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चुनिंदा: Indian Romance Sleep – Neend Mein Chudai Ka Nasha — नई पसंद

चुनिंदा: Indian Romance Sleep – Neend Mein Chudai Ka Nasha — नई पसंद

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नमस्ते दोस्तों, मेरा नाम अर्जुन है। मैं दिल्ली में रहता हूँ, एक छोटे से फ्लैट में। मेरी उम्र ३२ साल है और मैं एक आईटी कंपनी में जॉब करता हूँ। मेरी बीवी प्रिया २८ साल की है, बहुत खूबसूरत, गोरी चमड़ी, भरे हुए स्तन, चौड़ी कमर और गोल-गोल गांड वाली। हमारी शादी को तीन साल हो चुके हैं लेकिन हमारा सेक्स लाइफ अभी भी बहुत गरम है। खासकर जब प्रिया सो जाती है तो उसका शरीर इतना नरम और आकर्षक लगता है कि मैं कंट्रोल नहीं कर पाता।

एक बार की बात है, मॉनसून का मौसम था। दिल्ली में बारिश हो रही थी और हम दोनों थके हुए घर आए। प्रिया ने नहाया, रात का खाना बनाया और जल्दी सो गई। हमारा बेडरूम छोटा सा था, एसी चल रहा था, लाइटें बंद। प्रिया सिर्फ एक पतली नाइट ड्रेस में लेटी हुई थी, जिसके नीचे उसकी ब्रा और पैंटी नहीं थी क्योंकि वो हमेशा नंगे होकर सोना पसंद करती थी। उसकी सांसें धीमी हो रही थीं, उसके बड़े-बड़े स्तन ऊपर-नीचे हो रहे थे। मैं बगल में लेटा था लेकिन नींद नहीं आ रही थी।

मैंने धीरे से प्रिया के पास सरककर उसके शरीर को छुआ। उसकी त्वचा ठंडी और मुलायम थी। उसकी एक टांग मेरी तरफ मुड़ी हुई थी, जिससे उसकी चूत का हल्का सा नजारा दिख रहा था। बालों वाली गीली चूत, गुलाबी लेबिया थोड़ी सी फूली हुई। मैंने उंगली से हल्का सा छुआ तो प्रिया ने नींद में ही हल्की सी सांस ली। मेरा लंड पहले से ही खड़ा हो चुका था, मोटा, लंबा और नसों से भरा हुआ।

मैंने अपनी पैंट उतारी और प्रिया के पास आकर लेट गया। उसकी गांड को हाथ से सहलाया, उंगलियों से चूत के होठों को अलग किया। अंदर से गर्म और गीला रस बह रहा था। मैंने अपनी उंगली अंदर डाली, धीरे-धीरे घुमाया। प्रिया की सांसें तेज हो गईं लेकिन वो अभी भी सोई हुई थी। मेरा लंड अब और भी सख्त हो गया था। मैंने उसके स्तनों को हाथ में लिया, निप्पल्स को उंगलियों से दबाया और चूसा।

धीरे-धीरे मैं उसके ऊपर आ गया। उसकी टांगें खोलीं और अपना लंड उसकी चूत पर रखा। सिरे से चूत के मुंह को रगड़ा, रस से लथपथ कर दिया। फिर धीरे से धक्का मारा। लंड का सिरा अंदर घुस गया। प्रिया ने नींद में कराहा, “उम्म्म…” लेकिन आंखें बंद रहीं। मैंने और जोर से धक्का दिया। पूरा लंड उसकी चूत में घुस गया। चूत गर्म, तंग और रस से भरी हुई थी।

मैंने धीरे-धीरे चोदना शुरू किया। हर धक्के के साथ प्रिया का शरीर हिल रहा था। उसके स्तन मेरे हाथों में उछल रहे थे। मैंने उसकी गांड को पकड़कर और जोर से खींचा, लंड को पूरा अंदर तक ठोकने लगा। “आह्ह… प्रिया तेरी चूत कितनी गर्म है…” मैं फुसफुसाया। नींद में भी उसकी चूत मेरे लंड को कसकर पकड़ रही थी। रस की आवाजें आ रही थीं, “प्लच-प्लच”।

मैंने गति बढ़ाई। अब जोर-जोर से चोद रहा था। प्रिया की आंखें आधी खुलीं लेकिन वो अभी भी नींद में ही थी। “अर्जुन… धीरे…” उसने बुदबुदाया। मैंने उसकी बात नहीं मानी। उसकी चूत में लंड को घुमाते हुए, अंदर-बाहर करते हुए चोदता रहा। उसका रस मेरे लंड पर बह रहा था, बिस्तर गीला हो रहा था।

फिर मैंने उसे करवट दी, पीठ के बल लिटाया और टांगें उठाकर कंधों पर रखीं। अब लंड और गहराई तक जा रहा था। प्रिया की गांड थोड़ी ऊपर उठ रही थी। मैंने उसकी चूत को चाटा, जीभ से अंदर डाला, क्लिटोरिस को चूसा। प्रिया की सांसें अब तेज हो चुकी थीं। “हां… और… चोदो मुझे…” वो नींद में ही बोल रही थी।

मैं फिर उसके ऊपर आया और जोर-जोर से चोदने लगा। हर धक्के पर “आह्ह… उह्ह…” की आवाजें निकल रही थीं। उसकी चूत फूल रही थी, लेबिया लंड के साथ बाहर आ रहे थे। मैंने उसके स्तनों को जोर से दबाया, निप्पल्स को काटा। फिर मैंने अपना लंड निकाला और प्रिया की गांड पर रखा। थूक लगाकर धीरे से अंदर घुसाया। गांड और भी तंग थी। प्रिया ने दर्द से कराहा लेकिन मैं रुका नहीं।

गांड़ चोदते-चोदते मैंने फिर चूत में लंड डाला। अब दोनों छेदों में घुसा-घुसाकर चोद रहा था। प्रिया का शरीर कांप रहा था, उसका रस फूट रहा था। “मेरा पानी निकल रहा है…” वो चीखी। मैंने और तेजी से चोदा। मेरा लंड फड़क रहा था। आखिर में मैंने जोर से धक्का मारा और अंदर ही झड़ गया। गरम-गरम वीर्य उसकी चूत में भर दिया।

लेकिन ये खत्म नहीं हुआ। प्रिया की आंखें खुल गईं। वो मुस्कुराई और बोली, “अर्जुन, फिर से करो…” हमने पूरी रात चोदा। सुबह तक उसकी चूत और गांड दोनों लाल हो चुकी थीं, रस और वीर्य से लथपथ।

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