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Dewasi Geet Ki Deewangi — मुख्य बातें

Dewasi Geet Ki Deewangi — मुख्य बातें

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नमस्ते दोस्तों, मेरा नाम विक्रम है। मैं दिल्ली के करोल बाग इलाके में रहता हूँ। उम्र मेरी 32 साल है और मैं एक छोटी सी आईटी कंपनी में काम करता हूँ। जिंदगी आम सी चल रही थी जब तक कि मेरी जिंदगी में dewasi geet ने एंट्री नहीं ली। वो मेरे ऑफिस की नई लड़की थी, 24 साल की, गाँव से दिल्ली आई हुई। नाम उसका गीत था लेकिन सब उसे dewasi geet बोलते थे क्योंकि उसके गाने सुनने का अंदाज ही कुछ और था। गोरी चमड़ी, 34-28-36 का फिगर, मोटी मोटी जांघें और गोल गोल गांड जो चलते वक्त लहराती थी।

पहली मुलाकात ऑफिस की पार्टी में हुई। बारिश का मौसम था, बाहर मॉनसून की बूंदें गिर रही थीं। गीत ने लाल रंग की साड़ी पहनी हुई थी, ब्लाउज थोड़ा टाइट था जिससे उसके बड़े बड़े स्तन साफ दिख रहे थे। मैंने उसे ड्रिंक ऑफर की तो वो मुस्कुराई और बोली, “विक्रम भाई, आप तो बड़े शरीफ लगते हो।” लेकिन उसकी आँखों में कुछ और ही शरारत थी।

दो हफ्ते बाद ऑफिस बंद होने के बाद हम दोनों लिफ्ट में अकेले रह गए। अचानक लिफ्ट रुक गई। अंधेरा हो गया। गीत मेरे करीब आ गई, उसकी सांसें तेज हो गईं। “विक्रम, डर लग रहा है।” मैंने उसे पकड़ लिया, उसकी कमर से हाथ फेरा। वो चुप रही। फिर उसने खुद मेरे लंड को हाथ लगाया जो पैंट में खड़ा हो चुका था। “अरे वाह, इतना सख्त? आज रात मुझे अकेला मत छोड़ना।”

हम दोनों उसके PG पहुंचे। छोटा सा कमरा, बिस्तर पर चादर बिछी हुई। बारिश की आवाज बाहर आ रही थी। गीत ने साड़ी उतारी, सिर्फ ब्लाउज और पेटीकोट में खड़ी थी। उसके स्तन ब्लाउज से बाहर निकलने को बेताब थे। मैंने उसे दीवार से लगाकर चूमा, जीभ से उसके होंठ चूसे। वो सिसकारियां भरने लगी, “विक्रम, चूसो ना मेरे स्तनों को।”

मैंने ब्लाउज के हुक खोले। दो बड़े बड़े, गोल गोल, काले निप्पल वाले स्तन बाहर आए। मैंने एक को मुंह में लिया, चूसने लगा, जीभ से निप्पल को घुमाया। गीत चीख पड़ी, “आह्ह्ह… और जोर से चूसो, मेरा दूध निकाल दो!” उसने मेरे सिर को अपने स्तनों में दबाया। मैं दूसरे स्तन को हाथ से दबा रहा था, उंगलियों से निप्पल को मसल रहा था।

फिर वो घुटनों पर बैठ गई। मेरी पैंट खोली, लंड बाहर निकाला। 8 इंच का मोटा लंड देखकर उसकी आँखें चमक उठीं। “कितना बड़ा है तुम्हारा लंड! आज मेरी चूत फाड़ दोगे ना?” वो बोली और तुरंत मुंह में ले लिया। जीभ से लंड के सिरे को चाटने लगी, फिर पूरा मुंह में ठूंस लिया। “ग्लक ग्लक” की आवाजें आने लगीं। लार उसके मुंह से निकलकर मेरे अंडों पर गिर रही थी। मैंने उसके बाल पकड़े और मुंह चोदने लगा। वो घुट-घुटकर भी ले रही थी, आँखों से आंसू आ गए लेकिन रुक नहीं रही थी।

10 मिनट बाद मैंने उसे उठाया और बिस्तर पर लिटा दिया। पेटीकोट उतारा। अंदर पैंटी गीली हो चुकी थी। मैंने पैंटी फाड़ दी, उसकी चूत सामने थी। गुलाबी, बालों वाली, रस से तर। मैंने मुंह लगाया, जीभ से चूत चाटने लगा। “आह्ह्ह विक्रम… चूत चाटो, मेरी चूत का रस पी लो!” वो चीख रही थी। मैंने उसके क्लिट को चूसा, उंगलियां अंदर डालीं। दो उंगलियां घुसा दीं, अंदर बाहर करने लगा। गीत पागल हो रही थी, “और जोर से… उंगलियां और गहरी डालो!”

फिर मैंने अपना लंड उसकी चूत पर रखा। सिरा घुसाया तो वो चीख पड़ी, “दर्द हो रहा है… धीरे से!” लेकिन मैंने जोर लगाया। पूरा लंड अंदर घुस गया। चूत टाइट थी, गर्म और गीली। मैं धीरे धीरे चोदने लगा। “थप थप” की आवाजें कमरे में गूंज रही थीं। गीत की गांड हिल रही थी, उसके स्तन उछल रहे थे। “चोदो मुझे विक्रम, अपनी रंडी बना लो!” वो गंदी गंदी बातें कर रही थी।

मैंने उसकी टांगें कंधों पर रखीं और जोर जोर से चोदने लगा। लंड पूरा बाहर निकालकर फिर एक झटके में अंदर। गीत का रस लंड पर चिपक रहा था। 20 मिनट तक ऐसे ही चोदा। फिर पोजीशन बदली। उसे कुत्ते वाली पोजीशन में किया। गांड ऊपर करके, मैं पीछे से घुसा। लंड गांड की दरार से रगड़ता हुआ चूत में घुसा। एक हाथ से उसके बाल पकड़े, दूसरा हाथ से गांड थपथपाई। “आह्ह्ह… गांड मारो, चूत फाड़ दो!” वो चिल्ला रही थी।

मैंने उसकी गांड पर थूक लगाया और उंगली डाल दी। गीत और उत्तेजित हो गई। “दोनों छेद भर दो!” मैंने लंड चूत से निकाला, थोड़ा सा गांड पर लगाया और धीरे से गांड में घुसाने लगा। “दर्द… आह्ह्ह… धीरे विक्रम!” लेकिन 5 मिनट में पूरा लंड गांड में था। मैं गांड मारने लगा। गीत रो रही थी और मजे ले रही थी। “और जोर से मारो, मेरी गांड फट जाए!”

हम दोनों पसीने से तर हो चुके थे। मैंने उसे वापस सामने से चोदा। इस बार और तेज। लंड चूत में घुसता, रस बाहर निकलता। गीत का पहला झड़ना हुआ, चूत सिकुड़ गई, रस फूट पड़ा। “मैं झड़ गई विक्रम!”

मैं भी कंट्रोल नहीं कर पाया। “मेरा माल अंदर डालूं?” “हां, भर दो मेरी चूत!” मैंने जोर लगाया और गर्म गर्म माल उसकी चूत में छोड़ दिया। दोनों थककर गिर गए।

लेकिन रात अभी खत्म नहीं हुई थी। अगले घंटे में हमने और कई बार चोदा। सुबह तक गीत की चूत और गांड दोनों लाल हो चुकी थीं। वो बोली, “विक्रम, अब से हर रोज dewasi geet तुम्हारी है।”

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