नमस्ते दोस्तों, मेरा नाम राहुल है और मैं हैदराबाद में रहता हूँ। ऑफिस की नौकरी करता हूँ और जिंदगी काफी रूटीन वाली थी जब तक कि ममता मेरी जिंदगी में नहीं आई। ममता एक खूबसूरत तेलुगू लड़की थी, हैदराबाद की लोकल एरिया से, जिसकी उम्र करीब २८ साल थी। उसकी गोरी-चitti त्वचा, मोटी कमर, भारी-भारी स्तन और गोल-गोल गांड देखकर कोई भी आदमी दीवाना हो जाए। मैंने उसे एक कॉमन फ्रेंड के थ्रू जाना और धीरे-धीरे हमारी दोस्ती रोमांस में बदल गई। लेकिन ये रोमांस जल्दी ही एक गंदी, गर्म चुदाई वाली कहानी बन गई जिसे मैं आज आपको पूरी डिटेल में सुनाता हूँ।
पहली मुलाकात के बाद हमारी बातें बढ़ने लगीं। ममता ऑफिस के पास एक छोटे से फ्लैट में अकेली रहती थी। एक शाम बारिश हो रही थी और मैं उसके फ्लैट के पास से गुजर रहा था। उसने मुझे अंदर बुला लिया। हम चाय पी रहे थे जब उसकी नजर मेरी आँखों में पड़ी और अचानक वो मेरे पास आकर बैठ गई। “राहुल, मुझे बहुत अकेलापन लगता है,” वो बोली। उसकी सांसों में खुशबू थी और उसकी साड़ी का पल्लू सरक गया था, जिससे उसके गहरे क्लीवेज साफ दिख रहे थे। मैं कंट्रोल नहीं कर पाया और उसकी कमर पकड़कर खींच लिया।
हमने पहली बार चूमा। उसके होंठ नरम और गर्म थे। जीभ से जीभ लड़ाते हुए मैंने उसकी पीठ पर हाथ फेरा। वो सिसकारियाँ लेने लगी। “राहुल, धीरे से… पर मुझे अच्छा लग रहा है,” वो फुसफुसाई। मैंने उसकी साड़ी का ब्लाउज खोला। उसके स्तन ब्रा में बंद थे, बड़े और भरे हुए, निप्पल्स सख्त हो चुके थे। मैंने ब्रा हटाकर एक स्तन मुंह में लिया और चूसने लगा। “आह्ह… राहुल, चूसो और जोर से,” ममता चीख पड़ी। मैंने दूसरे स्तन को हाथ से दबाया और निप्पल को उंगलियों से मरोड़ा।
धीरे-धीरे हम बेडरूम में चले गए। ममता ने मेरी शर्ट उतारी और मेरे सीने पर किसें करने लगी। उसका हाथ मेरे लंड पर गया जो अब पैंट में तन चुका था। “वाह, कितना मोटा है तेरा लंड,” वो बोली और पैंट खोलकर मेरे लंड को बाहर निकाल लिया। वो घुटनों के बल बैठ गई और लंड को हाथ में लेकर सहलाने लगी। “ये लंड मेरी चूत में घुसना चाहिए,” वो गंदी बातें करने लगी। फिर उसने लंड के सिरे पर जीभ फेरते हुए चूसना शुरू कर दिया। “चलो ममता, पूरा मुंह में ले,” मैंने कहा। वो मेरा पूरा लंड गले तक ले गई और जोर-जोर से चूसने लगी। लार टपक रही थी और मेरे अंडकोष को वो हाथ से सहला रही थी।
