नमस्ते दोस्तों, मेरा नाम राहुल है। मैं दिल्ली में एक छोटी सी आईटी जॉब करता हूँ। उम्र है मेरी पच्चीस साल। पिछले साल मेरे माता-पिता ने मेरी सगाई कर दी अपने गाँव की एक लड़की से। उसका नाम था प्रिया। प्रिया गाँव में रहती थी, पढ़ाई-लिखाई ज्यादा नहीं की थी लेकिन फोन पर उसकी बातें सुनकर लगता था कि वो बहुत ही शरारती और सेक्सी है।
एक दिन शाम को ऑफिस से घर आते हुए मेरा फोन बजा। स्क्रीन पर नाम दिखा “प्रिया”। मैंने कॉल उठाई। “हेलो प्रिया, क्या हाल है?” मैंने पूछा। उसकी आवाज़ में एक अजीब सी गर्माहट थी। “राहुल जी, अकेले हो? मम्मी-पापा बाहर गए हैं खेतों में। मैं अकेली हूँ घर पर।”
उसकी बात सुनकर मेरा लंड पहले से ही खड़ा होने लगा। “हाँ प्रिया, मैं भी अकेला हूँ फ्लैट में। बोल क्या बात है?” मैंने पूछा। प्रिया हँसी और बोली, “राहुल जी, शादी के बाद तुम मुझे कितना चोदोगे? मेरी छोटी सी कसैली चूत को अपना मोटा लंड देकर फाड़ दोगे ना?”
उसके मुँह से इतनी गंदी बात सुनकर मेरा लंड तड़कने लगा। मैंने फ्लैट का दरवाज़ा बंद किया और बिस्तर पर लेट गया। “प्रिया, तेरी बात सुनकर मेरा लंड खड़ा हो गया है। बता, तेरी चूत कैसी है?”
“राहुल जी, मेरी चूत अभी से गीली हो रही है। कल रात को मैंने अपनी उँगलियाँ अंदर डाली थीं। सोच रही थी तुम्हारा लंड कितना मोटा होगा।” प्रिया की साँसें तेज़ हो रही थीं।
मैंने अपनी पैंट खोली और लंड बाहर निकाल लिया। “प्रिया, मैं अभी अपना लंड पकड़ के हिला रहा हूँ। तेरी कल्पना करके। तेरे बड़े-बड़े स्तन, तेरी गोल चूत, तेरी मोटी गांड सब याद आ रही है।”
प्रिया चीखी, “अरे वाह! राहुल जी, तुम भी गंदी बातें करते हो? अच्छा लगा। अब बताओ, शादी के बाद पहले दिन क्या करोगे?”
मैंने लंड को और जोर से मसलते हुए कहा, “पहले दिन तेरी साड़ी उठाकर तेरी चूत चाटूँगा। तेरी चूत के रस को पीऊँगा। फिर अपना मोटा लंड तेरी तंग चूत में घुसेड़ दूँगा।”
प्रिया की तरफ से साँसों की आवाज़ आ रही थी। “राहुल जी, मेरी चूत अभी फूल रही है। मैं भी अपनी चूत को सहला रही हूँ। दो उँगलियाँ अंदर डाल रही हूँ। सोच रही हूँ तुम्हारा लंड कितना गर्म होगा।”
हम दोनों फोन पर गंदी बातें करते रहे। प्रिया ने बताया कि वो गाँव में अक्सर अकेली रहती है और कभी-कभी अपनी सहेली के साथ छुपकर सेक्स की बातें करती है। मैंने उसे अपनी पिछली गर्लफ्रेंड की चुदाई की कहानी सुनाई।
धीरे-धीरे बात आगे बढ़ी। प्रिया बोली, “राहुल जी, मुझे अपना लंड दिखाओ। वीडियो कॉल कर लो ना?”
