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एक नज़र: The Rural Girl Part 2 – गांव की छोरी की गंदी चुदाई — मुख्य बातें

एक नज़र: The Rural Girl Part 2 – गांव की छोरी की गंदी चुदाई — मुख्य बातें

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नमस्ते दोस्तों, मेरा नाम राहुल है। मैं पिछले महीने की बात बता रहा हूँ जब मैं अपने गांव गया था। मेरी उम्र २८ साल है और मैं दिल्ली में जॉब करता हूँ। गांव में मेरे चाचा का घर है, जहां मेरी मां रहती हैं। वहां पहुंचते ही मुझे एक लड़की दिखी जो हमारे खेतों के पास पानी भर रही थी। उसका नाम रानी था, उम्र करीब २२ साल, देहाती लेकिन शरीर ऐसा कि देखते ही लंड खड़ा हो जाए। गोरी नहीं थी लेकिन उसकी त्वचा सांवली और चमकदार थी, बड़े-बड़े स्तन जो ब्लाउज से फटते लगते थे, और मोटी कमर के नीचे गोल-गोल गांड जो चलते वक्त लहराती थी।

पहले दिन ही हमारी नजरें मिलीं। रानी मुझे देखकर मुस्कुराई और पानी का घड़ा उठाकर चल दी। मैं उसके पीछे-पीछे खेतों की तरफ गया। वहां अकेले में उसने कहा, “राहुल भाई, आप दिल्ली से आए हो ना? मेरा नाम रानी है।” मैंने सीधा जवाब दिया, “हां रानी, तू बहुत सुंदर लग रही है।” वह शरमा गई लेकिन आंखों में चमक थी। हम बातें करते-करते करीब आ गए। उसने बताया कि वह विधवा है, पति की मौत दो साल पहले हो गई थी।

दूसरे दिन शाम को बारिश शुरू हो गई। मैं खेत के किनारे खड़ा था जब रानी छतरी लेकर आई। “राहुल भाई, आओ मेरे घर चलो, बारिश में भीगोगे।” मैं उसके साथ चला। उसका छोटा सा मिट्टी का घर अंधेरा था। अंदर जाकर उसने कपड़े बदले। ब्लाउज उतारते वक्त उसके बड़े स्तन झूल गए, काले-काले निप्पल सख्त हो चुके थे। मैंने देख लिया और लंड तुरंत खड़ा हो गया। रानी ने भी देख लिया। वह मुस्कुराई और बोली, “क्या देख रहे हो? पसंद आया क्या मेरा माल?”

मैं आगे बढ़ा और उसे दीवार से लगाकर चूम लिया। उसके होंठ नरम थे, जीभ से जीभ लड़ाई हुई। मैंने उसके ब्लाउज के बटन खोले और एक स्तन मुंह में लिया। चूसते-चूसते काटा भी। रानी सिसकने लगी, “आह्ह… राहुल, जोर से चूसो, मेरी चूचियां प्यासी हैं।” मैं दूसरे स्तन पर भी मुंह लगाया, जीभ से निप्पल घुमाया। उसके हाथ मेरे लंड पर आ गए। पैंट के ऊपर से ही दबाने लगी, “वाह, कितना मोटा लंड है, आज रात चूत फाड़ दोगे क्या?”

हम बिस्तर पर लेट गए। रानी ने मेरी पैंट उतारी। मेरा लंड फणफणा रहा था, ७ इंच लंबा और मोटा। उसने हाथ में लिया और ऊपर-नीचे करने लगी। “कितना गरम है, रस टपक रहा है।” फिर मुंह में ले लिया। जीभ से लंड चाटते-चाटते पूरा निगलने लगी। “उम्म्म… छोड़ो मत, पूरा चूस लूंगी।” मैं उसके बाल पकड़कर मुंह चोदने लगा। थूक की आवाजें आ रही थीं।

फिर मैंने उसकी साड़ी ऊपर उठाई। पेटीकोट उतारा तो काली जांघें दिखीं। चूत पर घना जंगल था, लेकिन होठ लाल और फूले हुए। मैंने उंगली डाली, “रानी, तेरी चूत कितनी गीली है।” “हां राहुल, तेरे लंड का इंतजार कर रही थी। अंदर डालो ना।” मैंने जीभ से चाटना शुरू किया। चूत का स्वाद खट्टा-मीठा, रस बह रहा था। क्लिटोरिस चूसते-चूसते दो उंगलियां अंदर डालीं। रानी चीख रही थी, “आह्ह… चोदो जीभ से, मेरी चूत जल रही है!”

मैं ऊपर चढ़ा। लंड उसके चूत के मुंह पर रखा और धीरे से दबाया। “आह… धीरे, मोटा है तेरा।” आधा लंड अंदर गया तो रानी की आंखें बंद हो गईं। पूरा घुसाते ही वह चीख पड़ी, “फाड़ दिया! अब जोर-जोर से चोदो!” मैं धक्के मारने लगा। चूत की आवाजें, “प्लच-प्लच” भर रही थीं। उसके स्तन हाथ में लेकर मसल रहा था। “ले, ले मेरा लंड, तेरी देहाती चूत आज फट जाएगी।” रानी भी कमर उठाकर चुद रही थी, “हां, और गहरा, गांड भी मार लेना बाद में।”

हम घंटे भर चोदते रहे। पोजीशन बदलते-बदलते। पहले मिशनरी, फिर डॉगी स्टाइल में। मैं उसके बाल पकड़कर पीछे से चोद रहा था, गांड पर थप्पड़ मार-मार के लाल कर दिए। “देख, तेरी गांड कैसे लहरा रही है।” रानी बोल रही थी, “चोद, चोद, रस निकाल दो अंदर!” आखिर में मैंने बाहर निकालकर उसके स्तनों पर झड़ दिया। गाढ़ा रस छाती पर फैल गया।

लेकिन रात अभी खत्म नहीं हुई। थोड़ी देर बाद फिर शुरू हुआ। इस बार रानी ऊपर चढ़ी। लंड अपनी चूत में डालकर ऊपर-नीचे होने लगी। उसके स्तन लहरा रहे थे, मैं चूस रहा था। “राहुल, तू मेरा राजा है, आज पूरी रात चोदना।” हम दोनों पसीने से तर हो गए। चूत से रस टपक रहा था, लंड पर चमक रहा था।

सुबह होने तक तीन बार चोदा। आखिरी बार गांड में डाला। थोड़ा तेल लगाकर लंड घुसाया। रानी चीख रही थी, “आह्ह… गांड फट रही, लेकिन मजा आ रहा है!” मैं धीरे-धीरे फिर जोर से चोदने लगा। गांड की दीवारें लंड को कस रही थीं।

अगले दिन जब मैं वापस दिल्ली आया तो रानी ने कहा, “जल्दी आना, चूत फिर प्यासी हो जाएगी।” अब हर महीने जाता हूँ। ये थी हमारी दूसरी मुलाकात की पूरी कहानी, दोस्तों। रानी की चूत और गांड अब मेरी आदत बन चुकी है।

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