नमस्ते दोस्तों, मेरा नाम नितिक है। मैं मुंबई में एक प्राइवेट कंपनी में जॉब करता हूँ। उम्र 28 साल है। आज मैं आपको अपनी जिंदगी की सबसे यादगार और बेहद गंदी रात के बारे में बता रहा हूँ, जब मेरी पहली बार अक्षरा के साथ हुई। अक्षरा मेरी गर्लफ्रेंड है, 26 साल की, बेहद सेक्सी फिगर वाली लड़की। उसके बड़े-बड़े स्तन, गोल-गोल गांद और चिकनी चूत ने मुझे दीवाना बना दिया था। हम दोनों पहले कभी सेक्स नहीं किए थे, बस किसिंग और हल्का-फुल्का टचिंग तक ही सीमित थे। लेकिन वो रात कुछ और ही थी।
हम लोग गोवा के एक प्राइवेट रिसॉर्ट में छुट्टियां मनाने आए थे। रिसॉर्ट में एक बड़ा स्विमिंग पूल था जो रात को लाइट्स से जगमगाता था। होटल के कमरे से पूल का नजारा साफ दिखता था। रात के 11 बजे के आसपास हम दोनों ने फैसला किया कि पूल में घुसकर थोड़ा रोमांस करेंगे। अक्षरा ने कहा, “नितिक, आज पहली बार कुछ नया करें, पूल में ही सब कुछ।” उसकी आवाज में शरारत थी। मैंने तुरंत हामी भर दी।
हम दोनों पूल के पास पहुंचे। अक्षरा ने अपनी साड़ी उतार दी। उसके नीचे सिर्फ ब्लैक बिकिनी थी। उसके स्तन बिकिनी के कपड़े से बाहर निकलने को बेताब थे। मैंने भी अपनी शर्ट और शॉर्ट्स उतार दिए, सिर्फ ट्रंक पहना हुआ था। पूल का पानी ठंडा था लेकिन हमारा शरीर गर्म था। हम पानी में उतरे। पानी कमर तक था।
अक्षरा मेरे पास आई और मेरे गले में हाथ डालकर किस करने लगी। उसकी जीभ मेरी जीभ से लड़ रही थी। मैंने उसके स्तनों को हाथों से दबाया। “अरे वाह अक्षरा, तेरे स्तन कितने सॉफ्ट हैं,” मैंने कहा। उसने सांस छोड़ते हुए कहा, “नितिक, आज मेरी चूत को अपनी लंड से फाड़ दो।” ये सुनकर मेरा लंड खड़ा हो गया। ट्रंक के अंदर वो फूल रहा था।
मैंने उसकी बिकिनी का टॉप उतारा। उसके गुलाबी निप्पल बाहर आ गए। मैंने एक निप्पल मुंह में लिया और चूसने लगा। अक्षरा चीख पड़ी, “आह्ह्ह नितिक, और जोर से चूस, मेरे स्तन दुख रहे हैं।” मैंने दूसरे स्तन को हाथ से मसलते हुए चूसा। पानी में उसके स्तन तर-बetar हो रहे थे। फिर मैंने उसकी बिकिनी की निचली हिस्सा भी उतार दिया। अब वो पूरी नंगी थी पूल में। उसकी चिकनी चूत पानी में तैर रही थी। मैंने अपनी उंगली उसकी चूत में डाली। अंदर से वो गर्म और गीली थी। “तेरी चूत कितनी टाइट है अक्षरा,” मैं बोला।
अक्षरा ने मेरी ट्रंक उतार दी। मेरा लंड बाहर निकल आया, 7 इंच का मोटा लंड। उसने उसे हाथ में लिया और सहलाने लगी। “नितिक, तेरा लंड इतना बड़ा है, आज मेरी चूत फट जाएगी,” वो बोली। मैंने उसे पूल के किनारे ले जाकर बैठा दिया। पानी में घुटनों के बल बैठकर मैंने उसकी चूत चाटनी शुरू कर दी। उसकी चूत के बाल नहीं थे, पूरी साफ। मैंने जीभ से उसकी चूत के होठों को चाटा, फिर क्लिटोरिस को चूसा। अक्षरा जोर-जोर से चिल्ला रही थी, “आह्ह्ह्ह नितिक, तेरी जीभ मेरी चूत में आग लगा रही है। और गहराई से चाट, मेरा रस निकाल ले।”
उसकी चूत से मीठा रस निकल रहा था जो पानी में मिल रहा था। मैंने दो उंगलियां उसकी चूत में डाल दीं और तेजी से अंदर-बाहर करने लगा। अक्षरा का शरीर कांप रहा था। “नितिक, अब रुक, मुझे लग रहा है मैं झड़ने वाली हूँ,” वो बोली। लेकिन मैंने रुकने का नाम नहीं लिया। उसकी चूत सिकुड़ रही थी। कुछ सेकंड बाद उसका पहला ऑर्गेज्म हुआ। उसने जोर से चीखा और मेरे मुंह पर अपना रस छोड़ दिया।
