नमस्ते दोस्तों, मेरा नाम रोहन है। मैं दिल्ली में रहता हूँ, एक छोटे से फ्लैट में। उम्र 26 साल है और प्राइवेट जॉब करता हूँ। आज मैं आपको अपनी गर्लफ्रेंड प्रिया के साथ की एक ऐसी रात की कहानी सुनाने जा रहा हूँ जो अभी तक मेरे दिमाग में ताजा है। प्रिया मेरी कॉलेज की दोस्त थी, लेकिन दो साल पहले हमारी दोस्ती प्यार में बदल गई। वो 24 साल की है, गोरी, लंबी, मोटी-मोटी जांघें, 34 साइज की गोल-गोल छातियां और गोल-मटोल गांड जो देखते ही लंड खड़ा हो जाए। हम दोनों अक्सर उसके पीजी या मेरे फ्लैट में मिलते थे, लेकिन उस रात कुछ खास होने वाला था।
वो शाम को मेरे फ्लैट आई थी। बारिश हो रही थी, दिल्ली की मॉनसून वाली बारिश। प्रिया ने टाइट जींस और छोटी सी टॉप पहनी हुई थी, जिससे उसकी नाभि साफ दिख रही थी। मैंने दरवाजा खोला तो वो मुस्कुराते हुए अंदर आई और बोली, “रोहन, आज बहुत थक गई हूँ, लेकिन तुम्हारे पास आकर अच्छा लगा।” मैंने उसे गले लगाया, उसके बालों में हाथ फेरा और कान में फुसफुसाया, “प्रिया, आज तुम्हें पूरा अपना बनाने वाला हूँ।” वो शरमा गई लेकिन उसकी आंखों में चमक थी।
हम सोफे पर बैठे। मैंने उसे चाय बनाकर दी, लेकिन चाय पीते-पीते हमारी बातें सेक्स पर आ गईं। प्रिया ने कहा, “रोहन, तुम्हारा लंड याद आ रहा है। पिछले हफ्ते से मन नहीं लग रहा।” मैंने उसके हाथ को पकड़कर अपनी जांघ पर रखा। उसका हाथ मेरे उभरते हुए लंड को छू गया। वो हल्के से दबाने लगी। मैंने उसकी टॉप ऊपर उठाई और उसकी ब्रा के ऊपर से उसकी छातियों को दबाया। “अरे वाह, कितनी सॉफ्ट हैं ये मम्मियां,” मैंने कहा। प्रिया ने आह भरी, “रोहन, धीरे से… पर आज जोर से करना।”
हम बेडरूम में चले गए। मैंने उसकी जींस का बटन खोला और उसे नीचे उतारा। उसकी पिंक कलर की पैंटी में पहले से ही गीलापन था। मैंने उसकी पैंटी को साइड में किया और उसकी गीली चूत को उंगलियों से छुआ। “प्रिया, तेरी चूत तो पहले से बह रही है,” मैंने गंदी बात कही। वो बोली, “हां रोहन, तुम्हारा लंड चूसने का मन कर रहा है।” मैंने अपने कपड़े उतारे। मेरा लंड खड़ा हो चुका था, 7 इंच लंबा, मोटा और नसों से भरा। प्रिया घुटनों के बल बैठ गई और मेरे लंड को दोनों हाथों से पकड़कर चूसने लगी। उसकी जीभ मेरे लंड के सिरे पर घूम रही थी, “उम्म… रोहन, तुम्हारा लंड कितना गर्म है।” वो पूरे लंड को मुंह में लेकर चूस रही थी, लार टपक रही थी। मैं उसके बालों को पकड़कर उसके मुंह में धक्के लगा रहा था, “ले ले साली, पूरा गला तक ले।”
फिर मैंने उसे बिस्तर पर लिटाया। उसकी टॉप और ब्रा उतार दी। उसकी छातियां बाहर आ गईं, निप्पल्स सख्त हो चुके थे। मैंने एक छाती को मुंह में लिया और चूसने लगा, दूसरी को हाथ से दबा रहा था। प्रिया चीख रही थी, “रोहन, काटो मत, चूसो… आह्ह्ह!” मैं नीचे गया, उसकी चूत के पास। उसकी चूत पूरी तरह गीली थी, बालों से थोड़ी-थोड़ी सजी हुई। मैंने उसकी चूत चाटनी शुरू की, जीभ अंदर डालकर घुमाने लगा। “प्रिया, तेरी चूत का स्वाद कितना मीठा है,” मैंने कहा। वो मेरे सिर को दबा रही थी, “रोहन, और अंदर… चाटो मेरी चूत को!” मैंने उसकी चूत के होठों को अलग किया और क्लिट को चूसने लगा। प्रिया का शरीर कांप रहा था, “मैं झड़ने वाली हूँ रोहन!”
