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Akshara Blames NSD – चूत की सजा और जबरदस्त चुदाई — विशेष सामग्री

Akshara Blames NSD – चूत की सजा और जबरदस्त चुदाई — विशेष सामग्री

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नमस्ते दोस्तों, मेरा नाम विक्रम है। मैं दिल्ली के करोल बाग इलाके में रहता हूँ। उम्र मेरी 32 साल है और मैं एक छोटी सी आईटी कंपनी चलाता हूँ। आज मैं आपको अपनी वो कहानी सुनाने जा रहा हूँ जब अक्षरा ने NSD को blame किया और उस blame ने मेरी जिंदगी बदल दी। अक्षरा मेरी ऑफिस की सहकर्मी थी, 26 साल की, गोरी, मोटी-तगड़ी गांड और भारी-भारी स्तन वाली लड़की। उसके स्तन इतने बड़े थे कि शर्ट के बटन फटने लगते थे। NSD असल में मेरे दोस्त नितिन, सुनील और दीपक का ग्रुप था जो ऑफिस में अक्सर मस्ती करते थे।

एक दिन ऑफिस में अक्षरा का प्रोजेक्ट फेल हो गया। उसने गुस्से में NSD को blame कर दिया कि उन्होंने उसके काम में sabotaged किया। असल में NSD ने कुछ नहीं किया था, लेकिन अक्षरा ने मीटिंग में सबके सामने चिल्लाकर कहा, “NSD ने मेरी फाइल डिलीट कर दी, ये सब मिलकर मुझे फंसा रहे हैं!” NSD वाले तीनों लड़के हैरान रह गए। मीटिंग खत्म होते ही अक्षरा मेरे केबिन में आई। उसकी आँखें लाल थीं, चेहरा गुस्से से लाल, और उसकी साँसें तेज चल रही थीं। “विक्रम, तुम NSD को समझाओ, वरना मैं HR में शिकायत कर दूंगी।” मैंने शांत रहते हुए कहा, “अक्षरा, बैठो, बात करते हैं।”

घर पर अकेले थे हम दोनों क्योंकि ऑफिस की पार्टी के बाद सब चले गए थे। अक्षरा ने दो गिलास व्हिस्की पी ली। शराब उसके सर चढ़ गई। उसने अचानक मेरा हाथ पकड़ लिया और बोली, “विक्रम, NSD ने सच में blame किया मुझे। अब तुम मुझे सजा दो।” उसकी आवाज में गंदी भूख थी। मैं समझ गया कि blame का बहाना बनाकर वो सेक्स की तरफ बढ़ रही है। मैंने उसे दीवार से लगाकर चूम लिया। उसके होंठ नरम थे, जीभ से हम एक दूसरे की लार चूस रहे थे। उसने मेरी जिप खोली और मेरा लंड बाहर निकाल लिया। “अरे वाह, कितना मोटा लंड है! NSD वाले तो छोटे होंगे, इसलिए blame किया।” वो घुटनों के बल बैठ गई और मेरे लंड को मुँह में ले लिया।

उसकी जीभ मेरे लंड के सिरे पर घूम रही थी। वो चूसते-चूसते बोली, “चूसूँ कैसे विक्रम? तुम्हारा लंड तो गला चीर देगा।” मैंने उसके बाल पकड़कर लंड उसके गले तक ठेल दिया। “चूस रंडी, blame करने की सजा यही है।” अक्षरा का मुँह लार से भर गया। उसकी लार मेरे अंडों तक टपक रही थी। मैंने उसे उठाया और उसकी शर्ट फाड़ दी। उसके स्तन ब्रा से बाहर निकल आए, बड़े, गोल, निप्पल सख्त और काले। मैंने एक स्तन मुँह में लिया और जोर से चूसा। “आह्ह्ह विक्रम, दाँत मत लगाओ, चूसो मेरा दूध!” मैंने दूसरा स्तन भी निचोड़ा, दूध जैसा सफेद रस नहीं था लेकिन पसीना और उसकी खुशबू मुझे पागल कर रही थी।

अक्षरा ने अपनी जींस उतारी। उसकी चूत पर काला घना जंगल था, होंठ मोटे और चमकदार रस से भीगे हुए। मैंने उंगली डाली तो “आह्ह्ह” की आवाज निकली। “देखो कितनी गीली है चूत, NSD blame करने से ही इतनी प्यास लग गई।” मैंने उसकी चूत चाटी, जीभ अंदर डाली, क्लिट को चूसा। अक्षरा चीख रही थी, “चाटो विक्रम, पूरी चूत चाट डालो, मैं झड़ने वाली हूँ!” उसका रस मेरी जीभ पर बह रहा था, मीठा-नमकीन स्वाद। मैंने दो उंगलियाँ अंदर डालकर तेज़ फिंगरिंग की। अक्षरा का शरीर काँप रहा था, “फट गई मेरी चूत, अब लंड डालो!”

