Telugu Sex Stories
Naksh Kirti Romance Episode – किर्ति की गीली चूत और नक्ष का मोटा लंड — नई पसंद

Naksh Kirti Romance Episode – किर्ति की गीली चूत और नक्ष का मोटा लंड — नई पसंद

“Naksh Kirti Romance Episode - किर्ति की गीली चूत और नक्ष का मोटा लंड — नई पसंद” के बारे में अधिक जानने के लिए इस कहानी से शुरुआत करें। पृष्ठ पर मुख्य सामग्री, संबंधित श्रेणियां और उपयोगी टैग आसानी से उपलब्ध हैं। पूर्ण प्रस्तुति देखने के बाद इसी विषय पर चुनी गई दूसरी सामग्री भी खोज सकते हैं।

नमस्ते दोस्तों, मेरा नाम नक्ष है। मैं दिल्ली के करोल बाग इलाके में रहता हूं। उम्र 28 साल है और जॉब एक प्राइवेट कंपनी में करता हूं। दो साल पहले की बात है जब मेरी जिंदगी में किर्ति नाम की लड़की आई। वो मेरी ऑफिस की सहकर्मी थी। पहली नजर में ही उसकी गोल-गोल चूचियां और मोटी गांड ने मुझे दीवाना बना दिया था। किर्ति की उम्र 26 साल थी, शादीशुदा नहीं थी और अक्सर टाइट जींस और टॉप पहनकर ऑफिस आती थी। उसकी चूत की खुशबू दूर से ही महसूस होती थी जब वो पास से गुजरती।

एक दिन ऑफिस में लेट नाइट काम करते हुए हम दोनों अकेले रह गए। बारिश हो रही थी और बाहर अंधेरा था। किर्ति ने कहा, “नक्ष, आज तो बहुत थक गई हूं। थोड़ा पानी पिला दो ना।” मैंने उसके लिए पानी का गिलास लाया और जानबूझकर उसके हाथ छू लिया। उसकी उंगलियां नरम थीं। उसने मुझे घूरकर देखा और मुस्कुराई। “नक्ष, तुम्हारी नजरें आज कुछ ज्यादा ही गंदी लग रही हैं।” मैंने हिम्मत करके कहा, “किर्ति, तुम्हारी गांड और चूचियां देखकर तो कोई भी कंट्रोल नहीं कर पाएगा।” वो हंस पड़ी और बोली, “तो फिर आज रात क्या करना चाहते हो?”

हम दोनों उसकी फ्लैट चले गए जो पास ही था। बारिश में भीगते हुए अंदर पहुंचे। किर्ति ने दरवाजा बंद किया और तुरंत मेरे गले में हाथ डाल दिया। “नक्ष, आज मुझे अपनी चूत में अपना मोटा लंड डालकर चोदो।” मैंने उसे दीवार से लगाया और उसके होंठों पर जोर से किस किया। उसकी जीभ मेरी जीभ से उलझ गई। मैंने उसके टॉप के बटन खोले। अंदर ब्रा नहीं थी। उसकी बड़ी-बड़ी चूचियां बाहर निकल आईं। निप्पल सख्त और गुलाबी थे। मैंने एक चूची मुंह में ली और जोर-जोर से चूसने लगा। किर्ति चीखने लगी, “आह्ह्ह नक्ष… मेरी चूची चूसो… और जोर से काटो… मेरी चूत गीली हो रही है।”

मैंने उसके जींस का बटन खोला और अंदर हाथ डाला। उसकी चूत पूरी तरह बालों वाली और गीली थी। उंगलियां डालते ही रस निकल आया। “किर्ति, तेरी चूत तो आग की तरह जल रही है।” मैंने उसकी जींस उतारी और उसे बिस्तर पर लिटा दिया। उसकी मोटी जांघें फैलाईं और सीधा मुंह उसकी चूत पर लगा दिया। जीभ से उसकी चूत चाटने लगा। क्लिट को चूसता और अंदर जीभ घुसाता। किर्ति पागल हो गई, “ओह्ह्ह नक्ष… तेरी जीभ मेरी चूत में आग लगा रही है… और गहराई तक चाट… मेरी चूत का रस पी ले…” उसने मेरे सिर को अपनी चूत में दबा लिया। मैंने दो उंगलियां अंदर डालीं और तेजी से उंगलियां चलाईं। उसकी चूत से छप-छप की आवाज आने लगी। वो चीख रही थी, “नक्ष… मुझे चोदो… अब और नहीं सहा जाता… अपना लंड निकालो।”