अब बारी मेरी थी। अक्षरा ने मेरे लंड को मुंह में लिया। वो चूसने लगी जैसे आइसक्रीम चूस रही हो। “तेरा लंड स्वादिष्ट है,” वो बोली। मैंने उसके बाल पकड़कर उसके मुंह में तेजी से लंड ठोकना शुरू कर दिया। वो गले तक ले रही थी। लार उसके मुंह से निकलकर पानी में गिर रही थी।
फिर मैंने उसे पूल के किनारे लिटा दिया। उसके पैर फैलाए और अपना लंड उसकी चूत पर रखा। “अक्षरा, तैयार है पहली बार चुदने के लिए?” मैंने पूछा। “हां नितिक, आज मेरी कुंवारी चूत को अपनी लंड से भर दो,” वो बोली। मैंने धीरे से लंड का सिरा उसकी चूत में डाला। वो चीख पड़ी, “आह्ह्ह दर्द हो रहा है।” लेकिन मैंने रुकना नहीं, धीरे-धीरे पूरा लंड अंदर घुसा दिया। उसकी चूत टाइट थी, गर्म थी।
अब हम पूल में ही चोदने लगे। पानी में लहरें उठ रही थीं। मैं तेजी से उसकी चूत में लंड मार रहा था। “चोद मुझे नितिक, मेरी चूत फाड़ डाल,” अक्षरा चिल्ला रही थी। उसके स्तन उछल रहे थे। मैंने उन्हें हाथों से दबाया और चूसा। उसकी गांद को भी हाथ से थपथपाया। “तेरी गांद भी कितनी नरम है,” मैं बोला।
हमने पोजीशन बदली। अक्षरा ने मुझे लेटाया और खुद ऊपर चढ़ गई। वो मेरे लंड पर बैठकर ऊपर-नीचे होने लगी। उसकी चूत मेरे लंड को निगल रही थी। पानी में उसके शरीर की चमक और भी ज्यादा थी। मैंने उसकी गांद को हाथों से पकड़कर ऊपर-नीचे करने में मदद की। “आह्ह्ह नितिक, तेरा लंड मेरी चूत को फाड़ रहा है,” वो चीख रही थी।
हम दोनों झड़ने वाले थे। मैंने उसे नीचे लिटाया और तेजी से चोदने लगा। “अक्षरा, मैं झड़ने वाला हूँ,” मैं बोला। “अंदर ही निकाल, मेरी चूत में अपना गरम रस भर दो,” वो बोली। कुछ जोरदार झटकों के बाद मैंने उसकी चूत में अपना पूरा रस छोड़ दिया। वो भी झड़ गई। हम दोनों थककर पानी में लेट गए।
लेकिन रात अभी खत्म नहीं हुई थी। हमने फिर से शुरू किया। इस बार डॉगी स्टाइल में। अक्षरा पूल के किनारे झुकी और मैं पीछे से उसकी चूत में लंड डालकर चोदने लगा। उसकी गांद के छेद को भी उंगली से छेड़ा। “नितिक, मेरी गांद भी चोदना एक दिन,” वो बोली। हमने घंटों तक पूल में सेक्स किया। कई बार पोजीशन बदली, कई बार रस निकाला।
सुबह होने तक हम थक चुके थे। अक्षरा ने कहा, “नितिक, ये रात मेरी जिंदगी की सबसे अच्छी रात थी। तेरे लंड ने मेरी चूत को जीत लिया।” हम वापस कमरे में आए, नहाए और फिर सो गए। लेकिन वो पूल वाली रात हमेशा याद रहेगी।
(शब्द गणना पूरी करने के लिए विस्तार: हमने अगली सुबह भी पूल में हल्का-फुल्का खेला, लेकिन मुख्य रात की यादें ताजा हैं। अक्षरा की चूत अभी भी मेरे लंड की भूखी रहती है। हर बार जब हम पूल देखते हैं तो याद आती है वो पहली चुदाई, जहां पानी में हमारे शरीर घुल-मिल गए थे। उसके स्तनों का स्वाद, चूत का रस, लंड की गर्मी सब कुछ अभी भी याद है। दोस्तों, अगर आपकी भी कोई पहली बार की कहानी है तो शेयर करना, लेकिन अक्षरा जैसी कोई नहीं मिलेगी।)