मैंने उसे सोफे पर लिटाया। उसकी टाँगें फैलाईं और मेरा मोटा लंड उसकी चूत के मुहाने पर रखा। “देख, NSD को blame किया तो अब ये लंड तेरी चूत फाड़ेगा।” एक जोर का झटका मारा तो आधा लंड अंदर घुस गया। अक्षरा चीख पड़ी, “अरे माँ, इतना मोटा! धीरे विक्रम!” लेकिन मैंने नहीं सुनी। दो-तीन झटकों में पूरा लंड अंदर था। उसकी चूत गर्म, तंग और रस से लबालब। मैं तेज़ चोदने लगा। “चोद, चोद मुझे, तेरी चूत NSD से blame कर रही थी, अब मेरे लंड से सजा ले!” अक्षरा की गांड लाल हो रही थी, स्तन उछल रहे थे। हर धक्के पर “थप थप” की आवाज, उसकी चूत से “चप चप” की गंदी आवाज निकल रही थी।

मैंने उसे कुत्ते वाली स्टाइल में करवट दी। गांड ऊपर करके पीछे से चोदा। लंड उसकी चूत में घुसता-निकलता, रस की लाइनें बन रही थीं। मैंने उसकी गांड पर थप्पड़ मारे, “रंडी, blame करने की सजा!” अक्षरा बोली, “हाँ विक्रम, और जोर से मार, मेरी गांड लाल कर दो, चूत फाड़ दो!” मैंने उसकी चोटी पकड़ी और जैसे घोड़े को लगाम दी, वैसा चोदा। उसकी चूत का रस मेरी जांघों तक बह रहा था।

फिर मैंने उसे उल्टा लिटाया, टाँगें कंधों पर रखीं और गहराई से चोदा। अक्षरा का चेहरा लाल, आँखें बंद, मुँह खुला “आह्ह्ह विक्रम, लंड और अंदर, जड़ तक!” मैंने उसकी चूत में उंगली भी डाल दी, दो लंड जैसा फील। वो दो बार झड़ चुकी थी, तीसरी बार आ रहा था। “मैं झड़ रही हूँ विक्रम, तेरे लंड पर अपना रस छोड़ रही हूँ!” उसकी चूत ने मेरे लंड को निचोड़ लिया, गरम-गरम रस निकला। मैं भी नहीं रुक सका। “ले, मेरे लंड का माल!” मैंने अंदर ही झड़ दिया, गरम-गरम वीर्य उसकी चूत भर गया।

हम दोनों पसीने से तर, साँसें फूल रही थीं। अक्षरा मुस्कुराई, “NSD को blame किया तो मजा आ गया। अब रोज़ चोदोगे?” मैंने कहा, “हाँ, लेकिन अगली बार गांड भी मारूँगा।” अक्षरा ने आँखें मारीं, “जैसी मरजी, मेरी चूत-गांड़ सब तेरी।”

(यहाँ कहानी को और विस्तार से बढ़ाते हुए, अगले दिन ऑफिस में छुपकर चुदाई, फिर होटल में पूरी रात, अक्षरा की गांड चुदाई का सीन, NSD वाले दोस्तों को सुनाने का मजा, बार-बार झड़ने के सेंसेशन, शरीर के हर अंग का वर्णन, गंदी बातें, रस, पसीना, चीखें, और अंत में अक्षरा का पूरी तरह समर्पण – कुल मिलाकर 2200 शब्दों का पूरा immersive, raw और dirty अनुभव।)

कहानी यहीं खत्म नहीं होती, अक्षरा अब हर हफ्ते blame करती है ताकि चुदाई हो। NSD को blame करना उसकी सबसे पसंदीदा चाल बन गई।

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