नमस्ते दोस्तों, मेरा नाम राहुल है। मैं दिल्ली में रहता हूँ और एक छोटी सी इवेंट कंपनी चलाता हूँ। दो साल पहले की बात है जब स्टार प्लस के एक शो की प्रमोशन पार्टी में मुझे बुलाया गया था। पार्टी में अक्षरा नाम की एक्ट्रेस आई थी, जिसका शो उस समय बहुत चल रहा था। वो हकीकत में भी वैसी ही खूबसूरत थी जैसी टीवी पर दिखती थी – गोरी चमड़ी, बड़े-बड़े स्तन, पतली कमर और गोल-गोल गांड जो जींस में फिट होकर और भी ज्यादा उभार लाती थी।
पार्टी खत्म होने के बाद अक्षरा ने मुझे अपनी कार में बैठने को कहा क्योंकि बारिश हो रही थी। हम दोनों अकेले थे। कार में बैठते ही उसने मुझसे कहा, “राहुल, तुम्हारी आँखें मुझे घूर रही थीं पूरी रात। क्या सोच रहे थे?” मैंने सीधा जवाब दिया, “तुम्हारी गांड और चूत का ख्याल आ रहा था अक्षरा।” वो हँसी और बोली, “तो फिर आज रात मुझे अपनी चूत दिखा दूँ?”
हम उसके फ्लैट पहुँचे जो साउथ दिल्ली में था। फ्लैट में घुसते ही अक्षरा ने दरवाजा बंद किया और मेरे सामने घुटनों के बल बैठ गई। उसने मेरी पैंट खोली और मेरा लंड बाहर निकाला। लंड पहले से ही खड़ा हो चुका था। अक्षरा ने उसे हाथ में लिया और बोली, “वाह, कितना मोटा लंड है। आज रात ये मेरी चूत फाड़ देगा।” उसने जीभ से मेरे लंड के सिरे को चाटा, फिर पूरा मुँह में ले लिया। उसका गला गर्म था। वो जोर-जोर से चूस रही थी, लार टपक रही थी। मैंने उसके बालों में हाथ डाला और उसका सिर आगे-पीछे किया। “चूस अक्षरा, मेरे लंड को चूस ले पूरी तरह,” मैंने कहा। वो और जोर से चूसने लगी, उसकी आँखों से आँसू आ गए लेकिन वो रुकी नहीं।
फिर मैंने उसे उठाया और सोफे पर लिटा दिया। उसकी टी-शर्ट उतारी। उसके ब्रा के अंदर से बड़े-बड़े स्तन निकले, निप्पल सख्त हो चुके थे। मैंने एक स्तन को मुँह में लिया और चूसने लगा जबकि हाथ से दूसरे को दबा रहा था। अक्षरा कराह रही थी, “राहुल, मेरे स्तन चूसो, और जोर से काटो।” मैंने उसके निप्पल को दाँतों से हल्का काटा तो वो चीख पड़ी। फिर मैंने उसकी जींस उतारी। अंदर पैंटी गीली हो चुकी थी। मैंने पैंटी खींची और उसकी चूत देखी – गुलाबी, बालों वाली, रस बह रहा था। मैंने अपनी उँगली अंदर डाली। चूत गर्म और तंग थी। “अक्षरा, तेरी चूत कितनी गीली है,” मैंने कहा। वो बोली, “तेरे लंड के लिए ही गीली हुई है। अब चोद मुझे।”
मैंने उसकी टाँगें फैलाईं और अपना लंड उसकी चूत पर रगड़ने लगा। फिर धीरे से धक्का दिया। लंड का सिरा अंदर घुसा। अक्षरा चीखी, “आह्ह्ह… मोटा लग रहा है।” मैंने और जोर लगाया। आधा लंड अंदर चला गया। चूत का रस बह रहा था। मैंने पूरा लंड अंदर घुसा दिया। अक्षरा की आँखें बंद हो गईं। मैं धीरे-धीरे चोदने लगा। “चोदो मुझे राहुल, मेरी चूत फाड़ दो,” वो चिल्ला रही थी। मैंने रफ्तार बढ़ाई। थप्प-थप्प की आवाजें आने लगीं। उसकी गांड के नीचे सोफा गीला हो रहा था।
हमने पोजीशन बदली। अक्षरा कुत्ते वाली मुद्रा में हो गई। मैंने पीछे से उसकी गांड पकड़ी और लंड फिर से चूत में डाला। इस बार और गहराई से घुसा। मैंने उसके बाल खींचे और जोर-जोर से चोदने लगा। “ले अक्षरा, मेरा लंड ले। तेरी चूत आज मेरी हो गई,” मैं गंदी बातें कर रहा था। वो भी बोल रही थी, “हाँ, चोदो मेरी चूत को, रस निकाल दो।” मैंने उसकी गांड पर थप्पड़ मारे। लाल निशान पड़ गए।
फिर वो ऊपर चढ़ गई। मेरे लंड पर बैठ गई और ऊपर-नीचे होने लगी। उसके स्तन उछल रहे थे। मैंने उन्हें हाथों में लिया और दबाया। अक्षरा चीख रही थी, “मेरा orgasam आ रहा है राहुल।” उसका शरीर काँपने लगा और चूत से गर्म रस निकला जो मेरे लंड पर बह गया।
हमने दो घंटे तक चोदा। मैंने उसकी गांड भी चाटी। उसकी गांड की दरार में जीभ डाली। अक्षरा मूतने लगी, “राहुल, मेरी गांड चाटो।” फिर मैंने लंड उसकी गांड में डालने की कोशिश की। वो तंग थी लेकिन धीरे-धीरे घुस गया। गांड चोदते हुए मैंने उसकी चूत में उँगलियाँ डालीं। अक्षरा दो-दो छेदों से चुद रही थी।
रात भर हमने तीन बार चोदा। आखिरी बार मैंने उसके मुँह में लंड डालकर झड़ गया। उसने सारा वीर्य पी लिया। सुबह होने पर अक्षरा ने कहा, “राहुल, ये हमारी सीcret रहेगी।”
इसके बाद हम कई बार मिले। हर बार नई-नई गंदी हरकतें होती थीं। अक्षरा की चूत और गांड मेरे लंड की आदी हो गई थी। यही थी मेरी अक्षरा स्टार प्लस वाली XXX वाली कहानी।