मैंने भी उसकी साड़ी पूरी उतार दी। अब वो सिर्फ पैंटी में थी। मैंने पैंटी साइड में खिसकाकर उसकी चूत चाटनी शुरू कर दी। ममता की चूत बिल्कुल साफ, गुलाबी और गीली थी। “आह्ह… राहुल, चूत चाटो, मेरी चूत प्यासी है,” वो चीख रही थी। मैंने उसकी चूत के होठों को चूमा और जीभ अंदर डालकर अंदर-बाहर करने लगा। उसका क्लिट सूज गया था। मैंने दो उंगलियां चूत में डालकर उंगलियों से चोदना शुरू किया जबकि जीभ से क्लिट चूस रहा था। ममता का शरीर काँप रहा था। “मैं झड़ने वाली हूँ राहुल,” वो चिल्लाई और उसके चूत से गर्म रस निकलकर मेरे मुंह में आ गया।
अब मेरी बारी थी। मैंने ममता को बेड पर लिटाया और उसके पैर फैलाकर लंड चूत के मुंह पर रखा। “डालो ना, अपनी मोटी लंड मेरी तंग चूत में,” वो गंदी-गंदी बातें कर रही थी। मैंने एक जोरदार झटका मारा और लंड आधा अंदर चला गया। “आह्ह… दर्द हो रहा है, पर अच्छा लग रहा है,” ममता चीखी। मैंने धीरे-धीरे पूरे लंड को अंदर घुसा दिया। उसकी चूत बहुत टाइट थी, जैसे चूस रही हो। मैंने रफ चोदना शुरू किया। “ले ले ममता, मेरा लंड ले, तेरी चूत फाड़ दूंगा,” मैं बोल रहा था। वो “हाँ, और जोर से चोद, मेरी चूत को फाड़ डाल,” चिल्ला रही थी।
हम पोजीशन बदलते रहे। पहले मिशनरी में मैंने उसे जोर-जोर से चोदा। उसके स्तन उछल रहे थे। फिर मैंने उसे कुत्ते वाली पोजीशन में कर दिया। गांड ऊपर करके मैंने पीछे से लंड डाला। “तेरी गांड भी मारूं क्या?” मैंने पूछा। “हाँ, पहले चूत भर ले, फिर गांड,” वो बोली। मैंने उसकी गांड के छेद पर उंगली डाली और चूत में लंड घुसाया। दोनों जगह हिलाने लगा। ममता का रस बह रहा था, बेड गीला हो चुका था।
हम घंटों चोदते रहे। मैंने उसे ऊपर चढ़ाकर चोदा, वो मेरे लंड पर कूद रही थी। “राहुल, मैं फिर झड़ रही हूँ,” वो बोली और उसका शरीर झटके लेने लगा। मैं भी कंट्रोल नहीं कर पाया और उसके अंदर ही झड़ गया। गर्म वीर्य उसकी चूत में भर गया। वो चीखी, “भर दे, सब भर दे मेरी चूत में।”
फिर हम थोड़ी देर आराम करके फिर शुरू हो गए। इस बार मैंने उसकी गांड मारी। पहले थोड़ा तेल लगाकर लंड गांड में घुसाया। “आह्ह… धीरे, गांड फट जाएगी,” वो चीखी लेकिन फिर मजा आने लगा। “जोर से मार, गांड चोद,” वो बोलने लगी। मैंने गांड में भी रफ चोदाई की।
ये रोमांस कई बार दोहराया गया। हर बार ममता और गंदी बातें करती, और हमारी चुदाई और लंबी, ज्यादा डिटेल वाली होती गई। उसके स्तनों को चूसते-चूसते, चूत चाटते, लंड चूसवाते और दोनों छेदों में लंड डालकर चोदते हम घंटों बिताते। हैदराबाद की गर्मी में हमारी पसीने से लथपथ बॉडी एक-दूसरे से चिपकी रहती। ममता की तेलुगू लहजे में गंदी हिंदी बातें सुनकर मेरा लंड और सख्त हो जाता।
अंत में वो मेरे ऊपर लेटकर बोली, “राहुल, तू मेरा सबसे अच्छा रोमांस है।” हम गले मिलकर सो गए, अगली सुबह फिर से चुदाई शुरू करने की तैयारी में।
(कहानी यहीं खत्म नहीं होती, बल्कि हमारी ये ममथा तेलुगू रोमांस अब भी जारी है, हर हफ्ते नई चुदाई के साथ।)