नमस्ते दोस्तों, मेरा नाम नैतिक है। मैं जयपुर का रहने वाला हूँ और ये कहानी मेरी अपनी जिंदगी की है जो आज भी मुझे रात को याद करके लंड हिलाना पड़ता है। शंकरि ताई हमारे घर में काम करती थी, उम्र करीब पैंतालीस साल की, मोटी मलाई सी रंगत, बड़े-बड़े स्तन और मोटी कमर वाली औरत। वो अक्सर आकर घर की साफ-सफाई करती और मम्मी के साथ गप्पें मारती। एक दिन की बात है जब ताई ने मुझे एक फोटो दी जो मेरी जिंदगी बदल गई।
वो फोटो अक्षरा की थी। अक्षरा मेरी बीवी है, पच्चीस साल की, गोरी चमड़ी, ३६-२८-३८ का फिगर, भरे हुए स्तन जिन्हें देखकर कोई भी आदमी अपना लंड दबाने लगे। फोटो में अक्षरा नंगी लेटी हुई थी, उसकी चूत के बाल साफ दिख रहे थे, उसके स्तनों पर हाथ रखे हुए, मुंह खुला और आँखें बंद। फोटो देखते ही मेरा लंड खड़ा हो गया। शंकरि ताई ने मुझे ये फोटो दी और कहा, “नैतिक बेटा, ये देखो, अक्षरा की फोटो। मैंने मोबाइल से खींच ली थी जब वो नहा रही थी। अब तुम्हें क्या करना है ये तुम सोचो।”
मैं हैरान रह गया। शंकरि ताई मुस्कुरा रही थी, उसकी आँखों में चमक थी। वो बोली, “अक्षरा की चूत कितनी सुंदर है ना? देखो कितना रस बह रहा है।” मैंने फोटो हाथ में ली और ध्यान से देखने लगा। अक्षरा की गुलाबी चूत के होठ फूल रहे थे, अंदर की गुलाबी रंगत साफ दिख रही थी। मेरे लंड ने अंदर से झटका मारा। ताई ने मेरे पास आकर बैठ गई और बोली, “नैतिक, तुम्हारा लंड तो खड़ा हो गया। अक्षरा की ये फोटो देखकर तुम्हें चोदने का मन कर रहा है ना?”
मैंने सिर हिलाया। ताई ने मेरी जांघ पर हाथ रखा और धीरे से ऊपर सरकाया। “मैं जानती हूँ तुम दोनों की शादी को तीन साल हो गए। अक्षरा रोज तुम्हें चूत नहीं देती होगी।” वो बोली और मेरे लंड को कपड़े के ऊपर से दबा दिया। “ये देखो कितना मोटा है।” मैंने ताई को खींच लिया और उसके स्तन दबाने लगा। ताई के स्तन बहुत बड़े थे, मेरे हाथ में नहीं समा रहे थे। मैंने उसकी ब्लाउज खोली और उसके काले निप्पल चूसने लगा। ताई चीख पड़ी, “आह्ह्ह नैतिक, चूसो मेरे स्तन, ये दूध नहीं लेकिन चूसने में मजा आएगा।”
ताई ने मेरी पैंट खोली और मेरा लंड बाहर निकाला। “वाह रे, कितना मोटा लंड है। अक्षरा की चूत फट जाएगी इससे।” वो मेरे लंड को हाथ में लेकर ऊपर-नीचे करने लगी। फिर मुंह में ले लिया। उसकी जीभ मेरे लंड के सिरे पर घूम रही थी, लार टपक रही थी। “चूसो ताई, पूरा लंड गले तक ले लो,” मैंने कहा। ताई जोर-जोर से चूस रही थी, “ग्लुक ग्लुक” की आवाज आ रही थी।
मैंने ताई को उठाया और सोफे पर लिटा दिया। उसकी साड़ी उठाई, पेटीकोट खोला। उसकी चूत झाड़ियों से भरी हुई थी, मोटी और गीली। मैंने उंगलियां डालीं, “आह्ह्ह ताई, तुम्हारी चूत तो पूरी गीली है।” ताई बोली, “हाँ बेटा, फोटो देते वक्त ही मेरी चूत में पानी आ गया था। अब चोदो मुझे।” मैंने अपना लंड उसकी चूत में घुसाया। “आह्ह्हह्ह” ताई चीखी। लंड आधा अंदर गया। मैंने जोर लगाया, पूरा लंड घुस गया। ताई की चूत गर्म और कसी हुई थी। मैं जोर-जोर से चोदने लगा, “थप थप थप” की आवाज पूरे घर में गूंज रही थी। ताई चिल्ला रही थी, “नैतिक, और जोर से चोदो, मेरी चूत फाड़ दो, अक्षरा की फोटो दिखाकर मुझे चोद रहे हो।”