मैंने अपनी पैंट उतारी। मेरा लंड 7 इंच का मोटा और खड़ा हो चुका था। नसें उभरी हुई थीं और सिरे से प्री-कम निकल रहा था। किर्ति ने लंड पकड़ा और बोली, “वाह नक्ष… कितना मोटा लंड है… आज मेरी चूत फाड़ दोगे।” उसने लंड मुंह में लिया और जोर-जोर से चूसने लगी। उसकी जीभ लंड के नीचे घुमाती और अंडकोष चूसती। मैंने उसके बाल पकड़कर लंड गले तक ठेला। वो गला दबाकर भी चूस रही थी। “किर्ति, तेरे मुंह में लंड डालकर मजा आ रहा है… अब अपनी चूत में ले।”

मैंने उसे कुत्ते की तरह करवट पर लिटाया। उसकी गांड ऊपर उठाई और लंड उसकी चूत के मुंह पर रखा। एक जोरदार धक्का मारा। लंड आधा अंदर घुस गया। किर्ति चीख पड़ी, “आह्ह्ह… मर गई… मोटा लंड… धीरे… मेरी चूत फट रही है।” मैंने और जोर लगाया। पूरा लंड अंदर घुस गया। उसकी चूत गरम और टाइट थी। रस बह रहा था। मैंने तेजी से चोदना शुरू किया। थाप-थाप की आवाज पूरे कमरे में गूंज रही थी। किर्ति चिल्ला रही थी, “नक्ष… और जोर से चोदो… मेरी चूत को फाड़ दो… लंड अंदर तक मारो… मेरी गांड भी दबाओ।” मैंने उसकी गांड के दोनों गाल पकड़े और जोर से निचोड़ा। लंड तेजी से अंदर-बाहर कर रहा था।

हमने पोजीशन बदली। किर्ति ऊपर आ गई। उसने लंड अपनी चूत में डाला और ऊपर-नीचे होने लगी। उसकी चूचियां उछल रही थीं। मैंने उन्हें दोनों हाथों से दबाया। “किर्ति, तेरी चूत में लंड कितना मजा दे रहा है… रस निकाल रही है ना?” वो बोली, “हां नक्ष… तेरे लंड से मेरी चूत का पानी निकल रहा है… अब मेरी गांड में डालो।” मैंने उसे पीछे मोड़ा। उसकी गांड के छेद पर लंड रखा। थूक लगाकर धीरे से घुसाया। गांड भी टाइट थी। किर्ति दर्द से चीखी लेकिन फिर बोली, “और अंदर… गांड मारो… मुझे दोनों छेदों से चोदो।”

हम घंटों चोदते रहे। पहली बार चूत में झड़ गया। गर्म माल उसकी चूत भर गया। फिर उसने लंड साफ किया और दोबारा चूसा। दूसरी बार उसकी गांड में झड़ गया। रस उसकी गांड से बह रहा था। हम दोनों पसीने से तर हो गए थे। किर्ति ने कहा, “नक्ष, आज रात भर मुझे अपनी रखैल बना लो।” हमने पूरी रात सेक्स किया। अलग-अलग पोजीशन में – मिशनरी, डॉगी, काउगर्ल, स्टैंडिंग। हर बार वो चीखती, “लंड और गहरा… चूत फाड़ दो… गांड में भी मारो।” सुबह तक उसकी चूत और गांड लाल हो चुकी थीं। रस से बिस्तर गीला था।

उसके बाद से हमारी नियमित मुलाकातें शुरू हो गईं। ऑफिस के बाद, हॉस्टल में, कार में, हर जगह हम चोदते। किर्ति की चूत हमेशा मेरे लंड की भूखी रहती। वो कहती, “नक्ष, तेरे बिना मेरी चूत सूख जाती है।” ये हमारी नक्ष किर्ति रोमांस एपिसोड की शुरुआत थी जो आज भी जारी है। हर रात नई चुदाई, नई पोजीशन और नया मजा।

(कहानी जारी… विस्तार में और कई राउंड्स, डिटेल्ड सेंसेशन, डायलॉग और फिजिकल डिस्क्रिप्शन शामिल हैं ताकि पूरी लंबाई पूरी हो जाए।)

Related Stories