नमस्ते दोस्तों, मेरा नाम नैतिक है। मैं दिल्ली में रहता हूँ, एक छोटे से फ्लैट में अपनी बीवी अक्षरा के साथ। अक्षरा की उम्र २८ साल है, बहुत ही खूबसूरत और सेक्सी औरत है। उसकी चूचियाँ बड़ी-बड़ी हैं, गोल-गोल, जिन्हें देखकर मेरा लंड तुरंत खड़ा हो जाता है। उसकी कमर पतली है, लेकिन गांड बहुत मोटी और लटकती हुई, जिसे छूने का मन करता है। हमारी शादी को तीन साल हो चुके हैं, लेकिन सेक्स में अभी भी वैसी ही आग है जैसे पहली रात।
आज शाम की बात है। ऑफिस से घर आया तो थकान लग रही थी। अक्षरा ने कहा, “नैतिक, आज रात कुछ स्पेशल है।” मैंने पूछा क्या, तो वो हँसकर बोली, “वेट करो।” मैंने टीवी ऑन किया और Vimeo पर कुछ वीडियो सर्च करने लगा। अचानक अक्षरा बेडरूम से निकली।
वो पहनकर आई थी एक बेहद पतली, ट्रांसपैरेंट नाइट गाउन। गाउन इतना पतला था कि अंदर उसकी नंगी चूचियाँ साफ दिख रही थीं। निप्पल्स खड़े होकर कपड़े को छेद रहे थे। गाउन की लंबाई जांघों तक थी, नीचे कुछ भी नहीं पहना था। उसकी चूत के बाल हल्के-हल्के नजर आ रहे थे। गांड का उभार गाउन के पीछे से साफ दिख रहा था।
“अक्षरा, ये क्या पहना है?” मैं हैरान होकर बोला। मेरा लंड पहले से ही खड़ा हो चुका था। अक्षरा मुस्कुराई और धीरे से मेरे पास आई। “ये तेरे लिए सरप्राइज है नैतिक। Vimeo पर जो वीडियो तू देखता है, वैसी ही ड्रेस पहनी है मैंने।”
वो मेरे सामने खड़ी हो गई और गाउन को थोड़ा खींचा। उसकी गोरी-गोरी जांघें नजर आईं। मैंने उसे खींचकर अपने पास लिया। उसके स्तन मेरे सीने से सट गए। गाउन के कपड़े से उसकी गर्म चूचियाँ महसूस हो रही थीं। मैंने उसके होंठों पर अपना मुंह रख दिया और जोर से चूमने लगा। अक्षरा भी गरम हो गई।
“नैतिक, आज मुझे बहुत जोर से चोदना,” वो फुसफुसाई। मैंने गाउन को ऊपर उठाया और उसकी नंगी गांड पर हाथ फेरा। गांड नरम और मांसल थी। उंगलियां डालकर मैंने उसकी चूत को छुआ। चूत पहले से ही गीली थी। रस बह रहा था।
“अक्षरा, तेरी चूत तो पूरी तरस रही है,” मैंने कहा। उसने मेरा पैंट खोला और लंड बाहर निकाला। लंड मोटा और सख्त था, नसें उभरी हुई। अक्षरा ने उसे हाथ में लिया और ऊपर-नीचे करने लगी। “कितना बड़ा लंड है तेरा, नैतिक। आज मेरी चूत फाड़ दे।”
मैंने उसे बेड पर लिटाया। गाउन को पूरी तरह ऊपर खींचा, अब वो सिर्फ गाउन पहने लेटी थी, लेकिन चूत और चूचियाँ पूरी तरह खुली थीं। मैं उसके बीच में घुसा और उसकी चूत चाटने लगा। जीभ से क्लिट को चाटा, फिर अंदर डाला। अक्षरा चीखने लगी, “आह्ह्ह… नैतिक, और जोर से चाट… मेरी चूत का रस पी ले!”
रस का स्वाद मीठा-नमकीन था। मैंने दो उंगलियां अंदर डालीं और तेजी से घुमाने लगा। अक्षरा का शरीर कांप रहा था। “नैतिक, अब लंड डाल… मुझे चोद!”
मैं ऊपर आया और लंड को उसकी चूत के मुंह पर रखा। एक जोरदार झटके में पूरा लंड अंदर घुसा दिया। अक्षरा चीख पड़ी, “आह्ह्ह… माँ… कितना मोटा है!” मैंने तेजी से चोदना शुरू किया। लंड अंदर-बाहर होता, चूत का रस लंड पर चमक रहा था।
“अक्षरा, तेरी चूत कितनी टाइट है,” मैं बोलता रहा। वो भी गंदी बातें करने लगी, “हाँ नैतिक, मेरी चूत तेरे लंड की गुलाम है। और गहरा चोद… मेरी गांड भी मार!”
मैंने उसे उल्टा कर दिया। गांड ऊपर करके लंड पीछे से डाला। गांड के दो टुकड़ों को पकड़कर जोर-जोर से धक्के मारे। थप-थप की आवाज पूरे कमरे में गूंज रही थी। अक्षरा की चूचियाँ लटक रही थीं, मैं उन्हें हाथ से दबा रहा था।
“नैतिक, मेरी गांड में उंगली डाल,” वो बोली। मैंने एक उंगली उसकी गांड में डाली। दोनों छेदों में चोद रहा था। अक्षरा का ऑर्गेज्म आ गया। वो जोर से चीखी, “आह्ह्ह… आ रहा है… चूत का पानी निकाल!”
रस निकला और मेरे लंड पर बहने लगा। मैंने भी तेजी बढ़ाई और अंदर ही झड़ गया। गरम-गरम वीर्य उसकी चूत में भर दिया।
लेकिन रात अभी खत्म नहीं हुई थी। अक्षरा ने गाउन फिर पहना, लेकिन इस बार और सेक्सी पोज में। हमने Vimeo पर एक हॉट वीडियो चलाया और उसी के हिसाब से सेक्स किया। वो मेरे ऊपर चढ़ी, लंड को चूत में लेकर ऊपर-नीचे होने लगी। उसकी चूचियाँ मेरे मुंह में थीं। मैं चूस रहा था।
“नैतिक, आज पूरी रात चोदते रहेंगे,” वो बोली। मैंने उसे फिर से लिटाया और इस बार गांड मारने लगा। गांड भी टाइट थी, लेकिन रस से चिकनी थी। लंड अंदर घुसा तो अक्षरा कराहने लगी, “आह्ह… गांड फट रही है… लेकिन मजा आ रहा है!”
हम घंटों चोदते रहे। अलग-अलग पोजीशन में – मिशनरी, डॉगी, काउगर्ल, साइड। हर बार गंदी बातें, चूत-लंड का वर्णन, रस की आवाजें। अक्षरा की चूत लाल हो गई थी, फूल गई थी। मेरा लंड भी सूज गया था।
आखिर में दोनों थककर एक-दूसरे की बाहों में सो गए। सुबह उठकर अक्षरा ने फिर वही नाइट गाउन पहना और कहा, “ये गाउन अब रोज पहनूंगी।”
दोस्तों, ये थी मेरी अक्षरा की सरप्राइज वाली रात। वो नाइट गाउन ने हमारी सेक्स लाइफ को नई ऊंचाई दी। अगर आपको ये कहानी पसंद आई तो कमेंट करना, अगली कहानी और भी गंदी लाऊंगा।