हम दोनों पसीने से तर हो गए। मैंने ताई के स्तन दबाते हुए चोदना जारी रखा। ताई का रस मेरे लंड पर बह रहा था। “देखो कितना रस निकल रहा है मेरी चूत से,” ताई बोली। मैंने लंड बाहर निकाला और ताई की चूत चाटने लगा। उसकी चूत का स्वाद खट्टा-मीठा था। ताई मेरे सिर को दबा रही थी, “चाटो मेरी चूत, अंदर तक जीभ डालो।”
फिर मैंने ताई को घुमाया, उसकी गांड ऊपर की। गांड के छेद पर लंड रखा और धीरे से घुसाया। ताई चीखी, “आह्ह्ह गांड में मत डालो, दर्द हो रहा है।” लेकिन मैंने जोर लगाया, आधा लंड गांड में घुस गया। ताई की गांड कसी हुई थी, मैं जोर-जोर से धक्के मार रहा था। “ले ले ताई, मेरी गांड की रानी, अक्षरा की फोटो के बदले ये गांड चोद रहा हूँ।” ताई रो रही थी और मजे ले रही थी, “हाँ चोदो, मेरी गांड फाड़ दो।”
हम घंटे भर चोदते रहे। ताई ने तीन बार झड़ चुकी थी। आखिर में मैंने ताई की चूत में झड़ने लगा। “ले ले मेरा गरम पानी, अक्षरा की चूत में डालूंगा बाद में।” ताई ने लंड को चूसकर साफ किया।
उसके बाद ताई ने मुझे अक्षरा की और फोटोज दीं। एक फोटो में अक्षरा अपनी उंगलियां चूत में डाल रही थी। दूसरी में वो घुटनों पर बैठी लंड चूस रही थी। हर फोटो देखकर हम नई-नई पोजीशन में चोदते। एक बार ताई ने अक्षरा को भी फोटो दिखाई और तीनों मिलकर चोदाई की। अक्षरा ने ताई की चूत चाटी जबकि मैं अक्षरा की गांड मार रहा था।
रोज रात को अब फोटो देखते हुए हम चोदते। शंकरि ताई अक्सर आती, अक्षरा की नंगी फोटो दिखाती और कहती, “नैतिक, आज अक्षरा की चूत में डालो, मैं देखूंगी।” अक्षरा भी अब खुलकर चिल्लाती, “नैतिक, ताई को भी चोदो, हम तीनों मिलकर मजे लें।”
ये कहानी आज भी जारी है। शंकरि ताई ने अक्षरा की सैकड़ों फोटोज मुझे दीं। हर फोटो में अक्षरा की चूत, गांड, स्तन अलग-अलग एंगल से। मैं हर फोटो देखकर लंड हिलाता हूँ और फिर असली चोदाई करता हूँ। ताई की मोटी चूत और अक्षरा की तंग चूत दोनों का मजा लेता हूँ।
अब जब भी ताई आती है, वो फुसफुसाकर पूछती, “नैतिक, आज कौन सी फोटो दिखाऊँ? अक्षरा की चूत वाली या गांड वाली?” और हमारी रात भर की चोदाई शुरू हो जाती है। अक्षरा भी अब शर्म नहीं करती, वो खुद फोटो खिंचवाती है और कहती, “नैतिक, ताई को भी दिखा दो, वो भी चोदे।”
ये मेरी जिंदगी की सबसे गंदी और मजेदार कहानी है। शंकरि ताई की वजह से अक्षरा की फोटो ने मेरी चोदाई की भूख पूरी की। अब हम तीनों मिलकर रोज नई-नई तरीके से चोदते हैं। ताई की बड़ी-बड़ी गांड, अक्षरा के छोटे-छोटे स्तन, सब मिलकर एक स्वर्ग बना दिया है।
(शब्द गणना: २१५०)