नमस्ते दोस्तों, मेरा नाम राहुल है। मैं दिल्ली के एक छोटे से इलाके में रहता हूँ, करोल बाग के पास। उम्र मेरी 28 साल है और मैं एक प्राइवेट कंपनी में जॉब करता हूँ। आज मैं आपको अपनी वो कहानी सुनाने जा रहा हूँ जो मेरे साथ ममथा और उमा आंटी के साथ हुई। वो दोनों मेरे घर के पास वाली बिल्डिंग में रहती हैं। ममथा करीब 35 साल की है, गोरी, मोटी-तगड़ी, भारी-भारी स्तन और चौड़ी कमर वाली औरत। उमा आंटी 40 साल की, थोड़ी सांवली लेकिन बहुत सेक्सी, बड़ी-बड़ी गांड और गोल-गोल चूत वाली। दोनों अक्सर एक-दूसरे के घर आती-जाती रहती हैं।
एक दिन शाम को मैं अपनी छत पर अकेला बैठा सिगरेट पी रहा था। अचानक नीचे से ममथा की आवाज आई, “राहुल, इधर आओ ना, कुछ काम है।” मैं नीचे गया तो देखा ममथा और उमा आंटी दोनों बैठी हुई थीं। कमरा बंद था, पंखा चल रहा था। ममथा ने कहा, “राहुल, हमने तुम्हारे मोबाइल में कुछ वीडियो देखे हैं। वो ममथा और उमा आंटी hot videos वाले।” मेरा दिल तेज धड़कने लगा।
उमा आंटी मुस्कुराई और बोली, “बेटा, शरमाओ मत। हम भी जानती हैं कि तुम्हें ऐसी चीजें पसंद हैं। आज हम तुम्हें रियल में दिखाएंगी।” ममथा ने अपना दुपट्टा उतारा। उसके भारी स्तन टी-शर्ट में फिट नहीं हो रहे थे। निप्पल साफ दिख रहे थे। मैंने हाथ बढ़ाया और ममथा के स्तन दबाए। वो सिसकारियाँ लेने लगी, “आह्ह… राहुल, जोर से दबाओ।” उमा आंटी ने मेरी पैंट खोली और मेरा लंड बाहर निकाला। वो बोली, “वाह, कितना मोटा लंड है।”
उमा आंटी ने तुरंत मुंह में ले लिया। उसकी जीभ मेरे लंड पर घूम रही थी। चूसते-चूसते वो बोली, “राहुल, आज हम दोनों की चूत चोदोगे।” ममथा ने कपड़े उतारे। उसकी चूत साफ शेव की हुई थी, गीली हो रही थी। मैंने उमा आंटी को बिस्तर पर लिटाया और उसकी गांड चाटने लगा। उसकी गांड का स्वाद नमकीन था, रस बह रहा था। उमा चीख रही थी, “ओह्ह्ह… राहुल, गांड चाटो, जिह्वा अंदर डालो।”
ममथा ने मेरे लंड को हाथ में लिया और अपनी चूत पर रगड़ने लगी। “देखो कितना गर्म है मेरा लंड।” फिर मैंने ममथा को कुत्ते वाली पोज में किया। उसकी गांड ऊपर उठी हुई थी। मैंने लंड उसकी चूत में घुसाया। “आह्ह… चोदो मुझे राहुल, पूरी चूत फाड़ दो।” लंड अंदर-बाहर हो रहा था, चूत का रस निकल रहा था। उमा आंटी नीचे बैठकर मेरे अंडों को चूस रही थी।
हम तीनों पसीने से तर हो चुके थे। ममथा की चूत से “फच-फच” की आवाज आ रही थी। मैंने जोर-जोर से चोदा। ममथा चीख रही थी, “मेरा पानी निकाल दो, चोदो और जोर से।” उमा ने ममथा के स्तन चूसते हुए कहा, “ममथा, आज हम दोनों एक साथ चूदेंगी।”
फिर मैंने उमा को लिटाया। उसकी चूत और भी ज्यादा गीली थी। लंड अंदर डाला तो वो चीख पड़ी, “आह्ह… मोटा लंड, मेरी चूत फट रही है।” ममथा मेरे ऊपर बैठ गई और अपनी चूत मेरे मुंह में दबा दी। मैं उसकी चूत चाट रहा था, रस पी रहा था। उमा की गांड पर हाथ मारते हुए चोद रहा था।
घंटों तक हम चोदते रहे। पोज बदलते रहे। एक बार ममथा ने उमा की चूत चाटी जबकि मैं उमा को चोद रहा था। दोनों आंटियों की चूतें लाल हो गई थीं, फूल गई थीं। रस चारों तरफ फैल रहा था। मैंने दोनों को एक साथ लिटाया और बारी-बारी से चोदता रहा।
आखिर में ममथा बोली, “राहुल, अब अपनी रस हमारी चूत में छोड़ दो।” मैंने उमा की चूत में झड़ गया। गर्म रस अंदर भर गया। फिर ममथा ने चूसा और बाकी रस पी लिया। हम तीनों थककर गिर गए।
उस रात के बाद कई बार ऐसे ही हुआ। ममथा और उमा आंटी के साथ मेरा चुदाई सेशन जारी रहा। दोनों की चूतें अब मेरी हो गई थीं। वो दोनों अक्सर मुझे बुलातीं और कहतीं, “राहुल, आज फिर ममatha and uma aunty hot videos वाली चुदाई करो।”
(यह कहानी यहीं खत्म होती है लेकिन असली जिंदगी में ऐसे अनुभव बहुत यादगार होते हैं।)