नमस्ते दोस्तों, मेरा नाम नक्ष है। आज मैं आपको अपनी शादी की रात की पूरी कहानी सुनाता हूं जो किर्ति के साथ हुई। किर्ति मेरी दुल्हन है, उसकी उम्र २४ साल है, गोरी चमड़ी, बड़े-बड़े स्तन, मोटी गांड और एकदम टाइट चूत। हमारी शादी दिल्ली में हुई थी। पूरा दिन शादी के रस्मों में बीत गया, लेकिन रात का इंतजार मुझे बहुत था। होटल के सूट में हम अकेले थे। किर्ति लाल रंग की साड़ी में थी, उसकी आंखें झुकी हुई थीं। मैंने दरवाजा बंद किया और उसे अपनी तरफ खींच लिया।
उसके होंठों पर अपना मुंह रखा और जोर से चूमने लगा। उसकी सांस तेज हो गई। मैंने उसकी साड़ी का पल्लू खींचा और उसके बड़े स्तनों को हाथ में लिया। ब्रा के ऊपर से ही दबाने लगा। किर्ति ने आह भरी, “नक्ष, धीरे से…” लेकिन मैं रुकने वाला नहीं था। मैंने उसकी ब्लाउज के हुक खोले और ब्रा उतार दी। उसके स्तन बाहर निकल आए, गोल-गोल, निप्पल सख्त हो चुके थे। मैंने एक निप्पल मुंह में लिया और चूसने लगा, दूसरा हाथ से दबा रहा था। किर्ति की सांसें भारी हो गईं।
मैंने उसे बिस्तर पर लिटाया और साड़ी नीचे खींची। पेटीकोट उतारा तो उसकी जांघें नजर आईं। पैंटी गीली हो चुकी थी। मैंने पैंटी खींचकर उतारी। उसकी चूत सामने थी, बाल रहित, होंठ गुलाबी, अंदर से गुलाबी और चमकदार। मैंने उंगली लगाई तो रस बह रहा था। “कितनी गीली है तेरी चूत किर्ति,” मैंने कहा। उसने शर्मा कर मुंह छुपाया। मैंने अपनी पैंट उतारी, लंड बाहर निकाला। मेरा लंड ७ इंच का, मोटा, नसें उभरी हुई। किर्ति ने देखा तो आंखें फटी की फटी रह गईं।
मैं उसके ऊपर चढ़ गया। लंड उसकी चूत के मुंह पर रखा और धीरे से दबाया। सिरा अंदर घुसा तो किर्ति चीख पड़ी, “आह्ह्ह… धीरे नक्ष, बहुत मोटा है!” मैंने और जोर लगाया। आधा लंड अंदर चला गया। उसकी चूत टाइट थी, दीवारें मेरे लंड को कस रही थीं। मैंने धीरे-धीरे पुश करना शुरू किया। पूरा लंड अंदर घुस गया। किर्ति की आंखों से आंसू आ गए लेकिन वह भी कमर उठा रही थी। “चोदो मुझे नक्ष, पूरी रात चोदो,” वह बोली।
मैंने रफ्तार बढ़ाई। लंड अंदर-बाहर करने लगा। थप-थप की आवाजें कमरे में गूंज रही थीं। किर्ति के स्तन उछल रहे थे। मैंने उन्हें हाथ में लिया और निचोड़ते हुए चोद रहा था। उसकी चूत से रस निकल रहा था, मेरे लंड पर चिपक रहा था। १० मिनट बाद मैंने उसकी टांगें कंधों पर रखीं और और गहराई से चोदने लगा। किर्ति चीख रही थी, “आह्ह्ह… मेरा हो गया नक्ष… चोदो… चोदो!” उसका शरीर कांप गया, चूत ने मेरे लंड को और कस लिया। वह झड़ गई।
मैंने लंड बाहर निकाला, उसकी चूत से सफेद रस बह रहा था। मैंने उसे घुटनों के बल कराया। गांड ऊपर उठाई। पिछली तरफ से लंड डाला। इस बार और आसानी से घुस गया। मैं उसकी गांड के दोनों तरफ हाथ मारते हुए चोद रहा था। “तेरी गांड भी कितनी मोटी है किर्ति, कल पूरी रात इसकी भी मालिश करूंगा,” मैं बोला। किर्ति सिर नीचे किए चीख रही थी। मैंने उसके बाल पकड़े और जोर-जोर से धक्के मारे।
फिर मैंने उसे लिटाया और ६९ पोजीशन में आ गया। उसकी चूत मेरे मुंह के सामने, मेरा लंड उसके मुंह के सामने। मैंने उसकी चूत चाटनी शुरू की। जीभ अंदर डाली, रस पीने लगा। किर्ति ने मेरा लंड मुंह में लिया और चूसने लगी। उसकी जीभ लंड के नीचे घूम रही थी। १५ मिनट तक हम एक-दूसरे को चाटते और चूसते रहे। फिर मैंने उसे वापस मिशनरी पोजीशन में लिटाया और फिर से चोदने लगा।
इस बार धीरे-धीरे, हर धक्के के साथ गहराई तक। किर्ति मेरे बाल पकड़कर खींच रही थी। “नक्ष, तेरा लंड मेरी चूत फाड़ देगा… और जोर से…” वह बोल रही थी। मैंने रफ्तार बढ़ाई। थप-थप-थप की आवाजें। पसीना दोनों के शरीर पर बह रहा था। २० मिनट बाद मैंने कहा, “किर्ति, मैं झड़ने वाला हूं।” उसने कमर कसकर पकड़ लिया, “अंदर ही निकाल दो, सब कुछ अंदर डाल दो।” मैंने जोर से धक्का मारा और गरम-गरम वीर्य उसकी चूत में भर दिया।
लंड बाहर निकाला तो चूत से मेरा वीर्य और उसका रस मिलकर बह रहा था। मैंने उंगली डालकर निकाला और उसके मुंह में डाल दिया। किर्ति ने चाट लिया। हम दोनों थक गए थे लेकिन रात अभी शुरू हुई थी। १ घंटे बाद फिर शुरू किया। इस बार उसने ऊपर चढ़कर चोदा। उसकी गांड मेरे लंड पर उछल रही थी। स्तन मेरे मुंह में थे। पूरी रात हमने ४ बार चोदा। हर बार नई पोजीशन में।
सुबह होने तक किर्ति की चूत लाल हो चुकी थी, सूज गई थी। लेकिन दोनों खुश थे। यही थी हमारी नक्ष किर्ती wedding night।