नमस्ते दोस्तों, मेरा नाम विक्रम है। मैं उत्तर प्रदेश के एक छोटे से देहाती गांव में रहता हूं, जहां खेतों के बीच छोटी-छोटी मिट्टी की दीवारें और कच्ची सड़कें हैं। उम्र मेरी पच्चीस साल है और मैं खेती के साथ-साथ पास के कस्बे में छोटा सा मोबाइल रिपेयर का काम भी करता हूं। एक दिन की बात है जब मेरे हाथ एक ऐसी देहati sohar video लगी जिसने मेरी पूरी जिंदगी बदल दी।
वो शाम का समय था। बारिश रुक चुकी थी और खेतों में कीचड़ फैली हुई थी। मैं अपने पुराने स्कूटर पर गांव के बाहर निकला था। अचानक एक पुरानी मिट्टी की झोपड़ी के पास मुझे एक मोबाइल फोन मिला। स्क्रीन टूटा हुआ था लेकिन अंदर वीडियो चल रही थी। मैंने फोन उठाया और देखा कि वीडियो का नाम था “dehati sohar video”। दिल तेजी से धड़कने लगा। मैंने उसे घर ले आया और रात को अकेले कमरे में बंद करके चलाया।
वीडियो में एक देहाती औरत दिख रही थी, नाम शायद राधा। उम्र उसके तीस के आसपास, गोरी-चिट्टी नहीं बल्कि गेहूं की रंगत, मोटी-तगड़ी जांघें, भारी-भारी स्तन जो ब्लाउज में फिट नहीं हो रहे थे। उसके पीछे एक मोटा सा आदमी, शायद उसका सोहर, जिसका लंड इतना मोटा था कि देखकर ही मेरी सांस रुक गई। वीडियो में वो औरत चीख-चीखकर बोल रही थी, “अरे सोहर, मेरी चूत फाड़ डालो, इतना मोटा लंड घुसा दो कि कल सुबह तक चल न पाऊं।”
मैंने वीडियो को बार-बार देखा। हर बार जब वो औरत अपनी चूत को उंगलियों से चीरती और रस टपकाती, मेरा लंड खड़ा हो जाता। रात को मैंने खुद को सहलाते हुए सोचा कि अगर मुझे कभी ऐसी औरत मिले तो मैं क्या करूंगा। अगले दिन सुबह मैंने फोन को चार्ज किया और गांव में पूछताछ शुरू की। पता चला कि वो वीडियो राधा भाभी की है, जो हमारे गांव से दो किलोमीटर दूर वाले गांव की है। उसका सोहर शहर में मजदूरी करने गया हुआ था।
मैंने हिम्मत करके राधा भाभी के घर जाने का फैसला किया। दोपहर का समय था, धूप तेज थी। मैं उनके खेत के पास पहुंचा। राधा भाभी अकेली खेत में काम कर रही थी। ब्लाउज का कपड़ा पसीने से भीग चुका था, निप्पल साफ दिख रहे थे। मैंने पास जाकर कहा, “भाभी, कल आपका फोन मिला था।” वो घबरा गई लेकिन फिर मुस्कुराई। “अंदर आओ विक्रम, चाय पिलाती हूं।”
घर के अंदर अंधेरा था। मैंने फोन उन्हें थमाया। राधा भाभी ने मुझे देखा और बोली, “तुमने वीडियो देख ली ना?” मैंने सिर हिला दिया। “हां भाभी, देख ली। बहुत गंदी है।” वो हंस पड़ी, “सोहर ने बनाई थी। अब वो शहर में है, मैं अकेली हूं।” उसकी आवाज में भूख थी। उसने मुझे पास बुलाया और बोली, “तुम भी देखना चाहते हो असली में?”