मैंने तुरंत वीडियो कॉल की। स्क्रीन पर प्रिया दिखी। वो हल्की सी साड़ी पहने थी, ब्लाउज थोड़ा खुला था। उसके स्तन साफ दिख रहे थे। “प्रिया, तेरे स्तन कितने बड़े हैं। चूसूँगा उन्हें।”
प्रिया ने ब्लाउज खोला और अपने स्तन बाहर निकाले। “राहुल जी, देखो कैसे फूल रहे हैं। निप्पल खड़े हो गए हैं।”
मैंने भी अपना लंड कैमरे के सामने किया। प्रिया चीख पड़ी, “अरे वाह! इतना मोटा और लंबा लंड! मेरी चूत फट जाएगी।”
हम दोनों ने फोन पर म्यूचुअल मस्तurbation शुरू कर दी। प्रिया अपनी चूत को रगड़ रही थी, उँगलियाँ अंदर-बाहर कर रही थी। “राहुल जी, जोर से चोदो मुझे। मेरी चूत को फाड़ दो।”
मैं लंड हिला रहा था और बोल रहा था, “प्रिया, तेरी गीली चूत में अपना लंड घुसा के जोर-जोर से ठोकूँगा। तेरी गांड भी मारूँगा।”
यह सिलसिला आधे घंटे तक चला। प्रिया चीख-चीख के झड़ गई। “राहुल जी, मैं झड़ गई! मेरी चूत से रस निकल रहा है।”
मैं भी अंत में झड़ गया। लंड से गरम-गरम वीर्य निकला।
लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं हुई। दो दिन बाद प्रिया ने फिर कॉल की। “राहुल जी, मेरे मम्मी-पापा दो दिन के लिए शहर गए हैं। तुम आ जाओ गाँव।”
मैंने छुट्टी ली और अगले दिन ट्रेन पकड़ ली। गाँव पहुँचते ही प्रिया ने मुझे अकेले में बुलाया। घर खाली था।
जैसे ही मैं अंदर गया, प्रिया ने मुझे गले लगा लिया। “राहुल जी, अब असली चुदाई करो।”
मैंने उसकी साड़ी फाड़ी और ब्लाउज उतारा। उसके स्तन मेरे मुँह में आ गए। मैं चूसने लगा। प्रिया चीख रही थी, “काटो उन्हें, चूसो जोर से।”
फिर मैंने उसकी चूत चाटी। उसकी चूत पूरी गीली थी। रस बह रहा था। मैंने जीभ अंदर डाली और चाटा। प्रिया का शरीर काँप रहा था।
“अब लंड दो राहुल जी!” प्रिया ने मेरी पैंट खोली और लंड मुँह में लिया। वो जोर-जोर से चूसने लगी। “तेरा लंड बहुत स्वादिष्ट है।”
मैंने उसे बिस्तर पर लिटाया और लंड चूत में घुसाया। “आह्ह्ह! राहुल जी, धीरे! तंग है मेरी चूत।”
लेकिन मैंने जोर से धक्का मारा। लंड आधा अंदर चला गया। प्रिया चीख पड़ी। मैंने और जोर लगाया। पूरा लंड अंदर घुस गया।
फिर शुरू हुई जोरदार चुदाई। मैं झटके मार रहा था। प्रिया की चूत से चप-चप की आवाज़ आ रही थी। “चोदो मुझे, फाड़ दो मेरी चूत!”
हमने अलग-अलग पोजीशन आजमाई। डॉगी स्टाइल में मैंने उसकी गांड पकड़ के चोदा। प्रिया चीख रही थी, “गांड भी मारो राहुल जी!”
मैंने लंड निकाल कर उसकी गांड में डाला। प्रिया का रोना निकल गया लेकिन वो मज़े ले रही थी।
दो घंटे तक हम चोदते रहे। प्रिया तीन बार झड़ चुकी थी। आखिर में मैंने उसकी चूत में ही वीर्य छोड़ दिया।
गाँव में दो दिन हमने सिर्फ चुदाई की। फोन पर शुरू हुई बातें असल जिंदगी में बदल गईं।
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