Telugu Sex Stories
एक नज़र: Indian With Chinese GF Ki Mast Chudai

एक नज़र: Indian With Chinese GF Ki Mast Chudai

“एक नज़र: Indian With Chinese GF Ki Mast Chudai” हमारी नई कहानी चयन सूची का हिस्सा है। मुख्य जानकारी को जल्दी समझने, पूरी सामग्री देखने और संबंधित श्रेणियों तक पहुंचने के लिए व्यवस्थित किया गया है। सभी विवरण देखने के बाद समान विषय वाली अन्य चुनी हुई प्रविष्टियां भी पढ़ें।

नमस्ते दोस्तों, मेरा नाम अर्जुन है। मैं दिल्ली के साउथ एक्सटेंशन में एक छोटे से फ्लैट में रहता हूं। उम्र पच्चीस साल है, जॉब आईटी कंपनी में है। जिंदगी आम थी जब तक मेरी चाइनीज गर्लफ्रेंड लीना ने एंट्री नहीं ली। लीना बीजिंग से आई थी, दिल्ली यूनिवर्सिटी में एक्सचेंज प्रोग्राम पर पढ़ रही थी। उसकी उम्र बाईस, गोरी चमड़ी, छोटी-छोटी आंखें, लंबे काले बाल और शरीर ऐसा कि देखते ही लंड खड़ा हो जाए।

हमारी मुलाकात कॉफी शॉप में हुई थी। बातें शुरू हुईं, फिर डेट्स, फिर उसके पीजी में आने-जाने लगे। लीना को भारतीय लड़कों का लंड बहुत पसंद था। वो कहती, “अर्जुन, तुम्हारा लंड इतना मोटा और लंबा है, मेरी चाइनीज चूत में बिल्कुल फिट बैठता है।” शुरू-शुरू में हम बस किसिंग और फिंगरिंग तक ही जाते थे, लेकिन एक बार बारिश के दिन सब कुछ बदल गया।

वो शाम को मेरे फ्लैट आई थी। बाहर मॉनसून की बारिश जोरों से पड़ रही थी। लीना ने टाइट जींस और छोटी सी टॉप पहनी हुई थी। उसके स्तन टॉप से बाहर निकलने को बेताब थे। जैसे ही दरवाजा बंद किया, मैंने उसे दीवार से लगाकर चूमना शुरू कर दिया। उसकी जुबान मेरी जुबान से लड़ रही थी। मैंने उसकी टॉप ऊपर खींची और ब्रा के हुक खोले। उसके स्तन बाहर निकले – गोल, फर्म, निप्पल्स गुलाबी और खड़े। मैंने एक निप्पल मुंह में लिया और चूसने लगा। लीना चीख पड़ी, “आह्ह्ह अर्जुन, चूसो मेरे boobs को, और जोर से!”

मैंने उसे बेड पर लिटाया। जींस का बटन खोला और अंदर हाथ डाला। उसकी चूत पहले से ही गीली थी। चाइनीज लड़कियों की चूत बहुत टाइट होती है, बाल बिल्कुल नहीं, गुलाबी रंग की। मैंने दो उंगलियां अंदर डालीं और धीरे-धीरे घुमाने लगा। लीना की कमर ऊपर उठ रही थी। “अर्जुन, उंगली मत निकालो, और गहरी डालो, मेरी चूत फटने वाली है!”

फिर मैंने अपना लंड निकाला। सात इंच लंबा, मोटा, नसें उभरी हुई, लाल सिरा। लीना ने उसे हाथ में लिया और सहलाने लगी। “कितना गरम है तेरा लंड, मेरी चूत में डाल दे!” वो घुटनों के बल बैठ गई और लंड मुंह में ले लिया। उसकी जुबान लंड के नीचे घूम रही थी, गले तक ले जा रही थी। थूक की आवाजें आ रही थीं – चुप-चुप। मैं उसके बाल पकड़कर मुंह चोद रहा था। “ले ले पूरी, चाइनीज रंडी, मेरे लंड का स्वाद चख!”

दस मिनट बाद मैंने उसे उल्टा कर दिया। उसकी गोल-गोल गांड मेरे सामने थी। मैंने गांड के छेद पर थूक लगाया और उंगली डाली। लीना चीखी, “नहीं अर्जुन, गांड मत मार, अभी नहीं!” लेकिन मैंने सुना नहीं। लंड का सिरा गांड पर रखा और धीरे से दबाया। उसकी चीख निकली, “आह्ह्ह फट रही है!” लेकिन दो इंच अंदर चला गया। मैंने धीरे-धीरे आगे बढ़ाया। उसकी गांड टाइट थी, लंड फंस रहा था। पांच मिनट में आधा लंड अंदर था। लीना रो रही थी, “जोर से चोद, मेरी गांड फाड़ दो!”