मैंने बिना सोचे उसका ब्लाउज खींचा। उसके भारी स्तन बाहर निकल आए, निप्पल काले और सख्त। मैंने एक निप्पल मुंह में लिया और चूसने लगा। राधा भाभी चीख पड़ी, “हां विक्रम, चूस ले, मेरे स्तनों का रस निकाल ले।” मैंने दूसरा हाथ उसकी साड़ी के नीचे डाला। उसकी चूत गीली हो चुकी थी। दो उंगलियां अंदर डाली तो वो कांप गई। “अरे साले, उंगलियां मत डाल, सीधा लंड घुसा दे। मेरी चूत भूखी है।”
मैंने अपना लंड निकाला। वो देखकर बोली, “वाah, तेरा लंड मेरे सोहर से भी मोटा है।” मैंने उसे घुटनों के बल बैठाया और मुंह में ठूंस दिया। वो जोर-जोर से चूसने लगी, थूक से लंड चमक रहा था। “चूस, राधा, पूरा निगल ले।” फिर मैंने उसे चारपाई पर लिटाया, साड़ी ऊपर उठाई और एक ही झटके में लंड अंदर घुसा दिया। उसकी चूत इतनी तंग थी कि चीख निकल गई, “आह्ह्ह, फाड़ डाला रे! धीरे, धीरे चोद।”
मैंने जोर-जोर से धक्के मारे। हर धक्के पर उसकी चूत से चप-चप की आवाज आ रही थी। रस बह रहा था, मेरी जांघों पर लग रहा था। राधा भाभी बोल रही थी, “हां विक्रम, मेरी गंदी चूत को चोद, गर्भाशय तक पहुंचा दे लंड।” मैंने उसकी टांगें कंधों पर रखीं और और जोर से चोदने लगा। उसके स्तन उछल रहे थे। मैंने उन्हें हाथों से दबाया।
फिर मैंने उसे कुत्ते वाली मुद्रा में कर दिया। पीछे से लंड घुसाया तो उसकी गांद फूल गई। “भाभी, गांद भी मारूं?” “हां मार, आज सब कुछ खोल दे।” मैंने थूक लगाकर गांद में लंड डाला। वो चीख रही थी लेकिन रस निकाल रही थी। “अरे मादरचोद, दोनों छेद भर दे।”
हम घंटों चोदते रहे। मैंने तीन बार झड़ चुका था लेकिन वो और मांग रही थी। “फिर से डाल, मेरी चूत अभी भी प्यासी है।” रात भर चली ये चुदाई। सुबह जब सूरज निकला तो राधा भाभी बोली, “ये देहati sohar video अब हम दोनों की हो गई। रोज आना विक्रम।”
उसके बाद से मैं रोज उनके घर जाता। कभी खेत में, कभी घर में, कभी पिछवाड़े में। हर बार नई पोजीशन, नया गंदा बोल। वो मुझे सिखाती, “लंड को घुमाकर चोद, चूत की दीवारों को रगड़।” मैं उसकी चूत चाटता, रस पीता। वो मेरे लंड को हाथों से सहलाती और बोलती, “तेरा लंड मेरा सोहर बन गया।”
एक दिन उसने खुद वीडियो बनाई। मोबाइल लगाकर हम दोनों की चुदाई रिकॉर्ड की। “अब ये नई dehati sohar video है, हमारे नाम की।” वो वीडियो देखकर हम दोनों फिर जोश में आ जाते।
महीने भर बाद उसका सोहर लौटा तो सब कुछ रुक गया, लेकिन राधा भाभी ने मुझे गुपचुप मिलने का वादा किया। आज भी जब बारिश होती है और कीचड़ फैलती है, मुझे वो पहली dehati sohar video याद आती है जिसने मुझे राधा भाभी की चूत तक पहुंचाया।
(कहानी यहीं खत्म नहीं होती, दोस्तों। हर रात वो यादें मुझे जगा देती हैं और मैं फिर से लंड सहलाता हूं, सोचता हूं कि अगली बार कौन सी नई गंदी हरकत करूंगा। राधा भाभी की चूत का स्वाद अब मेरी जुबान पर हमेशा रहता है।)