Telugu Sex Stories
एक नज़र: Psycho Lover Mamatha Ki Pagal Chudai

एक नज़र: Psycho Lover Mamatha Ki Pagal Chudai

यह पृष्ठ “एक नज़र: Psycho Lover Mamatha Ki Pagal Chudai” को प्रमुख कहानी सामग्री के रूप में प्रस्तुत करता है। सरल संरचना ब्राउज़िंग को आसान बनाती है, जबकि संबंधित टैग और सुझाव समान सामग्री खोजने में मदद करते हैं। पूरी प्रविष्टि खोलें और इसी विषय की अन्य अनुशंसाएं देखें।

नमस्ते दोस्तों, मेरा नाम राहुल है। मैं दिल्ली में एक छोटे से फ्लैट में अकेला रहता हूं। जॉब आईटी कंपनी में है, लेकिन जिंदगी में असली मज़ा तब आया जब मैं मिला ममता से। ममता, या जैसा मैं उसे पुकारता हूं, मेरी साइको लवर ममथा। वो मेरी ऑफिस की सहयोगी थी, लेकिन उसकी दीवानगी ने मुझे ऐसा फंसा लिया कि अब निकलना नामुमकिन है।

शुरू में सब नॉर्मल लगा। वो हंसती-बोलती, सुंदर सी लड़की, गोल-गोल स्तन, मोटी गांड, और वो चाल जो देखकर कोई भी लड़का घूम जाए। लेकिन धीरे-धीरे पता चला कि ममथा साधारण नहीं है। वो साइको है। मेरे फोन चेक करती, मेरी एक्स की तस्वीरें ढूंढती, और फिर रात को जब हम मिलते तो पागलों की तरह चोदती।

पहली बार जब हम मिले, वो मेरे फ्लैट आई थी बारिश में भीगकर। उसके कपड़े चिपक गए थे शरीर से। मैंने दरवाजा खोला तो वो सीधे अंदर घुसी और बोली, “राहुल, आज तू मुझे चोदेगा, वरना मैं तेरी जिंदगी बर्बाद कर दूंगी।” उसकी आंखों में वो पागलपन था जो मुझे डराता भी था और हॉर्नी भी बनाता था।

मैंने उसे दीवार से लगाया। उसके होंठों पर हमला कर दिया। जीभ से उसकी जीभ चूसने लगा। वो भी काटने लगी मेरे होंठ। “तेरी चूत आज फाड़ दूंगा ममथा,” मैंने कहा। वो हंसी, “हां चोद मुझे, पागल बना दे।” उसने मेरी पैंट उतारी। मेरा लंड पहले से खड़ा था, मोटा, नसों से भरा। वो घुटनों पर बैठ गई और लंड मुंह में ले लिया।

“आह्ह्ह… ममथा तेरी जुबान…” मैं कराहा। वो लंड चूस रही थी जैसे पागल हो गई हो। थूक से लंड चमका रही थी, अंडकोष चाट रही थी। फिर उठी और बोली, “अब मेरी बारी।” उसने अपना टॉप उतारा। उसके स्तन ब्रा से बाहर निकल आए, बड़े, भारी, निप्पल सख्त। मैंने उनको मुंह में लिया, काटने लगा। वो चीखी, “हां काट, दर्द दे।”

हम बेडरूम में गए। उसने साड़ी उतारी। नीचे कोई पैंटी नहीं थी। उसकी चूत साफ शेव्ड, गीली, फूल रही थी। मैंने उंगलियां डालीं। “तेरी चूत कितनी गर्म है,” मैं बोला। वो कराह रही थी, “अंदर डाल लंड, चोद मुझे।” मैंने लंड उसकी चूत में घुसाया। एक झटका और पूरा अंदर। “आह्ह्ह… फाड़ दिया!” वो चीखी।

हम घंटों चोदते रहे। वो ऊपर चढ़ी, मेरे लंड पर उछलने लगी। उसके स्तन उछल रहे थे। मैं उनकी मालिश करता, निप्पल खींचता। “ममथा तू साइको है, लेकिन तेरी चूत स्वर्ग है,” मैंने कहा। वो हंसी, “हां, तेरी साइको लवर हूं, अब तू मेरा है।” उसने मेरे बाल पकड़कर खींचे, फिर गांड पर थप्पड़ मारे।

रात भर चला। वो बार-बार चुदती, चूत से रस बहता, मेरे लंड पर चिपकता। मैंने उसकी गांड भी मारी। पहले उंगली डाली, फिर लंड। “गांड फाड़, पागल,” वो चीखी। हम दोनों पसीने से तर।

दूसरे दिन से उसकी साइको वाली हरकतें शुरू। वो ऑफिस में मेरे पास आती, कान में फुसफुसाती, “रात को फिर आना, वरना तेरी फोटो वायरल कर दूंगी।” डर लगता, लेकिन लंड खड़ा हो जाता।

एक बार मॉनसून में हम उसके फ्लैट गए। बारिश जोरों से। वो नंगी होकर खिड़की के पास खड़ी थी। मैं पीछे से आया, लंड उसकी चूत में डाला। खड़े-खड़े चोदने लगा। पानी की बूंदें हमारे शरीर पर गिर रही थीं। “चोद, चोद, मुझे अपनी बना ले,” वो चीख रही थी।

उसकी चूत से रस निकलकर मेरे अंडकोष पर बह रहा था। मैंने गति बढ़ाई। “ममथा तेरी चूत मेरा है,” मैं गरजा। वो उल्टा मुड़ी, मुझे किस किया, फिर बोली, “अगर किसी और लड़की से बात की तो तेरी गांड में लंड डाल दूंगी।” वो पागल थी, लेकिन सेक्स इतना हॉट कि मैं फंस गया।

हफ्तों चला ये। हर रात नई पोजीशन। कभी वो कुत्ते वाली मुद्रा में, गांड ऊपर, मैं पीछे से चोदता। “गांड मार, और जोर से,” वो कहती। कभी वो मेरे मुंह पर बैठ जाती, चूत चूसने को मजबूर करती। “पी मेरा रस,” वो कहती।

एक रात उसने मुझे बांध दिया बेड से। आंखों पर पट्टी। फिर धीरे-धीरे चूसा, काटा, फिर अचानक लंड चूत में ले लिया। “तू मेरा गुलाम है,” वो बोली। मैंने भी बाद में उसे बांधा, उसकी चूत चाटी, फिर जोर-जोर से चोदा।

समय बीतता गया। ममथा और पागल होती गई। लेकिन सेक्स और बेहतर। वो ऑफिस से आते ही कपड़े फेंकती, “चोद मुझे, आज दिन भर तेरे लंड का ख्याल आ रहा था।” मैं उसे उठाकर दीवार से लगाता, लंड अंदर घुसाता।

उसकी गांड लाल हो जाती थप्पड़ों से। स्तन काटने से निशान पड़ जाते। वो कहती, “ये निशान तेरे हैं, मैं तेरी साइको हूं।”

आखिरकार एक रात हम दोनों थककर गिरे। पसीना, रस, सब मिला हुआ। ममथा बोली, “राहुल, तू मेरा है, हमेशा।” मैंने कहा, “हां ममथा, तेरी साइको लवर हूं मैं भी।”

ये कहानी जारी है। हर रात नया जुनून, नई पागलपन। ममथा मेरी साइको लवर है, और मैं उसका गुलाम लंड।

Related Stories