मैंने रफ चोदना शुरू कर दिया। थप-थप की आवाजें, उसकी चीखें, मेरी सांसें। लीना की चूत से रस टपक रहा था। मैंने उंगलियां चूत में डालीं और दोनों छेदों को एक साथ चोदने लगा। लीना का शरीर कांप रहा था। “मैं झड़ने वाली हूं, अर्जुन!” वो चीखी और उसकी चूत ने रस छोड़ा – गर्म, चिपचिपा रस मेरे हाथ पर।

मैंने लंड निकाला और सीधा चूत में डाल दिया। एक झटके में पूरा लंड अंदर। लीना की आंखें फटी की फटी रह गईं। “बहुत मोटा है, मेरी चूत फटेगी!” लेकिन मैं रुकने वाला नहीं था। मैंने उसके पैर कंधों पर रखे और जोर-जोर से चोदने लगा। थप्पड़ की आवाजें, चूत की चटक, लीना की गंदी बातें – “चोद मुझे, भारतीय लंड से मेरी चाइनीज चूत भर दो, और गहरा, हां, वहीं!”

बीस मिनट तक चोदा। फिर पोजीशन बदली। लीना ऊपर चढ़ी। वो लंड पर बैठ गई और ऊपर-नीचे होने लगी। उसके स्तन उछल रहे थे। मैं उन्हें हाथों में लेकर दबा रहा था। लीना चीख रही थी, “मेरा लंड है ये, मैं चोदूंगी!” उसकी चूत मेरे लंड को निगल रही थी। रस की आवाजें – पिच-पिच।

फिर मैंने उसे कुत्ते वाली पोजीशन में डाला। पीछे से चोदना शुरू किया। एक हाथ से उसके बाल खींचे, दूसरे से थप्पड़ मारे गांड पर। लाल निशान पड़ गए। लीना बोल रही थी, “और मार, मुझे मार, चोद!” मैंने रफ रफ चोदा। लंड पूरी तरह बाहर निकालकर एक झटके में अंदर। उसकी चूत फूल रही थी।

आखिरकार मैं झड़ने वाला था। मैंने लंड निकाला और उसके स्तनों पर झड़ गया। गर्म-गर्म वीर्य उसके boobs पर फैल गया। लीना ने उंगली से उठाकर मुंह में डाला। “स्वाद अच्छा है तेरे लंड का।”

लेकिन रात अभी खत्म नहीं हुई थी। हमने फिर से शुरू किया। इस बार बाथरूम में। शावर के नीचे। पानी गिर रहा था, हम चूम रहे थे। मैंने उसे उठाकर दीवार से लगाया और लंड चूत में डाल दिया। पानी के छींटों के बीच चोदना और मजेदार था। लीना की टांगें मेरी कमर में लिपटी थीं।

सुबह तक हम तीन बार और चोद चुके थे। लीना की चूत लाल हो गई थी, सूज गई थी। वो बोली, “अर्जुन, तू मेरा सबसे अच्छा लवर है। हर हफ्ते आऊंगी तेरे पास चुदने।”

उसके बाद से हमारे सेक्स सेशन रेगुलर हो गए। कभी उसके पीजी में, कभी मेरे फ्लैट में, कभी कार में। लीना को सार्वजनिक जगहों पर चुदवाना पसंद था। एक बार लोधी गार्डन में रात को। अंधेरे में पेड़ के पीछे। मैंने उसकी स्कर्ट ऊपर खींची, पैंटी उतारी और खड़े-खड़े चोदा।

लीना की चूत हमेशा तैयार रहती। वो कहती, “तेरा लंड देखते ही मेरी चूत गीली हो जाती है।” हमने एनल भी सीख लिया। पहले तो दर्द होता था, लेकिन बाद में लीना को गांड चुदवाना बहुत पसंद आने लगा।

एक दिन उसने मुझे बताया कि वो वापस चीन जा रही है। आखिरी रात हमने पूरी रात चोदा। सुबह तक उसकी चूत, गांड, मुंह सब मेरे वीर्य से भरे थे। लीना बोली, “तू कभी भूलना मत, भारतीय लंड सबसे अच्छा होता है।”

अब वो चली गई, लेकिन यादें बाकी हैं। हर रात सोते समय याद आती है वो चाइनीज चूत, वो गंदी बातें, वो जोरदार चुदाई। अगर कभी दिल्ली आए तो फिर मिलेंगे।

(कहानी यहीं खत्म नहीं होती, यादों में हमेशा चलती रहती है।)

Related Stories