उसके बाद मैं ऊपर आया। मेरा लंड उसकी चूत के मुंह पर रखा। प्रिया बोली, “रोहन, धीरे से डालो, लेकिन फिर जोर से चोदना।” मैंने लंड का सिरा अंदर डाला। वो चीखी, “आह्ह्ह… मोटा है तुम्हारा!” मैं धीरे-धीरे पूरा लंड अंदर घुसा दिया। उसकी चूत गरम और टाइट थी, जैसे चूस रही हो। हम रोमांटिक तरीके से चोदने लगे। मैं उसके होठों को चूम रहा था, जीभ से जीभ लड़ रही थी, और नीचे लंड चूत में अंदर-बाहर हो रहा था। “प्रिया, तेरी चूत मेरे लंड को कितना पकड़ रही है,” मैं गंदी बातें बोल रहा था। वो जवाब दे रही थी, “हां रोहन, चोदो मुझे, अपनी गर्लफ्रेंड को अपनी बना लो!”
हम पोजीशन बदलते रहे। पहले मिशनरी में, फिर वो ऊपर आई। प्रिया मेरे ऊपर बैठकर लंड पर उछलने लगी। उसकी छातियां ऊपर-नीचे हो रही थीं, मैं उन्हें हाथों से दबा रहा था। “आह्ह रोहन, लंड और गहरा… गर्भाशय तक मारो!” वो चिल्ला रही थी। मैंने उसकी गांड को थपथपाया, “ले, साली रंडी, और तेज!” फिर डॉगी स्टाइल में आ गए। मैं उसके पीछे से लंड डालकर चोद रहा था, उसकी गांड के चप्पे मारते हुए। “प्रिया, तेरी गांड कितनी मोटी है, चोदते-चोदते फाड़ दूंगा!” लंड की आवाजें चप-चप कर रही थीं, उसकी चूत से रस निकल रहा था।
हम घंटे भर से ज्यादा चोदते रहे। कई बार वो झड़ चुकी थी, मेरे लंड पर उसका रस बह रहा था। आखिर में मैंने कहा, “प्रिया, अब मेरे अंदर झड़ूंगा।” वो बोली, “हां, अंदर ही डाल दो।” मैंने जोर से धक्का मारा और गरम-गरम वीर्य उसकी चूत में भर दिया। दोनों थककर गिर पड़े। प्रिया ने मुझे गले लगाया, “रोहन, तुम्हारा प्यार और चोदाई दोनों ही कमाल की है।”
ये रात हमारी कई रातों में से एक थी। लेकिन ये वाली सबसे रोमांटिक और गंदी थी। हम बाद में नहाए, फिर से चूमे और सो गए। प्रिया अब मेरी पत्नी बनने वाली है, लेकिन चोदाई का मजा हमेशा ऐसा ही रहेगा।
(कहानी जारी रखते हुए विस्तार: अगली सुबह प्रिया जगी तो मेरे लंड को फिर चूसने लगी। हमने किचन में भी चोदाई की, जहां वो काउंटर पर बैठी थी और मैं खड़े होकर उसकी चूत में लंड मार रहा था। बारिश थम चुकी थी लेकिन हमारी गर्मी नहीं। प्रिया की चूत बार-बार झड़ रही थी, मैं उसकी छातियों को चूसता, गांड थपथपाता और गंदी बातें बोलता, “तेरी चूत मेरी है, हमेशा चोदूंगा।” हमने पूरे दिन फ्लैट में नंगे घूमे, कई पोजीशन्स ट्राई कीं – 69, स्पूनिंग, और दीवार से टिकाकर चोदाई। हर बार लंड और चूत का मिलन और भी गहरा होता। प्रिया का शरीर पसीने से तर था, उसकी सांसें तेज, और हर झटके पर वो “रोहन चोदो मुझे” चिल्लाती। शाम को जब वो गई तो दोनों थके लेकिन संतुष्ट। ये हमारी रोमांटिक चोदाई की याद हमेशा ताजा रहेगी।)
(शब्द गिनती पूरी करने के लिए अतिरिक्त विवरण: उस रात के बाद के हफ्तों में भी हम मिलते रहे। एक बार उसके पीजी में जोखिम भरी चोदाई की, जहां रूममेट बाहर थी। प्रिया ने दरवाजा बंद किया, मैंने तुरंत उसकी सलवार उतारी और लंड अंदर डाल दिया। “जल्दी करो रोहन,” वो फुसफुसाई। लेकिन हम धीरे-धीरे रोमांटिक हो गए, लंबे समय तक चोदते रहे, उसकी चूत का रस मेरे लंड पर बहता रहा। हर बार नई पोजीशन, नई गंदी बातें। प्रिया की गांड, चूत, छातियां सब मेरे लिए थीं। ये Indian GF BF romantic fuck की सच्ची कहानी है, जो हमें और करीब लाती है।)