस्तों ने कहा कि फिल्म में बहुत सेक्सी सीन हैं।
फिल्म शुरू हुई तो स्क्रीन पर एक गांव की औरत दिखाई दी जो चीनी गांव में रहती थी लेकिन उसकी जिंदगी बिल्कुल हमारी जैसी थी। वो औरत बहुत खूबसूरत थी, पतली कमर, बड़े-बड़े स्तन और गोल-गोल नितंब। फिल्म में वो औरत अकेली जंगल में घूम रही थी और अचानक एक आदमी आया। वो दोनों मिलकर चूमने लगे। स्क्रीन पर वो औरत चीख रही थी “आह्ह्ह… और जोर से”। गांव के सभी लोग चुपचाप देख रहे थे लेकिन मेरी नजर एक औरत पर टिक गई जो मेरे बगल में बैठी थी। उसका नाम मीरा था। वो हमारे गांव की ही थी, पति विदेश में काम करता था। मीरा की उम्र करीब 32 साल थी, गोरी चमड़ी, भारी भरकम शरीर, उसके स्तन इतने बड़े थे कि ब्लाउज फटने को था। उसकी कमर पतली थी लेकिन नितंब बहुत चौड़े और मोटे थे।
फिल्म देखते देखते मीरा की सांसें तेज हो गईं। वो बार-बार अपनी जांघें रगड़ रही थी। मैंने हिम्मत करके उसका हाथ पकड़ लिया। मीरा ने मुझे देखा और मुस्कुरा दी। फिल्म खत्म होने के बाद सब लोग चले गए लेकिन मीरा रुकी रही। मैंने कहा “मीरा, फिल्म अच्छी लगी?” वो बोली “राहुल, वो औरत जैसी मुझे भी कोई जोर से चोदे तो मजा आ जाए।” ये सुनकर मेरा लंड खड़ा हो गया। मैंने उसे अपनी तरफ खींचा और उसके होंठों पर अपना मुंह लगा दिया। मीरा भी जोर से चिपक गई। हम दोनों चूमते हुए उसके घर की तरफ चल पड़े। गांव अंधेरा था, कोई नहीं देख रहा था।
घर पहुंचकर मीरा ने दरवाजा बंद किया। वो बोली “राहुल, आज रात मुझे वैसी ही चोदना जैसी फिल्म में चोदा गया था।” मैंने उसका साड़ी का पल्लू खींचा। उसका ब्लाउज इतना टाइट था कि स्तन बाहर आने को थे। मैंने ब्लाउज के हुक खोले। उसके स्तन निकल आए, बड़े, गोल, निप्पल सख्त और काले। मैंने एक स्तन मुंह में लिया और चूसने लगा। मीरा चीखी “आह्ह्ह… राहुल, चूस जोर से, मेरे स्तनों का रस पी ले।” मैं दूसरे स्तन को हाथ से दबा रहा था। मीरा ने मेरी पैंट खोली और मेरा लंड बाहर निकाला। उसका लंड 8 इंच का मोटा था, नसें उभरी हुईं, सिरा लाल और चमकदार। मीरा बोली “वाह, कितना बड़ा लंड है, आज मेरी चूत फाड़ देगा।”
वो घुटनों पर बैठ गई और मेरा लंड मुंह में ले लिया। उसकी जीभ लंड के सिरे पर घूम रही थी। वो चूस रही थी “चुप चुप… मम्म मम्म”। लंड उसकी गले तक जा रहा था। मीरा की लार लंड पर बह रही थी। मैंने उसके बाल पकड़कर जोर से मुंह में ठेला। मीरा गला दबाकर भी चूस रही थी। फिर मैंने उसे उठाया और बिस्तर पर लिटा दिया। उसकी साड़ी पूरी उतार दी। अब वो सिर्फ पेटीकोट में थी। मैंने पेटीकोट का नाड़ा खोला। उसकी चूत सामने थी, घनी काली जांघें, चूत के बाल घुंघराले, चूत के होंठ मोटे और गीले। चूत से रस टपक रहा था। मैंने उसकी चूत चाटनी शुरू की। जीभ अंदर डाली। मीरा चीख रही थी “आह्ह्ह… राहुल, चूत चाट, मेरी चूत का सारा रस पी ले, मैं मर जाऊंगी।”
मैंने उसकी चूत में दो उंगलियां डाल दीं। वो गीली और गर्म थी। उंगलियां अंदर बाहर कर रहा था। मीरा की कमर उछल रही थी। फिर मैंने अपना लंड उसकी चूत पर रखा और जोर से धक्का मारा। लंड आधा अंदर घुस गया। मीरा चीख पड़ी “आह्ह्ह… मर गई, इतना मोटा लंड, धीरे से चोद।” लेकिन मैं रुका नहीं। जोर जोर से धक्के मारने लगा। “थप थप” की आवाजें घर में गूंज रही थीं। मीरा के स्तन उछल रहे थे। मैंने उसके स्तन दबाए और बोला “ले, मेरी गांव वाली रंडी, आज तेरी चूत फाड़ दूंगा।” मीरा बोली “हां चोद मुझे, फिल्म वाली औरत की तरह चोद, मेरी चूत में अपना गरम रस भर दे।”
हम घंटों चोदते रहे। मैंने उसे कुत्ते की तरह करवट पर लिटाया और पीछे से चोदा। उसकी गोल गोल गांड मेरे हाथ में आ रही थी। मैंने गांड पर थप्पड़ मारे “थप थप”। मीरा चीख रही थी “आह्ह्ह… गांड मार, मेरी गांड भी फाड़ दे।” फिर मैंने लंड निकाला और उसकी गांड में डालने की कोशिश की। गांड बहुत टाइट थी। थोड़ा सा लंड घुसा तो मीरा चीखी “नहीं राहुल, गांड फट जाएगी।” लेकिन मैंने धीरे धीरे अंदर डाला। गांड का छेद लंड को निगल रहा था। मीरा की आंखों से आंसू आ गए लेकिन वो भी मजे ले रही थी।
हम दोनों पसीने से तर हो गए थे। मीरा ने मुझे ऊपर चढ़ाया और खुद मेरे लंड पर बैठ गई। वो ऊपर नीचे होने लगी। उसके स्तन मेरे मुंह में आ रहे थे। मीरा बोली “ले ले, मेरा पूरा वजन, आज रात भर चोदते रहेंगे।” मैंने उसकी कमर पकड़कर जोर से ऊपर उठाया। लंड पूरी तरह अंदर जा रहा था। चूत का रस मेरे लंड पर बह रहा था।
फिर हम दोनों एक साथ झड़ गए। मेरा गरम रस मीरा की चूत में भर गया। मीरा का शरीर कांप रहा था। वो बोली “आह्ह्ह… कितना गरम रस है, मेरी चूत भर गई।” हम थककर लेट गए लेकिन कुछ देर बाद फिर शुरू हो गए। पूरी रात हमने अलग अलग पोजीशन में चोदा। सुबह होने पर मीरा ने कहा “राहुल, ये हमारी गुप्त बात रहेगी, लेकिन अगली बार फिर मिलेंगे।”
इस घटना के बाद गांव में वो चीनी फिल्म की चर्चा तो बंद हो गई लेकिन मीरा और मेरी चुदाई की कहानी अभी भी जारी है। हर बार जब याद आती है तो लंड खड़ा हो जाता है और मीरा की चूत गीली हो जाती है। दोस्तों, ये थी मेरी असली चुदाई की कहानी “a woman in the village chinese movie” से प्रेरित।